Maiya Samman Yojana: होली के त्योहार से पहले झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) की अगली किस्त जल्द ही लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर करने का ऐलान किया है। यह राशि होली से पहले ही महिलाओं के खातों में पहुंच जाएगी, जिससे त्योहार के सीजन में उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस बार भुगतान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
कब आएगी अगली किस्त?
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने जानकारी दी है कि योजना के लाभार्थियों के नामों का सत्यापन (Verification) तेजी से किया जा रहा है। जांच में यह पाया गया है कि कुछ ऐसी महिलाएं भी योजना का लाभ ले रही हैं, जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करतीं। ऐसे अपात्र नामों को सूची से हटाया जाएगा और उनकी जगह नई पात्र महिलाओं को जोड़ा जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद ही अगली किस्त जारी कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह भुगतान होली से पहले सप्ताह में कभी भी किया जा सकता है।
17वीं और 18वीं किस्त से वंचितों को मिलेगा ₹5000 का एकमुश्त भुगतान
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जिन लाभार्थियों को अब तक 17वीं और 18वीं किस्त का भुगतान नहीं मिला है, उनके लिए सरकार ने विशेष इंतजाम किया है। मंत्री चमरा लिंडा ने स्पष्ट किया कि ऐसी महिलाओं को दोनों किश्तों की राशि एक साथ दी जाएगी। यानी जिन लाभार्थियों को 17वीं और 18वीं किस्त नहीं मिली, उनके खातों में एकमुश्त ₹5,000 (प्रति किस्त ₹2,500 के हिसाब से) ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे उन महिलाओं को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जो लंबे समय से अपनी बकाया राशि का इंतजार कर रही थीं।
क्या है सत्यापन प्रक्रिया और क्यों है जरूरी?
सरकार का फोकस इस बात पर है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिले। इसके लिए चल रहे सत्यापन अभियान में उन महिलाओं की पहचान की जा रही है जो किसी कारणवश पात्रता के दायरे में नहीं आतीं। इसमें वे महिलाएं शामिल हो सकती हैं जिनकी आय सीमा अधिक है, या जिनका कोई परिवार का सदस्य सरकारी नौकरी में है, या जो किसी अन्य शर्त को पूरा नहीं करतीं। इन अपात्र महिलाओं को हटाने के बाद उनकी जगह नई पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया से योजना की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
बजट में किया गया बड़ा प्रावधान
इसी बीच शुक्रवार को झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इस बजट में कुल ₹6,450 करोड़ का प्रावधान रखा। इस बजट में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अलावा सर्वजन पेंशन, साइकिल वितरण, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, कंबल और वस्त्र वितरण और मुख्यमंत्री किशोरी कल्याणार्थ जैसी कई महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए भी राशि निर्धारित की गई है। यह दिखाता है कि सरकार का फोकस समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है।
होली से पहले मिलेगा आर्थिक सहारा
होली का त्योहार खरीदारी और खर्चों का समय होता है। ऐसे में सरकार की यह किश्त महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। इस राशि से वे त्योहार की तैयारियां कर सकेंगी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर सकेंगी। वहीं, जिन महिलाओं की बकाया किश्तें अटकी हुई थीं, उनके लिए ₹5000 का एकमुश्त भुगतान बड़ी राहत लेकर आएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की अगली किस्त होली से पहले जारी होगी।
17वीं और 18वीं किस्त से वंचित महिलाओं को ₹5000 का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
पात्रता सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों का सत्यापन तेजी से जारी है, अपात्र हटेंगे।
विधानसभा में पेश अनुपूरक बजट में कल्याणकारी योजनाओं के लिए ₹6450 करोड़ का प्रावधान।
होली से पहले राशि मिलने से महिलाओं को त्योहारी सीजन में आर्थिक सहारा मिलेगा।








