Youth Congress AI Summit Protest: 20 फरवरी 2026, दोपहर करीब साढ़े बारह बजे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit के अंतिम दिन दुनिया भर के नीति-निर्माता, टेक्नोलॉजी लीडर और विदेशी मेहमान जुटे थे। तभी हॉल नंबर 5 में अचानक नारों की आवाज़ें गूंजने लगीं — “PM Is Compromised… PM Is Compromised।” यूथ कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता अपनी शर्टें उतारकर हाथों में सफेद टी-शर्ट लहराने लगे, जिन पर PM मोदी और ट्रंप की तस्वीरें थीं और साथ में लिखा था — “India US Trade Deal”, “Epstein Files”, “PM Is Compromised।”
दिल्ली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को हॉल से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद उन्हें तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। Iran International इस हंगामे ने न सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि को झकझोरा, बल्कि देश की राजनीति में एक नई और तीखी बहस की शुरुआत कर दी।
कौन थे वो जो गिरफ्तार हुए — और कैसे पहुंचे अंदर?
करीब एक दर्जन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर भारत मंडपम में प्रवेश किया था और दोपहर करीब 12:30 बजे यह प्रदर्शन किया। INVC दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त देवेश महला के अनुसार, ये लोग ऊपर से स्वेटर और जैकेट पहनकर आए थे और हॉल नंबर 5 के पास पहुंचकर उन्होंने अपने ऊपरी कपड़े उतार दिए।
पुलिस ने चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। The Times of Israel गिरफ्तार होने वालों में भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण हरी, बिहार प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार और राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव शामिल थे।
BJP का पलटवार — “देशद्रोह से कम नहीं”
प्रदर्शन होते ही भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। शिवराज सिंह चौहान, संबित पात्रा, स्मृति ईरानी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत दर्जनों नेताओं ने एक के बाद एक बयान जारी किए।
भाजपा प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का व्यवहार अक्षम्य है और यह देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश को दर्शाता है। CNBC संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को “देशद्रोही” कहा, तो एक बयान में राहुल गांधी को “गोली मार देने” जैसी धमकी भी सामने आई।
भाजपा ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन “आकस्मिक नहीं, बल्कि सुनियोजित” था और नरसिम्हा यादव की राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की। The Times of Israel
राहुल गांधी के पांच सवाल — जिनका जवाब नहीं आया
इस हंगामे से पहले ही राहुल गांधी India-US Trade Deal को लेकर सरकार पर हमलावर थे। उन्होंने संसद में और सोशल मीडिया पर एक के बाद एक सवाल दागे।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत का डेटा अमेरिकी कंपनियों को औने-पौने दाम में सौंपा जा रहा है और देश “डेटा कॉलोनी” बनने की ओर बढ़ रहा है। Indiaai उन्होंने पूछा — किसानों की बलि क्यों? अमेरिका से हर साल 100 बिलियन डॉलर का आयात करने का वादा क्यों? रूस से तेल खरीदने का अधिकार किसने छोड़ा?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर एक तरफ Epstein Files का दबाव है, दूसरी तरफ अदाणी मामला, चीन की सीमा और अमेरिका — “हमारे PM इन grips और chokes के बीच फंसे हुए हैं।” Onmanorama
Epstein Files — भारत में पहली बार कैबिनेट मंत्री का नाम
यह प्रकरण केवल एक प्रदर्शन या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया कि वे Epstein से 2009 से 2013 के बीच तीन से चार बार मिले जब वे UN में भारत के राजदूत थे, लेकिन किसी भी अपराध में संलिप्तता से इनकार किया। Business Standard
सामने आए दस्तावेज़ों में Puri और Epstein के बीच ईमेल आदान-प्रदान था, जिसमें दिसंबर 2014 का एक ईमेल भी शामिल है जहां Puri ने Epstein को उनके “exotic island” से लौटने पर मिलने का प्रस्ताव रखा था। एक और मामले में Puri ने Epstein की सहायक को वीज़ा प्रक्रिया तेज़ करने में मदद की। Business Standard
इससे पहले इसी Epstein मामले में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के छोटे भाई प्रिंस एंड्रू की गिरफ्तारी हो चुकी है और दुबई की DP World के चेयरमैन को इस्तीफा देना पड़ा है। लेकिन भारत में सरकार की ओर से अब तक खामोशी बरती गई है।
व्यापार डील में भारत को क्या मिला — और क्या गया?
AI Summit के मंच से ही अमेरिकी राजदूत ने खुले तौर पर कहा कि भारत को अब रूस से तेल खरीदना बंद करना होगा। यह वही सवाल है जो राहुल गांधी संसद में पूछ रहे हैं — लेकिन सरकार के मंत्री इसका जवाब नहीं दे रहे।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पहले 50% टैरिफ था, अब 18% है — “हमने तो कम किया।” लेकिन विपक्ष का सवाल यह है कि जो व्यापारी पहले 2-3% टैरिफ देते थे, वे अब 18% क्यों दें? यही चिंता देश के निर्यातकों और व्यापारियों में भी दिख रही है।
रेड कारपेट के नीचे क्या था?
AI Summit एक ऐसा मंच था जिसे भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षा दिखाने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन एक साथ तीन मोर्चों पर विवाद — Epstein Files, Trade Deal और अब यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन — ने इस आयोजन की साख को एक अलग ही रंग दे दिया।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि हर बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन — चाहे G20 हो या AI Summit — असल समस्याओं से ध्यान भटकाने का ज़रिया बन जाता है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जो आयोजन भारत की शोकेस बन सकता था, वह “उथल-पुथल” में बदल गया और आगंतुकों को भोजन-पानी तक की बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। Business Standard
मुख्य बातें (Key Points)
- 20 फरवरी को भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के 10 से अधिक कार्यकर्ताओं ने “शर्टलेस प्रोटेस्ट” किया; 4 गिरफ्तार होकर पटियाला हाउस कोर्ट पेश हुए।
- प्रदर्शनकारियों ने India-US Trade Deal, Epstein Files और “PM Is Compromised” के नारे लगाए।
- राहुल गांधी ने Trade Deal पर सरकार से पांच सवाल पूछे — किसान, डेटा, ऊर्जा सुरक्षता और संप्रभुता को लेकर — किसी का जवाब नहीं आया।
- केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने Epstein से मुलाकात स्वीकारी लेकिन किसी गलत काम से इनकार किया; BJP ने राहुल को “देशद्रोही” और “गद्दार” कहा।








