AI Impact Summit 2026 Delhi : दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी तक India AI Impact Summit का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कोई साधारण टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस नहीं है—इसमें न सिर्फ दुनिया की टॉप टेक कंपनियों के दिग्गज शामिल हो रहे हैं, बल्कि कई देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भी हिस्सा ले रहे हैं। मतलब साफ है—अब सरकारें भी एआई (Artificial Intelligence) को लेकर गंभीर हो चुकी हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस एआई समिट से आम लोगों—किसानों, छात्रों, शिक्षकों और छोटे कारोबारियों—को आखिर क्या फायदा होगा?
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) की पहल पर इस समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पॉलिसी, रिसर्च, इंडस्ट्री और आम लोगों की भागीदारी—सभी को शामिल किया गया है।
‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’: इस बार की थीम है खास
इस बार एआई इंपैक्ट समिट की थीम रखी गई है—”सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।” मतलब सबको साथ लेकर चलना, सबके हितों की बात करना और सबको सुख पहुंचाना। पिछली समिटों में जहां एआई के खतरों और सुरक्षा पर फोकस था, वहीं इस बार मुख्य मुद्दा यह है कि एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे। सरकार ने इसे “एआई विभाजन” (AI Divide) को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि आज से कुछ दशक पहले चर्चा होती थी कि आने वाला समय कंप्यूटर का है—और जिन लोगों ने कंप्यूटर के साथ खुद को ढाल लिया, वे तरक्की कर गए। अब मामला कंप्यूटर से बहुत आगे जा चुका है। आने वाला समय एआई का है और जो इसे समझेगा, वही आगे बढ़ेगा।
300 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स का एक्सपो: जानें एआई में क्या नया है
एआई इंपैक्ट समिट में एक बड़ा एक्सपो भी लगाया गया है, जहां 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स दिखाए जाएंगे। ये तमाम कंपनियों की रिसर्च और इनोवेशन पर आधारित हैं। यहां लोग इस बात की जानकारी हासिल कर सकेंगे कि अभी एआई में क्या नया हो रहा है और भविष्य में क्या बदलाव आने वाले हैं।
आज के समय में एआई पहले से ही हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। Google का एआई हो, ChatGPT हो या Claude जैसे AI टूल्स—ये इमेज बना रहे हैं, वीडियो क्रिएट कर रहे हैं, स्क्रिप्ट लिख रहे हैं और चंद सेकंडों में रिसर्च कर दे रहे हैं। एक्सपो में विशेषज्ञ बताएंगे कि अब तक क्या रिसर्च हुई है, उसका प्रभाव क्या रहा है और आगे किन विषयों पर काम चल रहा है।
आम लोगों को कैसे होगा फायदा? एजुकेशन से लेकर खेती तक
एआई इंपैक्ट समिट का सबसे अहम पहलू यह है कि इसमें आम लोगों के फायदे पर जोर दिया जा रहा है। एजुकेशन, हेल्थ, खेती और सरकारी योजनाओं—हर क्षेत्र में एआई कैसे मददगार हो सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
शिक्षा में एआई: एक समय था जब इंफॉर्मेशन के लिए लाइब्रेरी में किताबें ढूंढनी पड़ती थीं—कौन सी किताब, कौन सा पन्ना। फिर कंप्यूटर आया, फिर Google आया और रिसर्च आसान हो गई। अब एआई इसी रिसर्च को छात्रों और शिक्षकों के लिए और भी आसान बना देगा। प्रेजेंटेशन बनाना हो, नई जानकारी जुटानी हो—सब चंद सेकंडों में संभव होगा।
खेती में एआई: किसानों के लिए एआई गेमचेंजर साबित हो सकता है। पहले बारिश का कोई अनुमान नहीं था, अब मोबाइल पर मौसम की जानकारी मिल जाती है। एआई इन सब चीजों को और एक्यूरेट बनाएगा। यहां तक कि लोग उम्मीद लगा रहे हैं कि भविष्य में एआई भूकंप का भी प्रेडिक्शन कर पाएगा।
छोटे शहरों और गांवों तक एआई: Tier-2, Tier-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों के लिए एआई को उपयोगी बनाने पर खास चर्चा हो रही है। नई नौकरियां बनाने और स्किल डेवलपमेंट में भी एआई की भूमिका पर फोकस किया जा रहा है।
100 देश, 20 सरकार प्रमुख, 50 से ज्यादा CEO: कितना विशाल है यह समिट
India AI Impact Summit का पैमाना बेहद विशाल है। इसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। 20 सरकारों के प्रमुख, कई देशों के मंत्री और दुनियाभर की प्रमुख कंपनियों के 50 से ज्यादा CEO भी मौजूद हैं। भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हैं। एआई इकोसिस्टम से जुड़े करीब 500 लोग—इनोवेटर्स, रिसर्चर्स और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स—हिस्सा ले रहे हैं।
एआई की चुनौतियां भी होंगी चर्चा का विषय
समिट में सिर्फ एआई के फायदों पर ही नहीं, बल्कि इसकी चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी। एआई का मिसयूज कैसे हो सकता है, इंफॉर्मेशन लीक का खतरा कैसे है और सिक्योरिटी को कैसे मजबूत किया जाए—ये सब मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।
‘जानें पूरा मामला’: पहले कहां-कहां हुई एआई समिट
भारत में यह समिट पहली बार नहीं हो रही। इससे पहले दुनिया के अलग-अलग देशों में एआई समिट आयोजित हो चुकी हैं। 2023 में ब्रिटेन में हुई समिट में गोपनीयता, डाटा सुरक्षा, जवाबदेही और मानव निगरानी जैसे मुद्दे उठाए गए। सियोल में एआई जोखिम को समझने और जांचने के लिए वैज्ञानिक सहयोग जरूरी बताया गया। 2025 में पेरिस में कहा गया कि एआई का इस्तेमाल सार्वजनिक भलाई के लिए होना चाहिए। लेकिन भारत की इस समिट का फोकस अलग है—यहां एआई का फायदा आम लोगों, गरीबों और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे, यही सबसे बड़ा मुद्दा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी तक AI Impact Summit का आयोजन, थीम है ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’।
- 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 20 सरकारों के प्रमुख और 50 से ज्यादा CEO शामिल, 300+ प्रोजेक्ट्स का एक्सपो।
- एजुकेशन, हेल्थ, खेती और स्किल डेवलपमेंट में एआई कैसे मदद करेगा, इस पर विशेष चर्चा हो रही है।
- पिछली समिटों में एआई के खतरों पर फोकस था, इस बार मुद्दा है एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे।








