Meditation Tips Stress Relief: तनाव हमें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है। मन स्थिर नहीं है, एक सोच हमें बार-बार परेशान कर रही है, कुछ प्रोडक्टिव काम नहीं कर पा रहे हैं। तनाव की वजह से अपनों के साथ रिश्ते भी खराब हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि ये हमारे जीवन की सबसे बड़ी बाधा है। कैसे इससे छुटकारा पाएं? एक्सपर्ट ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनका ब्लड प्रेशर 180 तक पहुंच गया था, लेकिन ध्यान और आयुर्वेदिक उपायों से उन्होंने इसे नियंत्रित किया।
एक्सपर्ट ने कहा, “भारत के करोड़ों लोग इतने स्ट्रेस में हैं, इतने तनाव में हैं। मैंने दोनों जीवन को गहरे से फील किया है। जब मैं रात-दिन, सुबह से उठने से लेकर रात तक कंटेंट की, ट्रेनिंग की, लोगों से मिलने की टेंशन लेता हूं, तो मैंने वर्षों का अनुभव किया है। लेकिन जब-जब मैं नॉन-डूइंग सिचुएशन पर बैठता हूं, ध्यान की मुद्रा में बैठता हूं, तो मुझे गहरे से इतना गहरा एक्सपीरियंस होता है।”
स्ट्रेस और ध्यान: दो अलग दुनिया
एक्सपर्ट ने बताया कि उन्होंने दो जीवन जिए – एक घनघोर स्ट्रेस का और एक घनघोर अकर्ता, नॉन-डूइंग, ध्यान की स्टेज का। इन दोनों में सुख और दुख का बहुत अंतर है।
“स्ट्रेस में महान दुख है और नॉन-डूइंग, ध्यान की स्थिति में महान सुख है। जब आपका एक-एक शरीर का अंग ऐसे फील होता है जैसे छूट रहा है, रिलैक्स हो रहा है, जैसे स्वतंत्र हो रहा है।”
BP 180 तक पहुंच गया था
एक्सपर्ट ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, “मैंने उस टाइम BP नापा जब मेरे पास अगले तीन दिन में तीन ट्रेनिंग थीं। लेकिन कुछ ऐसी ट्रेनिंग्स आईं जो उसी शहर में एक-एक लेने से डबल हो गईं। उन ट्रेनिंग का कंटेंट अलग बनाना पड़ा। उनके लिए प्रेशर और लेना पड़ा, किताबें लेनी पड़ीं और कुछ सुनना पड़ा। मैंने BP नापा तो 180 चला गया।”
यह एक खतरनाक स्तर है। उन्होंने कहा, “तो मैं जो जी रहा हूं, वही तो करोड़ों लोग भारत के जी रहे हैं। कुछ ना कुछ अपने काम के लक्ष्य के लिए भाग रहे हैं।”
उपाय 1: 100 से उल्टी गिनती गिनें
बहुत लोग कहते हैं कि ध्यान लगाओ, ध्यान लगाओ, लेकिन लगता नहीं है। बैठते हैं तो दिमाग में चलने लग जाता है – उसके पैसे देने हैं, उससे लेने थे, उसका ये करना था।
एक्सपर्ट ने बताया, “मैंने उनको बताया कि एक काम करो। आप 100 से लेकर आंखें बंद करो। ऐसे 100 से लेकर एक तक की उल्टी गिनती गिनो।”
यह एक गहरी बात है। जब लोग 100 से उल्टी गिनती गिनते हैं तो बीच में अटक जाते हैं। फिर 100 पर जाते हैं। सांप-सीढ़ी की तरह 96 पर जाकर पीछे आए, फिर गए, फिर गए। वो उसी में उलझ जाते हैं कि 100 से एक आता क्यों नहीं है। ताकि वो एक जगह फोकस हो गया। वन थिंग पर, वो मेनी थिंग से वन थिंग पर आ गया।
उपाय 2: उल्टे हाथ से नाम लिखें
एक्सपर्ट ने दूसरा उपाय बताया, “और एक काम करो – जिस भी आप देवी-देवता को मानते हो, गुरु को मानते हो, चाहे आप अपने पिता को मानते हो, खुद को मानते हो, कुछ भी, उसका नाम उल्टे हाथ से लिखना शुरू करो।”
उन्होंने अपना अनुभव साझा किया, “जैसे मैं लिखता हूं – वाहेगुरु, वाहेगुरु, वाहेगुरु। मुझे एक साल लगा ‘वाह’ सीधा लिखने में। और जिस दिन मैंने वाहेगुरु सीधा लिखना शुरू कर दिया, मेरे दिन भी सीधे हो गए, क्योंकि मैं कंसंट्रेट हो गया।”
जब वो वाहेगुरु लिखते थे, कभी ‘वाह’ हिलता था, कभी ‘हे’ हिलता था, कभी ‘गु’ हिलता था, कभी ‘रु’ हिलता था – वो जुड़ नहीं रहा था। जैसे ही वो जुड़ने लगा, एकदम दिमाग की बत्ती जली और स्ट्रेस हो गया कहीं गायब।
उपाय 3: अनुलोम-विलोम प्राणायाम
तीसरा और सबसे बेहतर उपाय है अनुलोम-विलोम। एक्सपर्ट ने कहा, “आपका BP बढ़ा हुआ है? आलती-पालती मार के बैठ जाओ, ध्यान लगा के थोड़ी देर, और जो भी करना है – ओम करो, एक ओंकार करो, आप जो भी मजहब में हो अपना मंत्र पढ़ो। और उसके बाद अनुलोम-विलोम करो।”
उन्होंने बताया कि इससे BP एकदम नॉर्मल आ जाता है।
आयुर्वेदिक उपाय: सर्पगंधा और अर्जुन छाल
जब लोग कहते हैं कि गाड़ी में जा रहे हैं, BP बढ़ गया, कहां गाड़ी रोकें, कहां आलती-पालती मारें, तो उनके लिए एक्सपर्ट ने आयुर्वेदिक उपाय बताया।
“एक जड़ी-बूटी है – सर्पगंधा। उस बूटी में से सांप की विल जैसी स्मेल आती है, इसलिए इसका नाम रखा सर्पगंधा। सांप के जैसी गंध।”
60:40 का अनुपात
एक्सपर्ट ने बताया, “सर्पगंधा का पाउडर ले लो। उसके अंदर अर्जुन छाल का पाउडर मिला दो। अर्जुन छाल का पाउडर जो है, हार्ट की आर्टरीज को, सप्लाई को रेगुलर करता है। ब्लड सर्कुलेशन को रेगुलर करता है या हार्ट के अंदर जो ब्लॉकेज है, उसको खोलता है।”
उन्होंने अनुपात बताया – 60% सर्पगंधा और 40% अर्जुन छाल का पाउडर। इसको कूट-पीस के रख लो। आधा चम्मच खाओ रात को या दिन को किसी भी टाइम।
सर्पगंधा के फायदे
सर्पगंधा BP को कम करता है और नींद अच्छी लेकर आता है। अर्जुन छाल हार्ट के अंदर किसी भी किस्म की कोई प्रॉब्लम का सबसे बड़ा गुरु है।
एक्सपर्ट ने दावा किया, “आपको मतलब कभी जिंदगी में कोई भी आपके बच्चे को एंबुलेंस को फोन नहीं करना पड़ेगा कि मेरे पापा को अटैक आ गया, लेके जाओ।”
वेलनेस और आयुर्वेद का संयोजन
एक्सपर्ट ने समझाया कि अगर ध्यान की मुद्रा में आप हजारों टेंशन से वन थिंग पर फोकस्ड होते हो, तो वेलनेस मदद करेगी, आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
और अगर फिर भी तकलीफ है तो सीधा उपाय है – सर्पगंधा और अर्जुन छाल 60:40 का रेशो और स्वस्थ हो जाओ।
मुख्य बातें (Key Points)
- 100 से 1 तक उल्टी गिनती गिनने से मन एक जगह फोकस होता है और तनाव कम होता है
- उल्टे हाथ से देवी-देवता या गुरु का नाम लिखने से कंसंट्रेशन बढ़ता है
- अनुलोम-विलोम प्राणायाम से BP एकदम नॉर्मल हो जाता है
- सर्पगंधा (60%) और अर्जुन छाल (40%) का मिश्रण BP और हार्ट की समस्याओं के लिए रामबाण है
- ध्यान की स्थिति में महान सुख है, स्ट्रेस में महान दुख








