Sambhal Tamanna Malik Viral Video: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक महिला तमन्ना मलिक की कहानी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। यह महिला मुस्लिम है और बुर्का पहनती है। लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर उन्होंने हरिद्वार से 170 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा की और गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक भी किया। सुनकर हैरानी होती है ना? लेकिन यह सच है और इसके पीछे एक खूबसूरत प्रेम कहानी भी है। हालांकि, इस पर विवाद भी खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान ने तमन्ना पर तीखी टिप्पणी की है।
तमन्ना मलिक संभल जिले के बदनपुर बसई गांव की रहने वाली हैं। वो मूल रूप से मुस्लिम परिवार से हैं। लेकिन 3 साल पहले उन्होंने एक हिंदू लड़के अमन त्यागी से प्यार किया और लव मैरिज भी की। दोनों ने परिवार की मंजूरी से शादी की और अब उनके दो प्यारे बच्चे भी हैं – आर्यन और दक्षा।
शिव से मांगी थी मन्नत, अब पूरी की
शादी से पहले तमन्ना ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी शादी हो गई तो कांवड़ लेकर हरिद्वार से गंगाजल लाएंगी और शिवजी का जलाभिषेक भी करेंगी।
देखिए, मन्नत पूरी हुई तो तमन्ना ने 10 फरवरी को हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू की। यह यात्रा आसान नहीं थी। 170 किलोमीटर पैदल चलना, कंधे पर कांवड़, गर्मी, थकान – लेकिन तमन्ना ने पूरा किया।
पूरी यात्रा में बुर्का पहने रहीं
खास बात यह है कि पूरी यात्रा में उन्होंने बुर्का पहना हुआ था। क्यों? क्योंकि तमन्ना पहले से ही बुर्का पहनती हैं। यह उनका रोज का पहनावा है।
वह कहती हैं, “मैं हमेशा बुर्का पहनती हूं। तो कांवड़ में भी वही पहनूंगी। इसमें गलत क्या है?” यह सवाल उन लोगों के लिए है जो इस पर सवाल उठा रहे हैं।
रास्ते में मिला जबरदस्त स्वागत
रास्ते में क्या कुछ हुआ, वो भी दिलचस्प है। दरअसल सनातन धर्म के लोग, श्रद्धालु, VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता सबने उनका खूब स्वागत किया।
फूल बरसाए, हर-हर महादेव और बम बम भोले के नारे भी लगे। पानी पिलाया और उनके साथ चले। पुलिस ने भी उन्हें सुरक्षा दी। यह दृश्य सांप्रदायिक सद्भावना की एक खूबसूरत मिसाल था।
शेम नाम मंदिर में किया जलाभिषेक
संभल पहुंचकर तमन्ना ने शेम नाम मंदिर में शिवजी को जलाभिषेक किया। महाशिवरात्रि के दिन यह सब हुआ और तमन्ना हर-हर महादेव बोलते हुए पूजा में शामिल हुईं।
उनके पति अमन भी साथ थे। पूरा सपोर्ट कर रहे थे। और यह देखकर लगता है जैसे धर्म की दीवारें कहीं ना कहीं टूट रही हैं और सिर्फ भक्ति ही बाकी रह गई है।
SP सांसद जिया उर रहमान ने किया विरोध
लेकिन दोस्तों, हर बात पर सबकी एक जैसी राय नहीं होती। इस खबर पर लगातार विवाद भी देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान ने तमन्ना पर तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि तमन्ना ने दूसरे धर्म में शादी कर ली है तो उन्हें अपने समाज के त्योहार मनाने चाहिए। वह बोले, “तमन्ना कोई धर्मगुरु नहीं है। कम जानकारी में गलत कदम उठाया। इससे उनका समाज उन पर भरोसा खो सकता है।”
मोहम्मद दीपक की मिसाल दी
उन्होंने एक पुरानी मिसाल भी दी – मोहम्मद दीपक की – और कहा कि दोनों की तुलना ना करें। उनका कहना था कि दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन ना हो।
यह बयान विवादास्पद है क्योंकि तमन्ना ने किसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने सिर्फ अपनी आस्था का इजहार किया।
तमन्ना का करारा जवाब
तमन्ना ने इसका जवाब दिया कि विरोध करने वाले अनजान हैं। उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। वह कहती हैं, “मैंने अपनी आस्था दिखाई, मन्नत पूरी की। बुर्का मेरा हिस्सा है। इसमें किसी को दिक्कत आखिर क्यों है?”
यह सवाल वाकई सोचने पर मजबूर करता है। अगर कोई अपनी आस्था के अनुसार पूजा कर रहा है, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?
आस्था, प्रेम और एकता की कहानी
यह कहानी आस्था की, प्रेम की और एकता की भी है। एक तरफ लोग इसे सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं।
तमन्ना की कहानी यह दिखाती है कि धर्म की दीवारें भक्ति के सामने कमजोर पड़ जाती हैं। जब कोई सच्चे मन से किसी को पूजता है, तो उसका धर्म मायने नहीं रखता।
सोशल मीडिया पर वायरल
तमन्ना की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे सराह रहे हैं, तो कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं।
लेकिन ज्यादातर लोगों की राय यही है कि तमन्ना ने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने सिर्फ अपनी मन्नत पूरी की और अपनी आस्था का इजहार किया।
धर्म से ऊपर है इंसानियत
यह कहानी हमें यह सिखाती है कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। अगर कोई किसी को सच्चे मन से पूजता है, तो उसका धर्म मायने नहीं रखता।
तमन्ना ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और आस्था में कोई धर्म नहीं होता। वह एक मुस्लिम महिला हैं, लेकिन उन्होंने भगवान शिव की पूजा की और कोई इसे रोक नहीं सकता।
परिवार का साथ मिला
सबसे अच्छी बात यह है कि तमन्ना को उनके परिवार का पूरा साथ मिला। उनके पति अमन त्यागी ने हर कदम पर उनका सपोर्ट किया।
यह दिखाता है कि जब परिवार साथ हो, तो कोई भी मुश्किल आसान हो जाती है। तमन्ना और अमन की प्रेम कहानी एक मिसाल है।
मुख्य बातें (Key Points)
- संभल की मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक ने बुर्के में हरिद्वार से 170 किमी पैदल कांवड़ यात्रा की
- शादी से पहले शिव से मांगी थी मन्नत, महाशिवरात्रि पर पूरी की
- 3 साल पहले हिंदू लड़के अमन त्यागी से लव मैरिज की, दो बच्चे हैं
- SP सांसद जिया उर रहमान ने विरोध किया, कहा- गलत कदम उठाया
- तमन्ना का जवाब- बुर्का मेरा हिस्सा है, आस्था दिखाने में गलत क्या है








