Sidhu Moosewala Family FIR: दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के परिवार को राहत मिलती दिख रही है। मानसा पुलिस ने आखिरकार सिद्धू की मां चरण कौर के बयानों के आधार पर वन डिजिटल कंपनी समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सिद्धू के माता-पिता ने SSP कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया था और ₹30 करोड़ की हेराफेरी का आरोप लगाया था।
पिछले सप्ताह 11 फरवरी को सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर ने मानसा में SSP कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंपनी के मालिक उनके दिवंगत बेटे की कमाई खा रहे हैं और उन्हें उसका हिसाब भी नहीं दिया जा रहा। इस दौरान उन्होंने ₹30 करोड़ की हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया।
FIR में किसके खिलाफ दर्ज हुआ केस?
मानसा के थाना सदर पुलिस ने चरण कौर के बयानों पर वन डिजिटल कंपनी के साथ गुरप्रीत सिंह और शब्बीर मोमिन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, बलकौर सिंह ने म्यूजिक प्रोड्यूसर बंटी बैंस पर भी आरोप लगाए थे, लेकिन FIR में उनका नाम शामिल नहीं है।
यह केस धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर दर्ज किया गया है। परिवार का कहना है कि जो कंपनियां सिद्धू के गानों की मार्केटिंग और डिजिटल राइट्स संभाल रही हैं, वे पिछले करीब एक साल से न तो ऑडिट रिपोर्ट दे रही हैं और न ही रॉयल्टी का पैसा दे रही हैं।
रॉयल्टी और ऑडिट रिपोर्ट का विवाद
11 फरवरी को मानसा SSP ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान सिद्धू के पिता बलकौर सिंह ने कहा था कि जो कंपनियां उनके बेटे के गानों की मार्केटिंग और डिजिटल राइट्स संभाल रही हैं, वे पिछले करीब एक साल से न तो ऑडिट रिपोर्ट दे रहीं हैं और न ही रॉयल्टी का पैसा दे रही हैं।
सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद से उनके कई गाने रिलीज हुए हैं, जिनमें से वार, मेरा ना, SYL जैसे गाने ग्लोबल चार्ट्स पर टॉप पर पहुंचे। उनके यूट्यूब चैनल पर करीब 600 करोड़ से ज्यादा व्यूज हैं। इस पर परिवार का कहना है कि यह उनके बेटे की कड़ी मेहनत का फल है और इस पर सिर्फ उनके माता-पिता का ही अधिकार है।
हर महीने ₹30 करोड़ की कमाई का अनुमान
सिद्धू के माता-पिता ने पैसों को लेकर कोई सटीक आंकड़ा नहीं बताया है, लेकिन बंटी बैंस ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि सिद्धू मूसेवाला के गानों से यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे प्लेटफॉर्म्स से हर महीने करीब ₹30 करोड़ की कमाई हो सकती है।
यह आंकड़ा सिद्धू मूसेवाला की लोकप्रियता और उनके गानों की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है। परिवार का कहना है कि उन्हें इस कमाई का सही हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है।
DIG ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था
धरने पर मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा था कि वह वन डिजिटल कंपनी और उसके मैनेजर बंटी बैंस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन जून 2025 से उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सीएम भगवंत मान का ओएसडी भी इसमें खेल कर रहा है। उन्होंने कहा था कि पहले उनका बेटा मरवा दिया गया, अब उसकी कमाई खाने के पीछे पड़े हुए हैं।
धरने के दौरान बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने मूसेवाला के माता-पिता से बातचीत की थी। डीआईजी ने दो दिनों के भीतर शिकायतों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
बंटी बैंस ने कहा था- मेरी बेवजह बदनामी हो रही
इस मामले में मैनेजर बंटी बैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने लिखा था, “शब्बीर मोमिन से रिक्वेस्ट है कि प्लीज आपका जो सिद्धू फैमिली के साथ कॉन्ट्रैक्ट है, वह उन्हें हिसाब-किताब कर उनके बने पैसे एक बार में ही दे दो।”
उन्होंने मानसा पुलिस से भी अपील की थी कि जब भी उनकी जरूरत पड़े, वे हाजिर हो जाएंगे। बंटी बैंस ने कहा था कि इस मामले में उनकी बेवजह बदनामी हो रही है।
पिता बलकौर सिंह का गुस्सा
धरने के दौरान बलकौर सिंह ने कहा था, “6 जून 2025 से मैं इस SSP ऑफिस की सीढ़ियां चढ़ रहा हूं। न मेरी शिकायत पर कोई कार्रवाई करते हैं और न शिकायत वापस करते हैं। 5 दिन हो गए हैं, मेरी शिकायत बंद लिफाफे में SSP रखकर बैठे हैं।”
उन्होंने कहा, “कौन से गैंगस्टरों के खिलाफ बोलोगे आप? पहले खाकी वाले गैंगस्टरों को काबू करो, जहां बैठे हैं। आपने मानसा में लूट करवा रखी है। मेरे जैसे 60-60 साल के लोग बच्चे को लेकर धरने पर बैठे हैं। हमारा कसूर क्या है?”
बलकौर सिंह ने हत्या की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सरकार को टैक्स देते हैं, बनी हुई सारी अदायगी करते हैं। आप हमें मारने बैठे गए हैं। प्लीज, हम आपके सहारे बैठे थे। आप हमारा यह हाल करोगे, हमें यह उम्मीद नहीं थी। पहले इन्वेस्टिगेशन का क्या किया? मेरे बेटे के कत्ल का क्या किया? अब जिसके सहारे हम रोटी खाते थे, उसका क्या हाल किया आपने?”
मजबूरी में उठाया यह कदम
बलकौर सिंह ने कहा, “पुलिस उस समय तक पुलिस है, जब पीड़ित का पक्ष सुनती है। जब पुलिस दोषियों के साथ मिल जाए तो खाकी में इससे बड़ा गुंडा नहीं हो सकता। मजबूरी में मुझे यह स्टेप उठाना पड़ा है। शायद डीआईजी साहब आए हैं, मजबूरी में मेरा पक्ष सुन लें।”
उन्होंने आगे कहा, “कहां पर जाऊं? डीजीपी तक मैं जा चुका हूं। हाथ जोड़कर कहता हूं कि मेरे मामले को सार्वजनिक न किया जाए, लेकिन सबसे पहले उसे सार्वजनिक किया जाता है। जुल्म की कोई हद होती है। हमें हाथ पकड़कर धक्का देकर बाहर निकाल दो, हम किसी और साइड चले जाएंगे। इतना जुल्म क्यों करते हो?”
सीएम के ओएसडी पर लगाया आरोप
बलकौर सिंह ने सीएम भगवंत मान के ओएसडी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सीएम साहब को मैं बताना चाहता हूं कि एक साइड आप गैंगस्टरों के खिलाफ प्रहार करते हो। प्रहार कहां करते हो? सीएम का ओएसडी 6 महीने से सारे केस को प्रभावित कर रहा है। क्या फायदा उठाया मैंने सीएम का? हां, सरकार ड्रामे करती है। इज्जतदार सीनियर सिटीजन हैं, लेकिन पुलिस के पीछे जाना पड़ रहा है।”
बेटे की स्टेटमेंट लेने का हक
बलकौर सिंह ने कहा, “हमारी जायज मांग है। क्या मुझे अपने बेटे की कंपनी की स्टेटमेंट लेने का हक नहीं है? मेरे बेटे का कारोबार है। अगर मैं पूछूं कि मुझे महीने का कारोबार बता दो और कोई न दे, तो मैं किसके पास जाऊं? ईडी के पास जाऊं, सीबीआई के पास जाऊं या मानसा पुलिस के पास जाऊं? मुझे रास्ता तो बताओ, किसके पास जाऊं। इतना धक्का क्यों किया?”
उन्होंने आगे कहा, “छह दिन हो गए, मेरी शिकायत लिफाफे में है। सारी डाक निकाल देते हैं, लेकिन मेरी शिकायत नहीं निकालते। मेरे पास देने के लिए रिश्वत नहीं है। कहां से दूं? बेटा मार दिया, कमाई सारी खा गए, कहां से दूं? किसी अधिकारी के पास मेरी बात का जवाब है? पता नहीं इन पर कौन सा दबाव है। कहावत है कि कुत्ती चोरों से मिली हुई है।”
पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप
सिद्धू के पिता ने कहा, “मानसा पुलिस भ्रष्ट है। यह फाइल नहीं, मेरे पुत्र का खून है। मानसा पुलिस ने सारे गैंगस्टर भगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने पकड़े थे। सीआईए में वीआईपी सुविधाएं दीं। हम फिर भी चुप कर गए। तेरा पुत्र मर गया, तेरे पीछे कोई नहीं, तू चुप कर जा।”
मां चरण कौर का दर्द
सिद्धू की मां चरण कौर ने कहा, “हमें यहां आने का शौक नहीं था। अब हारकर यहां आए हैं। जून महीने से हम यहां आ रहे हैं। हार्ट के मरीज हैं सिद्धू के पिता। पांच स्टंट पड़े हुए हैं। रोज कचहरियों के चक्कर लगाते हुए क्या अच्छे लगते हैं? हमने तो अपना हिसाब नहीं मांगा, किसी से कोई गलत चीज नहीं मांगी।”
उन्होंने कहा, “पहले हमारा बेटा मरवा दिया, अब बेटे की कमाई पर डाका मारते हो। हम अपने बच्चे को कैसे पालेंगे? हम आपके सामने इसलिए आए हैं कि कम से कम पब्लिक तो हमारी सुने। वह आरोपी तो इंटरव्यू देकर कह गए कि हमारा कोई लेन-देन नहीं है। हमें पता है, हमारे साथ बैठकर बात तो करें। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। इन्हें रोज लारा लगा देते हैं कि फाइल यहां गई, फाइल वहां गई।”
अब आगे क्या होगा?
मानसा पुलिस ने अब केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। वन डिजिटल कंपनी, गुरप्रीत सिंह और शब्बीर मोमिन के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की जाएगी।
परिवार को उम्मीद है कि अब उन्हें न्याय मिलेगा और उनके बेटे की मेहनत की कमाई का सही हिसाब-किताब मिलेगा। यह मामला सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों के लिए भी चिंता का विषय है, जो चाहते हैं कि उनके पसंदीदा सिंगर के परिवार को न्याय मिले।








