8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और अब आठवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार है। हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट आने में अभी समय है, लेकिन फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाओं ने कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा रहा है और भुगतान में 18 से 24 महीने की देरी हो सकती है, जिससे कर्मचारियों को लाखों रुपए का एरियर (बकाया) मिल सकता है।
आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने के लिए फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल करेगा। यह फैक्टर मौजूदा बेसिक पे को एक संख्या से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निर्धारित करता है। फिलहाल 2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 जैसे फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है। फैक्टर जितना बड़ा होगा, सैलरी और एरियर उतना ही ज्यादा होगा।
कैसे होगी एरियर की गणना? समझिए पूरा गणित
एरियर की गणना का तरीका थोड़ा जटिल है, लेकिन इसे आसान भाषा में समझा जा सकता है। सबसे पहले नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी। फिर पुरानी और नई सैलरी के बीच मासिक अंतर निकाला जाएगा। इस अंतर को देरी के महीनों (जैसे 20 महीने) से गुणा किया जाएगा। साथ ही, बढ़ी हुई सैलरी पर मिलने वाले महंगाई भत्ते (डीए) का अंतर भी इसमें जोड़ा जाएगा।
मान लीजिए कि लेवल-1 (सबसे निचले स्तर) के कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है और लेवल-5 के कर्मचारी की बेसिक 29,200 रुपए है। अगर 20 महीनों का एरियर जोड़ा जाए और ऊपर बताए गए फिटमेंट फैक्टर लागू हों, तो अनुमानित एरियर कम से कम 3.5 लाख रुपए से शुरू होकर 9 लाख रुपए तक जा सकता है। यह रकम सीधे कर्मचारियों के खाते में आ सकती है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिसके जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। सातवें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था, जिससे सैलरी में जबरदस्त उछाल आया था। आठवें वेतन आयोग में भी इसी तरह के या उससे अधिक फैक्टर की उम्मीद की जा रही है। अगर 2.57 फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर लगभग 46,260 रुपए हो सकती है।
कब तक आ सकता है भुगतान?
अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू तिथि 1 जनवरी 2026 से मानी जाएंगी, लेकिन भुगतान में 18 से 24 महीने की देरी हो सकती है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को करीब डेढ़ से दो साल का एरियर एक साथ मिल सकता है। यह राशि कर्मचारियों के लिए किसी बोनस से कम नहीं होगी।
‘जानें पूरा मामला’
केंद्र सरकार द्वारा गठित वेतन आयोग हर दस साल में अपनी सिफारिशें देता है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है। अब आठवें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों का इंतजार है। हालांकि आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। फिटमेंट फैक्टर और एरियर को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहता है और 20 महीनों का एरियर मिलता है, तो कर्मचारियों के खाते में लाखों रुपए आ सकते हैं। लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
8वें वेतन आयोग के 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना, भुगतान में 18-24 महीने की देरी हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.57 के बीच हो सकता है, जो सैलरी तय करेगा।
लेवल-1 कर्मचारी को अनुमानित 3.5 लाख से 9 लाख रुपए तक एरियर मिल सकता है।
एरियर में बेसिक सैलरी का अंतर और महंगाई भत्ते का अंतर शामिल होगा।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार, फिलहाल ये अनुमान मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।








