Hola Mohalla 2026 Anandpur Sahib preparations को लेकर पंजाब सरकार ने कमर कस ली है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को रूपनगर जिला प्रशासन के साथ बैठक कर होले मुहल्ले के लिए व्यापक प्रबंधों के आदेश दिए। लाखों की संख्या में पहुंचने वाली संगत की सुविधा के लिए 8 एकड़ में टैंट सिटी, ट्राली सिटी, 60 शटल बसें और 25 पार्किंग जोन बनाने का फैसला किया गया है। मंत्री बैंस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संगत को किसी भी तरह की असुविधा न हो और आध्यात्मिक माहौल बना रहे।
8 एकड़ में टैंट सिटी, 60 शटल बसों का बेड़ा
हरजोत सिंह बैंस ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक होने वाली संगत के लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को आठ एकड़ में टैंट सिटी, एक समर्पित ट्राली सिटी, 60 शटल बसें, 100 ई-रिक्शा, पैदल चलने वालों के लिए रास्ते और 25 पार्किंग जोन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री बैंस ने कहा, “हम मिलकर एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां श्रद्धा और भावना पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। हम अपनी योजनाबद्धि में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। संगत की सुविधा के लिए आठ एकड़ में फैली टैंट सिटी से लेकर शटल बसों के बेड़े तक, हर लॉजिस्टिकल सहायता के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।”
क्यों जरूरी है ये प्लान? जानिए होले मुहल्ले की खासियत
होला मोहल्ला सिखों का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल श्री आनंदपुर साहिब में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह सिख परंपराओं का शानदार जश्न होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ के मद्देनजर बुनियादी ढांचे और यातायात प्रबंधन की चुनौती हमेशा बनी रहती है। पंजाब सरकार ने इस बार इन चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से ही प्लानिंग शुरू कर दी है। टैंट सिटी, शटल बसें और पार्किंग जोन जैसे इंतजाम बताते हैं कि सरकार संगत की सुविधा को लेकर कितनी गंभीर है।
सफाई और यातायात पर खास फोकस
हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आस-पास के इलाकों को साफ-सुथरा रखा जाए और यातायात की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि तीन दिनों तक चलने वाले इस समागम के दौरान सारा सिस्टम सुचारू रूप से काम करे।
शिक्षा मंत्री ने सिख धर्म के मूल सिद्धांतों को बरकरार रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों के दौरान हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक माहौल में दर्शन करने का मौका मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
संगत को क्या मिलेगी सुविधाएं?
ठहरने की व्यवस्था: 8 एकड़ में बनने वाली टैंट सिटी में श्रद्धालु आराम से रुक सकेंगे।
यातायात: 60 शटल बसें और 100 ई-रिक्शा संगत को अलग-अलग स्थानों तक ले जाने का काम करेंगी।
पार्किंग: 25 पार्किंग जोन बनाए जाएंगे, जिससे वाहनों को खड़ा करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
ट्राली सिटी: सामान ले जाने के लिए ट्रालियों की विशेष व्यवस्था रहेगी।
पैदल रास्ते: श्रद्धालुओं के लिए खास पैदल रास्ते बनाए जाएंगे।
आम आदमी पर क्या असर?
होला मोहल्ले में जाने वाले हर श्रद्धालु के लिए यह राहत भरी खबर है। अब उन्हें ठहरने, खाने-पीने, पार्किंग और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार के इन इंतजामों से वे पूरी श्रद्धा के साथ तीन दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक उत्सव में शामिल हो सकेंगे। साफ-सफाई पर खास ध्यान दिए जाने से बीमारियों का खतरा भी कम होगा।
‘जानें पूरा मामला’
होला मोहल्ला सिखों का एक ऐतिहासिक त्योहार है, जिसकी शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी ने की थी। यह त्योहार सिख योद्धाओं की वीरता और शक्ति के प्रदर्शन का प्रतीक है। हर साल फाल्गुन महीने में श्री आनंदपुर साहिब में यह आयोजन होता है, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं। इस बार पंजाब सरकार ने संगत की सुविधा के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की अध्यक्षता में हुई बैठक में रूपनगर जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य बातें (Key Points)
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने होले मुहल्ले की तैयारियों की समीक्षा की।
8 एकड़ में टैंट सिटी, 60 शटल बसें, 100 ई-रिक्शा और 25 पार्किंग जोन बनाने के आदेश।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में संगत के लिए साफ-सफाई और यातायात के पुख्ता इंतजाम।
प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया, संगत को किसी असुविधा से बचाने के निर्देश।
तीन दिन चलने वाले समागम में आध्यात्मिक माहौल बनाए रखने पर जोर।








