Mukhtar Ansari shooter Shoaib Kidwai murder ने उत्तर प्रदेश की सियासत और अपराध जगत में सनसनी फैला दी है। बाराबंकी में गुरुवार को माफिया मुख्तार अंसारी के कथित शूटर और पूर्व ब्लॉक प्रमुख शोएब किदवई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सैनी मोड़ के पास हुई, जब वह कार से लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था। दो बाइक सवार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ 25 से अधिक गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
हाईवे पर 100 मीटर का सफर, 25 गोलियों ने ली जान
घटना कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सैनी मोड़ के पास की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब किदवई अपनी कार से लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था। हाईवे से 100 मीटर आगे बढ़ते ही दो बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोका और पिस्तल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इतनी जल्दी फायरिंग हुई कि शोएब कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसकी कार पर गोलियों की बौछार हो गई।
पुलिस के मुताबिक, शोएब पर 25 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। वह घायल होकर कार के अंदर ही गिर पड़ा। वारदात के बाद हमलावर अयोध्या की ओर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शोएब को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार पर जगह-जगह बुलेट के निशान मिले हैं।
जनरल रमाकांत तिवारी हत्याकांड का था आरोपी
शोएब किदवई उर्फ बॉबी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया था जब 4 फरवरी 1999 को लखनऊ में जनरल रमाकांत तिवारी की हत्या कर दी गई थी। उस समय वह तत्कालीन लखनऊ डीएम सदाकांत के आवास से बैठक कर शाम 7 बजे लौट रहे थे। राजभवन के पास पहुंचते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस हत्याकांड में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, चंदन नेगी, बुआ तिवारी और शोएब किदवई समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। चंदन नेगी की 16 फरवरी 2002 को लखनऊ में हत्या कर दी गई, जबकि बुआ तिवारी 13 मार्च 2002 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था।
मुख्तार के बाद गैंग में वर्चस्व की लड़ाई ने ली एक और जान
माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उसके गैंग में वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश लगातार जारी है। शोएब किदवई की हत्या इसी सिलसिले की एक कड़ी मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुख्तार की मौत के बाद उसके गुर्गों में कौन गैंग का मुखिया बने, इसको लेकर कई गुट बन गए थे। शोएब पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े कई मुकदमे पहले से दर्ज थे। उसकी हत्या को गैंग के भीतर की साजिश या किसी प्रतिद्वंद्वी गैंग की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच, फॉरेंसिक टीम जुटी
हत्याकांड की सूचना पर आईजी प्रवीण कुमार, डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। मौके पर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है।
आम आदमी पर क्या असर?
हाईवे पर दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने आम लोगों में दहशत फैला दी है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर हर रोज हजारों लोग सफर करते हैं। इस तरह की खुलेआम हत्या से यह सवाल उठता है कि क्या आम आदमी सुरक्षित है। पुलिस की सक्रियता के बावजूद इस तरह की वारदातें कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में डर का माहौल है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है।
‘जानें पूरा मामला’
शोएब किदवई उर्फ बॉबी मूल रूप से बाराबंकी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख थे और लंबे समय से मुख्तार अंसारी के करीबी रहे। उन पर हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद वह काफी समय से सक्रिय था। बताया जाता है कि वह गैंग में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था, जिससे कई लोग नाराज थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह हत्या पुरानी रंजिश या सुपारी देकर तो नहीं कराई गई।
मुख्य बातें (Key Points)
बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर दो बाइक सवार बदमाशों ने 25 से अधिक गोलियां चलाईं।
शोएब पर 1999 के जनरल रमाकांत तिवारी हत्याकांड सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
मुख्तार की मौत के बाद गैंग में वर्चस्व की लड़ाई के चलते हत्या की आशंका।
पुलिस ने मौके को सील किया, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी।








