Jalandhar Murder Case ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पंजाब के जालंधर में एक पिता ने 6 फरवरी की शाम अपने ही 6 वर्षीय बेटे को कीटनाशक पिला दिया। मकसद था रिश्तेदारी में दामाद लगने वाले युवक को फंसाना, लेकिन मासूम की जान चली गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि रिश्तों में पनप रही दुश्मनी की खतरनाक तस्वीर भी सामने ला दी है।
बदले की आग में लिया खौफनाक फैसला
आरोपी की पहचान गजेंद्र मुखिया (35) के रूप में हुई है। थाना पतारा पुलिस के मुताबिक, कुछ समय पहले एक युवक, जो रिश्तेदारी में दामाद लगता है, ने गजेंद्र के खिलाफ पाजेब चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।
इसी शिकायत से गजेंद्र नाराज था। वह बदला लेना चाहता था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने बेटे को कीटनाशक इस सोच के साथ पिलाया कि बच्चा बेहोश हो जाएगा और वह उस युवक को इस मामले में फंसा देगा।
लेकिन हालात उसके काबू से बाहर हो गए।
मां के सामने टूटी जिंदगी
मृतक बच्चे का नाम रूपेश था। वह अपने चार भाई-बहनों में मंझला था। परिवार मूल रूप से बिहार के मधेपुरा का रहने वाला है और फिलहाल गांव हजारा में रह रहा था।
6 फरवरी की देर शाम उसकी मां ममता (32) रसोई में खाना बना रही थीं। तभी रूपेश दो बिस्कुट लेकर उनके पास आया। एक बिस्कुट खाते हुए उसने कहा— “मां, पापा ने हमें दवा पिला दी है।”
ममता को कुछ समझ आता, उससे पहले ही रूपेश को उल्टियां शुरू हो गईं।
बिस्कुट पर लगा था चिपचिपा पदार्थ
मां ने देखा कि बिस्कुट पर कोई चिपचिपा पदार्थ लगा हुआ था। कुछ ही देर में रूपेश की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया।
घबराई मां तुरंत अपने पिता भुल्लर मुखिया के पास पहुंचीं और बेटे को सिविल अस्पताल ले गईं। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई और उसे मेडिकल कॉलेज अमृतसर रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान रूपेश ने दम तोड़ दिया।
थाने पहुंची मां, खुला राज
घटना के बाद सोमवार को गांव के सरपंच रजिंदर सिंह के साथ ममता थाना पतारा पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गजेंद्र मुखिया के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसएचओ राम किशन ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस का बयान: बेहोश करना चाहता था
थाना पतारा पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कबूल किया है कि वह बेटे को सिर्फ बेहोश करना चाहता था। उसका मकसद दामाद को फंसाना था, ताकि चोरी के आरोप का बदला लिया जा सके।
लेकिन कीटनाशक की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि बच्चे की जान चली गई।
रिश्तों का टूटता भरोसा
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि रिश्तों में घुलती नफरत की कहानी भी है। एक शिकायत से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक पिता ने अपने ही बेटे की जिंदगी दांव पर लगा दी।
आम आदमी के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि गुस्से और बदले की भावना में लिया गया फैसला किस तरह सब कुछ बर्बाद कर सकता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चार बच्चों के बीच पला-बढ़ा रूपेश अब इस दुनिया में नहीं है। मां के सामने उसका आखिरी वाक्य— “पापा ने दवा पिला दी”— अब एक ऐसा जख्म बन चुका है जो शायद कभी नहीं भरेगा।
परिवार की हालत सदमे में है और गांव में मातम का माहौल है।
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कीटनाशक कहां से लाया गया, कितनी मात्रा दी गई और क्या इसमें किसी और की भूमिका है— इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जालंधर में पिता ने 6 वर्षीय बेटे को कीटनाशक पिलाया।
- मकसद दामाद को चोरी के मामले में फंसाना था।
- बच्चे की हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, इलाज के दौरान मौत।
- आरोपी पिता गजेंद्र मुखिया गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज।








