Shivraj Singh Chouhan on US Trade Deal को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कृषि मंत्री ने बड़ा और साफ बयान दिया है। भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समझौते को लेकर विपक्ष किसानों के हितों पर सवाल उठा रहा था, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस डील में भारतीय किसानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है।
ट्रेड डील के बाद Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav समेत कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस समझौते से किसानों और डेयरी सेक्टर को नुकसान होगा। इन्हीं आरोपों पर पहली बार कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan सामने आए और स्थिति स्पष्ट की।
जीएम कृषि उत्पादों पर पूरी तरह रोक
शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि भारत में अमेरिका से किसी भी तरह के अनुवांशिक रूप से संशोधित यानी जीएम कृषि उत्पादों को अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
उनका कहना था कि कृषि और उससे जुड़े ऐसे किसी भी उत्पाद को ट्रेड डील में शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता हो। सभी संवेदनशील उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है।
इन कृषि उत्पादों पर नहीं मिली कोई टैरिफ छूट
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर अमेरिका को कोई टैरिफ रियायत नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि खासतौर पर देश के प्रमुख अनाज और फल पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि किसानों की आमदनी और बाजार प्रभावित न हो।
डेयरी सेक्टर रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
डेयरी उत्पादों को लेकर चल रही आशंकाओं पर भी शिवराज सिंह चौहान ने खुलकर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिका से किसी भी तरह का लिक्विड दूध, मिल्क पाउडर, क्रीम, दही, छाछ, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर या चीज भारत में आयात नहीं किया जाएगा।
इस बयान के बाद साफ हो गया है कि भारतीय डेयरी उद्योग पर इस ट्रेड डील का कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
सब्जियां और मसाले भी समझौते से बाहर
कृषि मंत्री ने बताया कि छिलका रहित अनाज, गेहूं-मक्का-चावल का आटा, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बींस, खीरा, मशरूम, दलहन, फ्रोजन सब्जियां, संतरा, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी जैसी अमेरिकी कृषि उपज भारत नहीं आएगी।
इसके साथ ही भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, केसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले भी आयात नहीं करेगा।
भारत को मिलेगा निर्यात का फायदा
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि जहां अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में छूट नहीं दी गई है, वहीं भारत के कई कृषि उत्पाद अमेरिका को जीरो ड्यूटी पर निर्यात किए जाएंगे। इससे भारतीय किसानों को नए बाजार और बेहतर दाम मिलने की संभावना है।
किसानों की चिंता पर सरकार का संदेश
ट्रेड डील के बाद किसानों में यह डर था कि कहीं उनकी रोजी-रोटी पर असर न पड़े। कृषि मंत्री के इस बयान के बाद सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसानों की अस्मिता और आय दोनों सुरक्षित हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- जीएम कृषि उत्पादों की भारत में एंट्री नहीं होगी।
- अनाज, फल और डेयरी उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं।
- अमेरिकी डेयरी और सब्जियों को भारतीय बाजार में अनुमति नहीं।
- भारत के कृषि उत्पाद अमेरिका को जीरो ड्यूटी पर निर्यात होंगे।








