PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह खबर बेहद अहम है। केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना के तहत नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब कुछ राज्यों में किसान अगर Farmer ID नहीं बनवाते हैं, तो उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा और 22वीं किस्त अटक सकती है।
सरकार ने साफ किया है कि जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है, वहां नए किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि जिन राज्यों में अभी यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, वहां किसान बिना Farmer ID के भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
क्यों जरूरी की गई Farmer ID
Farmer ID एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र है, जो आधार से जुड़ा होता है। इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का रिकॉर्ड, फसल की डिटेल और खेती से जुड़ी गतिविधियां दर्ज होती हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल असली और पात्र किसानों तक ही पहुंचे।
सरकार का मानना है कि Farmer ID से फर्जी दावों पर रोक लगेगी और कल्याणकारी योजनाओं की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे यह भी साफ हो जाएगा कि योजना का पैसा सही लाभार्थी के खाते में ही पहुंचे।
किन राज्यों में लागू हुआ नियम
PM Kisan Yojana के तहत फिलहाल 14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए Farmer ID को अनिवार्य कर दिया गया है। इन राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है। वहीं जिन राज्यों में यह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, वहां किसान बिना Farmer ID के भी आवेदन कर सकते हैं।
Farmer ID कैसे बनती है
Farmer ID बनाने की प्रक्रिया हर राज्य में थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर किसानों को अपने राज्य के आधिकारिक कृषि पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है।
उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में किसान राज्य के डेडिकेटेड सर्विस पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा सेल्फ रजिस्ट्रेशन के लिए Farmer Registry सर्विस या ई-हस्ताक्षर जैसे ऐप्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी
Farmer ID के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। इनमें आधार कार्ड, जमीन के मालिकाना हक का रिकॉर्ड जैसे खतौनी, बैंक खाते की जानकारी और हाल की एक फोटो शामिल है। सही जानकारी जुटाने के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का खुद मौजूद रहना भी जरूरी माना गया है।
वेरिफिकेशन के बाद मिलेगी यूनिक ID
आवेदन के बाद संबंधित अधिकारी किसान की जानकारी का सत्यापन करेंगे। सफल वेरिफिकेशन के बाद किसान को एक यूनिक Farmer ID जारी की जाएगी। इसी ID के जरिए किसान आगे चलकर अलग-अलग कृषि योजनाओं और सरकारी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
कहां से मिलेगी मदद
अगर किसान खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जा सकते हैं। इसके अलावा गांव या ब्लॉक स्तर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए जाने वाले रजिस्ट्रेशन कैंपों में भी Farmer ID बनवाई जा सकती है।
आम किसान पर क्या असर
अगर किसान समय रहते Farmer ID नहीं बनवाते हैं, तो पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने राज्य की स्थिति देखकर जल्द से जल्द जरूरी प्रक्रिया पूरी कर लें।
मुख्य बातें (Key Points)
- पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले Farmer ID जरूरी।
- 14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए ID अनिवार्य।
- Farmer ID आधार और जमीन रिकॉर्ड से जुड़ी होती है।
- बिना Farmer ID नए किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।








