Farmers Protest पंजाब में एक बार फिर किसान आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) पंजाब चैप्टर के आह्वान पर 5 फरवरी 2026 को एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन किसानों की लंबित मांगों को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
प्रदर्शन का केंद्र शंभू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुद्दा रहेगा। किसान संगठनों का कहना है कि आंदोलन के दौरान किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई अब तक नहीं की गई है।
37.7 मिलियन रुपए मुआवजे की मांग
किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों में शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के लिए 37.7 मिलियन रुपए का मुआवजा तुरंत जारी करना शामिल है।
इसके साथ ही किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर सख्त कानून बनाने की मांग भी दोहराई है, ताकि फसलों को कानूनी सुरक्षा मिल सके।
बाढ़ से हुए नुकसान का बकाया भुगतान
मोर्चा की ओर से यह भी कहा गया है कि बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों, घरों और पशुओं के नुकसान का जो मुआवजा अभी तक लंबित है, उसे तुरंत जारी किया जाए। किसानों का कहना है कि देरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
कृषि को नए कानूनों से बाहर रखने की मांग
किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष सरवन सिंह पंधेर ने मांग की है कि कृषि क्षेत्र को इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025, सीड्स एक्ट 2025 और भारत-अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से बाहर रखा जाए।
उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि इन मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए और उसे केंद्र सरकार को भेजा जाए।
स्मार्ट मीटर और पराली मामलों पर नाराजगी
अन्य मांगों में स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर लगाने पर तत्काल रोक, पराली प्रदूषण के नाम पर लगाए गए जुर्माने, रेड एंट्री और पुलिस मामलों को वापस लेने की मांग शामिल है।
इसके अलावा यूरिया उर्वरक की कमी दूर करने और इसकी व्यावसायिक कालाबाजारी रोकने पर भी जोर दिया गया है।
गन्ना किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दे
किसान संगठनों ने चालू गन्ना सीजन का बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की मांग उठाई है। साथ ही बड़ी सभाओं में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में निर्दोष युवाओं और उनके परिजनों पर हो रहे कथित मानसिक उत्पीड़न को रोका जाए। नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के इलाज और पुनर्वास की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
मुख्य बातें (Key Points)
- 5 फरवरी 2026 को किसान मजदूर मोर्चा का एकदिवसीय प्रदर्शन
- शंभू-खनौरी आंदोलन के नुकसान के लिए 37.7 मिलियन रुपए मुआवजे की मांग
- MSP पर सख्त कानून और नए कृषि कानूनों से बाहर रखने की मांग
- स्मार्ट मीटर, पराली जुर्माने और यूरिया कालाबाजारी पर आपत्ति








