Budget 2026 Expectations: 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट इस बार उम्मीदों का बजट बन गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, और इस बार टैक्सपेयर्स से लेकर मिडिल क्लास तक सभी की निगाहें इस अहम आर्थिक दस्तावेज पर टिकी हुई हैं।
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब देश के करदाताओं को पहले ही इनकम टैक्स और जीएसटी में कुछ राहत मिल चुकी है। लेकिन अब असली इंतजार अगली बड़ी राहत का है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी
चर्चा है कि सरकार इस बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर सैलरी क्लास को सीधी टैक्स राहत दे सकती है। यह कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है।
इसके साथ ही NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) सेक्टर के लिए भी नीतिगत सपोर्ट और फंडिंग को आसान करने जैसे कदम उठाए जाने की संभावना है।
ग्लोबल तनाव के बीच आ रहा है यह बजट
यह बजट वैश्विक तनाव के माहौल में पेश हो रहा है। खासकर अमेरिकी टैरिफ और ट्रेड पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितताओं ने भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर पर दबाव बढ़ाया है।
ऐसे में सरकार अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने वाले कदम उठा सकती है ताकि घरेलू ग्रोथ इंजन धीमी न पड़े।
एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस
संभावना जताई जा रही है कि इस बजट में:
- एक्सपोर्ट इंसेंटिव दिए जा सकते हैं
- कस्टम ड्यूटी में तर्कसंगत बदलाव हो सकता है
- मैन्युफैक्चरिंग और MSME सपोर्ट पर जोर दिया जा सकता है
साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाकर घरेलू मांग को मजबूत रखने की कोशिश होगी।
यानी साफ है कि यह बजट राहत, सपोर्ट और ग्रोथ तीनों को बैलेंस करने वाला हो सकता है।
हेल्थ सेक्टर को क्या मिलेगा?
बजट 2026 से हेल्थ सेक्टर को भी बड़ी उम्मीदें हैं। भारत अभी भी स्वास्थ्य पर बाकी बड़े देशों के मुकाबले काफी कम खर्च करता है।
विश्व बैंक के मुताबिक:
- अमेरिका अपनी GDP का 17-18% हेल्थ पर खर्च करता है, यानी प्रति व्यक्ति $12,000-13,000
- जापान 10-11% खर्च करता है, जहां प्रति व्यक्ति खर्च $4,500-5,000 है और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत मानी जाती है
भारत को भी हेल्थ सेक्टर में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।
उपभोक्ता कंपनियों की मांग: मिडिल क्लास की आय बढ़े
बजट 2026 में भारत की उपभोक्ता केंद्रित कंपनियों के प्रमुखों की कई मांगें शामिल हैं। ये कंपनियां चाहती हैं कि:
- करों में और अधिक कटौती हो
- मध्यम वर्ग की आय बढ़े
- उपभोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक उपाय किए जाएं
बजट बनाने वाली ‘ड्रीम टीम’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस अहम आर्थिक दस्तावेज को अंतिम रूप देने में अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों की एक ड्रीम टीम का साथ मिल रहा है:
- अनुराधा ठाकुर (आर्थिक मामलों की सचिव): मुख्य वास्तुकार की भूमिका निभा रही हैं
- अरविंद श्रीवास्तव (राजस्व सचिव): कर प्रस्तावों और राजस्व का हाका खींचने की जिम्मेदारी
- व्यय सचिव: सरकारी खजाने और खर्चों पर नजर रखने वाले ‘पर्स गार्डियन’ की भूमिका में
आम आदमी पर असर
यह बजट आम आदमी के लिए राहत का पिटारा साबित हो सकता है। अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ता है तो नौकरीपेशा लोगों की जेब में सीधे ज्यादा पैसा आएगा। होम लोन टैक्स में राहत मिलने से घर का सपना देखने वालों को भी फायदा होगा।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना 9वां बजट
- स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी से सैलरी क्लास को मिल सकती है टैक्स राहत
- NBFC सेक्टर के लिए नीतिगत सपोर्ट और फंडिंग आसान होने की उम्मीद
- ग्लोबल ट्रेड टेंशन के बीच एक्सपोर्ट इंसेंटिव और MSME सपोर्ट पर फोकस
- हेल्थ सेक्टर में निवेश बढ़ाने की मांग








