AAP vs BJP Delhi Health Model Controversy 2026 : आम आदमी पार्टी ने आरोग्य मंदिरों को अपनी उपलब्धि बता रही भाजपा सरकार को एक बार फिर एक्सपोज कर दिया। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक ने पार्टी कार्यकर्ता द्वारा की गई जमीनी पड़ताल को सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर भाजपा के फर्जीवाड़े को सबके सामने रख दिया। इस वीडियो से साफ हो जा रहा है कि भाजपा सरकार ने एमसीडी की डिस्पेंसरी की रंगाई-पुताई करके उसे आरोग्य मंदिर नाम दे दिया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिन आरोग्य मंदिरों को भाजपा अपनी उपलब्धि बता रही है, वहां अभी भी एमसीडी का स्टाफ काम कर रहा है। रेखा गुप्ता की सरकार धरातल पर काम करने के बजाय रंग रोगन की राजनीति करके दिल्लीवालों को बेवकूफ बना रही है।
गुरुवार को एक्स पर एक वीडियो साझा कर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के हरि नगर विधानसभा से एक ग्राउंड रिपोर्ट साझा भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरि नगर में जिस आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया, उसकी असलियत कुछ और है। मौजूदा एमसीडी डिस्पेंसरियों को ही दोबारा पेंट करके आरोग्य मंदिर के रूप में ब्रांड किया गया है और वहां मौजूदा एमसीडी का स्टाफ और डॉक्टर ही काम कर रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज द्वारा साझा किए गए वीडियो में “आप” कार्यकर्ता ने बताया कि भाजपा छल-कपट की राजनीति कर रही है और जनता इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने मौके पर दिखाया कि वहां से महज 50 कदम की दूरी पर एक मोहल्ला क्लीनिक खुला था, जो जनता के टैक्स के पैसों से बना था। आज उस मोहल्ला क्लीनिक पर ताला लगा दिया गया है और जनता के पैसे को बर्बाद कर दिया गया है। इसके बदले में, 30 साल पुरानी एमसीडी डिस्पेंसरी, जो कि एक जच्चा-बच्चा केंद्र था, उस पर पोस्टर लगाकर और रंग बदलकर उसे आरोग्य मंदिर बना दिया गया है।
‘‘आप’’ कार्यकर्ता ने नांगल राया इलाके में खुले आरोग्य मंदिर को लेकर कहा कि जहां वह मौजूद हैं, वहां 10 कदम की दूरी पर एक और आरोग्य मंदिर खोल दिया गया है। उन्होंने बताया किया कि 500 मीटर के दायरे में ऐसे पांच आरोग्य मंदिर खोल दिए गए हैं। अरविंद केजरीवाल के समय में जो मोहल्ला क्लीनिक बने थे और जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर जनता के टैक्स से तैयार हुआ था, उन पर ताला जड़ दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जनता के टैक्स के पैसे को बर्बाद करके एमसीडी की 35 साल पुरानी डिस्पेंसरियों की लीपापोती कर उन्हें आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। उन्होंने दिल्ली की भाजपा सरकार को सुझाव दिया कि एमसीडी की जगह को डिस्पेंसरी ही रहने दें और जो मोहल्ला क्लीनिक पहले से बने हुए हैं, उन्हें ही आरोग्य मंदिर के रूप में चलाया जाए तो बेहतर होगा।
वीडियो में कार्यकर्ता ने एक के बाद एक कई डिस्पेंसरियां दिखाई। एक अन्य डिस्पेंसरी दिखाते हुए कार्यकर्ता ने कहा कि जनता का पैसा ऐसे बर्बाद किया जा रहा है और लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने वहीं से 50 कदम की दूरी पर तीसरा आरोग्य मंदिर दिखाया और कहा कि इन आरोग्य मंदिरों में सिर्फ लीपापोती की जा रही है। अंदर वही पुरानी डिस्पेंसरी है, वही पुराना फर्नीचर है और वही इलाज मिल रहा है; इसमें कोई बदलाव नहीं है। सिर्फ नाम बदलकर पोस्टर लगा दिए गए हैं और रंग बदल दिया गया है। सरकार जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें। इस रंग-रोगन और छल-कपट की राजनीति का जवाब जनता उन्हें एक दिन जरूर देगी।








