Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी से जुड़ी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए,नपंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज कहा है कि फिलहाल पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई भी दावेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि हर कोई इस नाकाबिल और भ्रष्ट सरकार से प्रदेश को मुक्त कराने के लिए पूरी मेहनत कर रहा है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब के लिए एआईसीसी के महासचिव प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की रैलियों को लोगों से मिल रहा भारी समर्थन उन्हें उत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह संघर्ष यहीं से शुरू कर देश भर में नेतृत्व हासिल किया है।

बघेल ने जोर देते हुए, कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा की तरह गरीबों और हाशिए पर पड़े वर्गों के अधिकारों के लिए काम करती रहेगी और लड़ती रहेगी, जिनकी आवाज़ अक्सर नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को अंत तक ले जाएगी और मनरेगा की बहाली तक चैन से नहीं बैठेगी।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अच्छे और प्रभावी शासन के लिए पंजाब के लोग अब सिर्फ कांग्रेस की ओर ही उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।
आज यहां आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली को संबोधित करते हुए, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने वायदा किया कि कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर मनरेगा को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने गरीब और दलित समर्थक योजना मनरेगा को कमजोर कर सभी सीमाएं पार कर दी हैं। जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार भी कम नहीं है, क्योंकि वह मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा को न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में गरीबी उन्मूलन की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक माना गया है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब लोगों को संवैधानिक अधिकार के तहत साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया था, लेकिन अब मोदी सरकार ने वह अधिकार भी छीन लिया है और रोजगार देना या न देना सरकार की मर्जी पर छोड़ दिया गया है।
इस दौरान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए वड़िंग ने वायदा किया कि कांग्रेस उनके कल्याण के लिए काम करेगी। उन्होंने पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी की खबरों का मजाक उड़ाया और मुख्यमंत्री पद के लिए पांच दावेदार होने की बात करने वालों पर तंज कसते हुए, कहा कि ऐसा कोई भी नहीं है, क्योंकि सभी का मकसद पार्टी को जिताना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का फैसला हाईकमान करेगा और यह भी दोहराया कि वह स्वयं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।
वड़िंग ने कहा कि वह पंजाब के लोगों के लिए लड़ना चाहते हैं, नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ संघर्ष करना चाहते हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए नहीं लड़ रहे हैं।
इस मौके पर बोलते हुए, प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब में बदलाव की हवा चलनी शुरू हो चुकी है। उन्होंने पिछले तीन दिनों के दौरान कांग्रेस की रैलियों में उमड़ी भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए, कहा कि कांग्रेस पंजाब के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करेगी।

बाजवा ने वायदा किया कि 2027 में पंजाब में बनने वाली कांग्रेस सरकार मनरेगा के लिए बजट में विशेष प्रावधान करेगी, ताकि ग्रामीण इलाकों के गरीब और पिछड़े वर्गों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि अब पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार से किसी को भी कोई उम्मीद नहीं रह गई है।
उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए, गैंगस्टरों द्वारा आए दिन की जा रही हत्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने पंजाब से आतंकवाद का खात्मा किया था, उसी तरह कांग्रेस सरकार एक महीने के भीतर गैंगस्टरों का भी सफाया करेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
संगरूर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी के संयुक्त कोषाध्यक्ष विजयइंदर सिंगला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर भाजपा को समाज के गरीब और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की रोज़ी-रोटी छीनने की इजाजत नहीं देगी।
इस अवसर पर मौजूद प्रमुख नेताओं में श्रीमती राजिंदर कौर भट्ठल, सुखजिंदर सिंह रंधावा सांसद, डॉ. अमर सिंह सांसद, डॉ. गांधी सांसद, अरुणा चौधरी उप नेता प्रतिपक्ष, हीना कावरे, रविंदर दलवी, सूरज ठाकुर, कैप्टन संदीप संधू, जस्सी खंगूड़ा, साधु सिंह पूर्व मंत्री, कुलजीत सिंह नागरा पूर्व विधायक, मोहम्मद सदीक पूर्व सांसद, काका रणदीप सिंह नाभा पूर्व मंत्री, श्रीमती रज़िया सुल्ताना, राजिंदर सिंह पूर्व विधायक, सुखपाल सिंह खैहरा विधायक, हरदियाल सिंह कंबोज पूर्व विधायक, मदन लाल जलालपुर पूर्व विधायक, गुरशरण कौर रंधावा अध्यक्ष, पंजाब महिला कांग्रेस, मोहित मोहिंद्रा अध्यक्ष पंजाब यूथ कांग्रेस, राकेश पांडे, पवन दीवान, अनिल जोशी, सुखविंदर सिंह डैनी पूर्व विधायक, दलवीर सिंह गोल्डी पूर्व विधायक, कुलदीप सिंह काला ढिल्लों विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष, दुर्लभ सिंह सिद्धू, कमलदीप धालीवाल, जगदेव सिंह गागा, सुरिंदरपाल सिंह सीबिया, रणवीर कौर मियां, राजबख्श कंबोज, समित सिंह, गुरजोत सिंह ढींडसा, जसविंदर सिंह धीमान, हरिंदर सिंह हैरी मान, ममता दत्ता सहित अन्य नेता शामिल रहे।








