India Winter Forecast 2025 : क्या इस साल नवंबर से ही “कड़ाके की ठंड” पड़ने वाली है? देश में सर्दी को लेकर चल रही इन चर्चाओं पर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बड़ा अपडेट दिया है। IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहापात्रा ने साफ किया है कि इस बार सर्दी पिछले सालों की तरह ही ‘सामान्य’ रहने की संभावना है। ला नीना की स्थिति कमजोर होने के कारण इस बार ठंड के असामान्य रूप से बढ़ने की कोई आशंका नहीं है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस सर्दी में दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन रातें सामान्य से अधिक गर्म रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों में रातें तो ठंडी होंगी, लेकिन कुल मिलाकर उत्तर भारत में किसी ‘कड़क ठंड’ या ‘शीत लहर’ जैसी स्थिति बनने के आसार कम हैं।
IMD ने क्यों कहा ‘सामान्य सर्दी’?
डॉ. मोहापात्रा ने बताया, “फिलहाल ला नीना की स्थिति कमजोर है और आने वाले महीनों में भी यही बनी रहेगी। हमारे मॉडल्स के अनुसार यह सर्दी सामान्य रहेगी, इसमें किसी तरह की चरम ठंड नहीं होगी।” IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत महासागर में ला नीना के साथ-साथ हिंद महासागर में नकारात्मक इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, जलवायु मॉडल बताते हैं कि यह नकारात्मक IOD भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा, जिससे मौसम संतुलित रहेगा।
विशेषज्ञ: ‘ट्रिपल डिप ला नीना’ में भी नहीं पड़ी भीषण ठंड
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने भी बताया कि ला नीना और सर्दी का कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों (2021, 2022, 2023) में लगातार “ट्रिपल डिप ला नीना” की स्थिति थी, इसके बावजूद देश में भीषण ठंड नहीं पड़ी।
पलावत के अनुसार, इस बार जब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) आएंगे, तो वे पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं का रुख बदल देंगे, जिससे न्यूनतम तापमान के ज्यादा नीचे गिरने की संभावना कम रहेगी।
अक्टूबर में टूटा बारिश का रिकॉर्ड
IMD की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अक्टूबर 2025 पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा बरसाती महीनों में से एक रहा। इस दौरान औसतन 112.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद से दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। बिहार, उत्तर बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस दौरान 236 बार भारी वर्षा और 45 बार अति-भारी वर्षा की घटनाएं हुईं।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ‘हाई’
मौसम के इस पूर्वानुमान के बीच, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। हालांकि, दिवाली के बाद चरम पर पहुंचे प्रदूषण के स्तर में अब थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
क्या है ‘कड़ाके की ठंड’ का संदर्भ?
आमतौर पर उत्तर भारत में दिसंबर और जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला जाता है, जिससे शीत लहर चलती है। इसी को लेकर हर साल नवंबर की शुरुआत से ही अटकलें लगने लगती हैं, जिस पर इस बार IMD ने पहले ही स्थिति साफ कर दी है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
मुख्य बातें (Key Points):
- IMD ने “कड़ाके की ठंड” की आशंका को खारिज करते हुए ‘सामान्य’ सर्दी का पूर्वानुमान लगाया है।
- कमजोर ला नीना (La Niña) के कारण इस बार भीषण ठंड पड़ने के आसार नहीं हैं।
- मौसम विभाग के मुताबिक, दिन सामान्य से ठंडे, लेकिन रातें सामान्य से गर्म रह सकती हैं।
- अक्टूबर 2025 में 2001 के बाद दूसरी सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई।








