Uri Sector Infiltration Attempt — जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर नापाक घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया। इस ऑपरेशन में वीरता दिखाते हुए भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। यह पाकिस्तान की ओर से अप्रैल में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी उकसावे की कार्रवाई है।
घुसपैठ को पाकिस्तानी सेना का समर्थन
सेना के सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की देर रात पाकिस्तानी घुसपैठिए खराब मौसम की आड़ में LoC पार करने की कोशिश कर रहे थे। यह साधारण घुसपैठ नहीं थी, क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी सेना की ओर से गोलीबारी का कवर मिल रहा था। इस तरह के ऑपरेशन आमतौर पर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) अंजाम देती है, जो सीमा पर छिपकर हमले और तोड़फोड़ के लिए कुख्यात है।
जवाबी कार्रवाई में मारा गया जवान
भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए घुसपैठ को नाकाम किया। हालांकि, इस दौरान पाकिस्तानी फायरिंग में एक भारतीय जवान शहीद हो गया। गोलीबारी के बीच घुसपैठिए मौके से भागने में सफल रहे। बुधवार सुबह भी सीमा पर रुक-रुक कर गोलियां चलीं, जिससे तनाव का माहौल बना रहा।
लगातार दूसरी दिन शहादत
अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना बारामूला जिले में LoC पर उस वक्त हुई जब एक दिन पहले ही सिपाही बनोथ अनिल कुमार ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। इस बार निशाना 16 सिख एलआई (09 बिहार एडवांस पार्टी) के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र और उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में था।
मामले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2024 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत से युद्धविराम के लिए संपर्क किया था और सीमाओं पर स्थिति सामान्य हुई थी। लेकिन अब उरी में हुई यह घुसपैठ की कोशिश इस समझौते के बाद की पहली बड़ी उकसावे की घटना मानी जा रही है।








