गुरूवार, 12 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - NEWS-TICKER - Hospitals को चेतावनी! रेप पीड़िता से पहचान पत्र मांगने पर Delhi HC की सख्त टिप्पणी

Hospitals को चेतावनी! रेप पीड़िता से पहचान पत्र मांगने पर Delhi HC की सख्त टिप्पणी

Delhi High Court का बड़ा फैसला: Rape Victims से Abortion के लिए ID Proof मांगने पर रोक

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 3 जून 2025
A A
0
Delhi High Court said hospitals should not insist on ID proof of rape survivors seeking abortion
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Delhi High Court on abortion for rape victims – दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें राजधानी दिल्ली (Delhi) के अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे बलात्कार (Rape) की पीड़िताओं, खासकर नाबालिगों (Minor Girls), से गर्भपात (Abortion) के लिए पहचान पत्र (ID Proof) मांगने से बचें। अदालत ने कहा कि ऐसी पीड़िताएं पहले ही अत्यधिक मानसिक और भावनात्मक दबाव में होती हैं, और उनसे पहचान पत्र की मांग करके उनकी स्थिति को और कठिन न बनाया जाए।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) की एकल पीठ ने यह टिप्पणी 29 मई के अपने आदेश में दी। कोर्ट ने कहा कि यौन हिंसा (Sexual Violence) की शिकार महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मामलों में अस्पतालों को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होना चाहिए। अदालत ने कहा कि पहचान पत्र की अनिवार्यता, मेडिकल जांच जैसे अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) में देरी, और अस्पष्ट प्रक्रियाएं पीड़िता की परेशानी को और बढ़ा देती हैं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता जांच अधिकारी (Investigating Officer) के साथ आती है या अदालत अथवा बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee – CWC) के निर्देश पर लाई जाती है, तो अस्पतालों द्वारा अल्ट्रासाउंड या अन्य आवश्यक मेडिकल जांच के लिए पीड़िता का ID प्रूफ नहीं मांगा जाना चाहिए। ऐसे मामलों में जांच अधिकारी की पहचान ही पर्याप्त मानी जाएगी।

अदालत एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने चिकित्सीय गर्भपात की मांग की थी। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी हितधारकों को निर्देश दिए कि यौन उत्पीड़न के मामलों में, जहां पीड़िता गर्भवती हो, वहां प्रक्रिया में स्पष्टता और समानता होनी चाहिए।

यह भी पढे़ं 👇

Ottoman Empire Histor

Ottoman Empire History: 600 साल के इस साम्राज्य ने कैसे बांट दिया मिडिल ईस्ट?

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Amul Expired Products Jaipur

Amul Expired Products Jaipur: 1.5 लाख किलो सड़ा माल खिलाने की तैयारी, ऐसे खुला खेल

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Vizhinjam Port

Vizhinjam Port: श्रीलंका-सिंगापुर को कैसे दी मात? भारत के इंजीनियरिंग मार्वल की पूरी कहानी

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Sarcopenia

Sarcopenia: बुढ़ापे में कमजोर मसल्स से बचाएगी डॉक्टर की ये सलाह, जानें पूरी जानकारी

गुरूवार, 12 मार्च 2026

अदालत ने यह भी कहा कि सभी मामलों में संबंधित डॉक्टर और अस्पताल बिना किसी देरी के व्यापक मेडिकल जांच करें। साथ ही, जांच अधिकारी की यह जिम्मेदारी हो कि वह पीड़िता की पहचान सुनिश्चित करे और जब पीड़िता को डॉक्टर, अस्पताल या मेडिकल बोर्ड (Medical Board) के सामने पेश किया जाए, तब आवश्यक दस्तावेज और केस फाइल साथ हों।

इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि जब बलात्कार पीड़िता की गर्भावस्था की अवधि 24 सप्ताह से अधिक हो, तो मेडिकल बोर्ड का गठन तत्काल किया जाए। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड को बिना किसी विशेष निर्देश का इंतजार किए आवश्यक जांच करनी चाहिए और शीघ्र ही रिपोर्ट तैयार कर उचित अधिकारियों को सौंपनी चाहिए।

अंत में कोर्ट ने निर्देश दिया कि गर्भपात के लिए सहमति पीड़िता या उसके अभिभावक से उनकी स्थानीय भाषा (Local Language) में ली जाए, जिससे वे प्रक्रिया को पूरी तरह समझ सकें। अदालत ने इस पूरे मामले को संवेदनशीलता, व्यावहारिकता और कानूनी जिम्मेदारी से जोड़ते हुए एक मिसाल पेश की है, जो भविष्य में इस तरह के मामलों में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।

Previous Post

AI से खतरे में Jobs! अगले 5 साल में खत्म हो सकती हैं ये 8 नौकरियां

Next Post

Sheikh Hasina का Secret Exit Plan: Dhaka से Delhi पहुंचीं बिना किसी को खबर हुए!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Ottoman Empire Histor

Ottoman Empire History: 600 साल के इस साम्राज्य ने कैसे बांट दिया मिडिल ईस्ट?

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Amul Expired Products Jaipur

Amul Expired Products Jaipur: 1.5 लाख किलो सड़ा माल खिलाने की तैयारी, ऐसे खुला खेल

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Vizhinjam Port

Vizhinjam Port: श्रीलंका-सिंगापुर को कैसे दी मात? भारत के इंजीनियरिंग मार्वल की पूरी कहानी

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Sarcopenia

Sarcopenia: बुढ़ापे में कमजोर मसल्स से बचाएगी डॉक्टर की ये सलाह, जानें पूरी जानकारी

गुरूवार, 12 मार्च 2026
AI Tax Smartphone

AI Tax Smartphone: भयंकर महंगाई का तूफान, अब जेब पर पड़ेगा भारी बोझ

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 12 March 2026

Aaj Ka Rashifal 12 March 2026: इन राशियों पर बरसेगा धन

गुरूवार, 12 मार्च 2026
Next Post
Sheikh Hasina Bangladesh Politics

Sheikh Hasina का Secret Exit Plan: Dhaka से Delhi पहुंचीं बिना किसी को खबर हुए!

Income Tax Return Filing Advantages; Penalty For Late Filing Of Income Tax Return

ITR Filing 2025: कमाई हो या ना हो, क्यों है सबके लिए जरूरी इनकम टैक्स रिटर्न?

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।