Land Acquisition Protest : पंजाब (Punjab) के लुधियाना (Ludhiana) में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) को लेकर सरकार के खिलाफ आज एक बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिलेगा। शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के प्रधान और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने लुधियाना के ग्लाडा (GLADA) दफ्तर के बाहर धरने का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हो चुके हैं और अब सभी को सुखबीर बादल के आने का इंतज़ार है।
इस धरने को उस वक्त और अधिक ध्यान मिला जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता टीटू बनिया (Titu Baniya) बैंड-बाजे के साथ विरोध करने पहुंच गए। टीटू बनिया ने स्पष्ट कहा कि मान सरकार (Mann Government) किसानों की ज़मीन हड़पने की साज़िश कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना से 32 गांव प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज सरकार के कान खोलने आए हैं। ताले इसलिए लाए हैं कि जरूरत पड़ने पर ग्लाडा के दफ्तर को लॉक कर दिया जाए।”
AAP सरकार पर सीधा हमला
सुखबीर सिंह बादल पहले ही एक सभा में यह बयान दे चुके हैं कि वर्तमान सरकार ने भूमि अधिग्रहण के नाम पर जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत करीब 24,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है, जिसमें प्रत्येक किला के हिसाब से एक करोड़ रुपए की मांग की जा रही है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सिर्फ धांधली भरी योजनाएं चला रही है।
शिअद ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
सुखबीर बादल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस स्कीम का न केवल विरोध करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाएगी। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार एडवोकेट परोउपकार सिंह घुम्मन (Advocate Paroupkar Singh Ghumman) ने भी सरकार की लोकविरोधी नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज का धरना सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने बताया कि आज दोपहर 12 बजे तक धरना देकर मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा।
धरने का माहौल और संभावित असर
लुधियाना में आज का यह धरना सरकार के लिए बड़ा संदेश है कि भूमि अधिग्रहण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जनता और राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं। BJP और शिअद का एक साथ प्रदर्शन यह संकेत देता है कि राज्य में विपक्ष अब सरकार को जमीन से जुड़े मसलों पर घेरने की रणनीति अपना चुका है।








