Rohith Vemula Act Congress Initiative : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने वंचित वर्गों के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ (Rohith Vemula Act) लागू करने की मांग उठाई है। राहुल गांधी ने इस संबंध में तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उनके राज्यों में इस कानून को जल्द लागू किया जाए। इससे पहले राहुल गांधी ने कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया (Siddaramaiah) को भी इसी विषय में पत्र लिखा था।
राहुल गांधी का कहना है कि रोहित वेमुला (Rohith Vemula) की दर्दनाक घटना और देश भर के करोड़ों वंचित छात्रों के संघर्ष को देखते हुए इस अधिनियम की आवश्यकता है। कांग्रेस (Congress) ने वर्ष 2023 के रायपुर महाधिवेशन (Raipur Mahadiveshan) में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह अनुसूचित जाति (Scheduled Castes), अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes), अन्य पिछड़े वर्गों (Other Backward Classes) और अल्पसंख्यकों (Minorities) के छात्रों को सम्मान एवं सुरक्षा देने के लिए एक विशेष कानून पारित करेगी।
हैदराबाद विश्वविद्यालय (Hyderabad University) के छात्र रहे रोहित वेमुला ने जनवरी 2016 में जातिगत भेदभाव का सामना करते हुए आत्महत्या कर ली थी। इस दुखद घटना ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था के भीतर मौजूद भेदभाव को उजागर किया था। राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि शिक्षा वह साधन है जिससे वंचित समाज जातिवाद की बेड़ियों को तोड़ सकता है, जैसा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर (Babasaheb Bhimrao Ambedkar) ने दिखाया था।
अपने पत्र में राहुल गांधी ने लिखा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी पत्र भेजा है, ताकि इन राज्यों में रोहित वेमुला अधिनियम को लागू किया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर छात्र को बिना किसी भेदभाव के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए, तभी शिक्षा व्यवस्था न्यायपूर्ण बन सकती है।
राहुल गांधी ने यह भी उल्लेख किया कि जातिगत भेदभाव की वजह से रोहित वेमुला के अलावा पायल तड़वी (Payal Tadvi) और दर्शन सोलंकी (Darshan Solanki) जैसे प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस तरह के अन्याय को पूरी तरह समाप्त किया जाए और हर बच्चे को समान अवसर दिया जाए।
राहुल गांधी के इस कदम से साफ है कि कांग्रेस अब शिक्षा व्यवस्था में जातिवाद के खिलाफ गंभीरता से काम कर रही है और रोहित वेमुला अधिनियम को लागू कर एक नया उदाहरण स्थापित करना चाहती है।








