Qatar Amir Visit India 2024 (कतर के अमीर का भारत दौरा 2024) को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलचल तेज हो गई है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Sheikh Tamim bin Hamad Al-Thani) अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) खुद नई दिल्ली एयरपोर्ट (New Delhi Airport) पर उनका स्वागत करने पहुंचे।
यह दौरा भारत-कतर के द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
10 साल में दूसरी बार भारत आए कतर के अमीर
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Sheikh Tamim bin Hamad Al-Thani) 10 साल में दूसरी बार भारत आए हैं। इससे पहले वह मार्च 2015 में भारत का दौरा कर चुके हैं।
इस बार उनके साथ कतर के वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। उनके इस दौरे को भारत और कतर के बढ़ते कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों के रूप में देखा जा रहा है।
PM मोदी के साथ अहम बैठक कल, राष्ट्रपति मुर्मू से भी मुलाकात
मंगलवार को राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में औपचारिक स्वागत के बाद, कतर के अमीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
इस बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, संस्कृति और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता होगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
भारत-कतर व्यापारिक संबंध मजबूत करने की योजना
भारत और कतर के बीच लंबे समय से व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत संबंध हैं।
- अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक, भारत को कतर से 1.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ।
- 2023-24 में भारत-कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 14 अरब डॉलर रहा, जबकि 2022-23 में यह 18.77 अरब डॉलर था।
भारत, कतर से एलएनजी (LNG), पेट्रोलियम उत्पाद और उर्वरक आयात करता है, जबकि कतर भारत को मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कृषि उत्पाद निर्यात करता है।
कतर के अमीर के दौरे का मकसद क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि कतर के अमीर का यह दौरा भारत के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए है।
- ऊर्जा सुरक्षा: कतर, भारत का प्रमुख एलएनजी आपूर्तिकर्ता है। इस दौरे में भारत और कतर के बीच नई गैस सप्लाई डील पर चर्चा हो सकती है।
- निवेश सहयोग: कतर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर सकता है, खासतौर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में।
- रक्षा और सुरक्षा: दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग पर बातचीत हो सकती है।
- खाड़ी देशों में भारत का प्रभाव: भारत कतर के साथ मजबूत संबंध बनाकर मिडल ईस्ट (Middle East) में अपने कूटनीतिक प्रभाव को और बढ़ा सकता है।
PM मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे अमीर शेख
कतर के अमीर का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर हुआ है।
हाल के वर्षों में भारत और कतर के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा, व्यापार, संस्कृति, और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते किए हैं।
भारत-कतर रिश्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर?
हाल ही में भारत में कतर को लेकर कुछ कानूनी और राजनीतिक मामले उठे थे, जिनका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि कतर के अमीर का यह दौरा दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे को बढ़ाने और लंबित समझौतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
क्या भारत को इस दौरे से बड़ा फायदा मिलेगा?
अगर इस दौरे में एलएनजी आपूर्ति, व्यापार और निवेश को लेकर अहम समझौते होते हैं, तो भारत को इस दौरे से बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कतर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इनोवेशन में निवेश कर सकता है, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा।
भारत-कतर संबंधों का नया अध्याय?
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Sheikh Tamim bin Hamad Al-Thani) का यह दौरा भारत के साथ संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का संकेत देता है।
आने वाले दिनों में PM मोदी और अमीर शेख के बीच होने वाली बातचीत और समझौते भारत-कतर संबंधों को किस दिशा में ले जाएंगे, इस पर सबकी नजर होगी।










