नई दिल्ली,17 अगस्त (The News Air): प्रदोष व्रत का दिन बेहद कल्याणकारी माना जाता है, जो भगवान शंकर और देवी पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन का व्रत करने से व्यक्ति को भगवान शिव का आशीर्वाद सदैव के लिए प्राप्त होता है। प्रदोष का अर्थ है अंधकार को दूर करना। इस साल सावन का आखिरी प्रदोष व्रत (Shani Pradosh Vrat 2024) 17 अगस्त को यानी आज रखा जा रहा है।
ऐसे में जो लोग इस व्रत का पालन करते हैं, उनकी जीवन की समस्त बाधाओं का अंत होता है। वहीं, इस शुभ अवसर पर ”शिव तांडव स्तोत्र’ का पाठ बेहद शुभ माना गया है, तो चलिए यहां करते हैं।
।।शिव तांडव स्तोत्र।।
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