नई दिल्ली, 06 अगस्त (The News Air): इस बार नागपंचमी का पर्व 9 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन नागदेवता की पूजा की जाती है। नागों से जुड़ी कईं कईं रहस्यमयी बातें धर्म ग्रंथों में भी बताई गई हैं। हिंदू धर्म में नाग को देवता मानकर पूजा जाता है। अनेक ग्रंथों में भी नागों से जुड़ी कईं रहस्यमयी और रोचक कथाओं की जानकारी मिलती है। लेकिन बहुत कम लोग नागों से जुड़ी इन रोचक बातों के बारे में जानते हैं। नागपंचमी (9 अगस्त, शुक्रवार) के मौके पर हम आपको नागों से जुड़ी ऐसी ही कुछ रोचक और रहस्यमयी बातों के बारे में बता रहे हैं धर्म ग्रंथों के अनुसार, कश्यप ऋषि की 13 पत्नियां थी। उनमें से एक का नाम कद्रू था। कद्रू ने ऋषि कश्यप की बहुत सेवा की। प्रसन्न होकर उन्होंने कद्रू को वरदान मांगने को कहा। कद्रू ने कहा कि ‘1 हजार बलशाली नाग मेरे पुत्र हों।’ ऋषि कश्यप ने उसे ये वरदान दे दिया। इस तरह ऋषि कश्यप और कद्रू से नाग जाति की उत्पत्ति हुई। महाभारत के अनुसार, नागों के राजा का नाम वासुकि है। ये ही हर समय महादेव के गले में आभूषण बनकर लटकते रहते हैं। नागराज वासुकि के अनेक मंदिर हमारे देश में है। नागराज वासुकि की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ग्रंथों के अनुसार, नागों के सबसे बड़े भाई शेषनाग सबसे बलशाली हैं। सबसे पहले इन्हें ही नागों का राजा बनाया जाने वाला था, लेकिन इन्होंने तपस्या का मार्ग चुना और भगवान विष्णु को प्रसन्न कर उनकी शैय्या बन गए। शेषनाग के 1 हजार फन हैं, जिन पर ये पृथ्वी टिकी हुई है। महाभारत के अनुसार, नागों की बहन का नाम जरत्कारु है। इन्हें मनसा भी कहते हैं। स्वयं महादेव इनके गुरु हैं। देवी मनसा के पुत्र आस्तिक ने ही राजा जनमेजय के नागदाह यज्ञ को रुकवाकर नाग जाति को खत्म होने से बचाया था। महाभारत के अनुसार, अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को तक्षक नाग ने काटा था। बाद में जब ये बात परीक्षित के पुत्र जनमेजय को पता चली तो उन्होंने नागदाह यज्ञ करवाया, जिसमें अनेक भयंकर विषधर सांप भस्म हो गए। बचे रहेंगे कालसर्प दोष के अशुभ प्रभाव से अनोखा मंदिर, जहां हैं हजारों नाग प्रतिमाएं, महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।













