LIVE | ...
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता: AIMPLB के प्रस्ताव में क्या है, शाह बानो केस की याद क्यों आई?

मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता: AIMPLB के प्रस्ताव में क्या है, शाह बानो केस की याद क्यों आई?

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 15 जुलाई 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

गुजारा भत्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को AIMPLB ने शाह बानो केस जैसा बताया है. वर्ष 1985 में SC ने इस मामले में शाह बानो के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके पति अहमद खान को CrPC की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. जिसे तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने नया कानून लाकर पलट दिया.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को आजीवन गुजारा भत्ता देने का विरोध कर रहा है. रविवार को AIMPLB की बैठक में 6 प्रस्ताव पारित किये गए. इन प्रस्तावों में सबसे पहला प्रस्ताव गुजारा भत्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर रहा. AIMPLB ने प्रस्ताव में लिखा गया है कि मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं के गुजारा भत्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला शरिया कानून के खिलाफ है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे 39 साल पुराने शाह बाने केस जैसा फैसला बताया है.

SC के फैसले को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है. AIMPLB का कहना है कि वो सभी तरह के कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल कर इस फैसले को रोलबैक करने की कोशिश करेगा.

यह भी पढे़ं 👇

Yuddh Nasheyan Viruddh Punjab

Yuddh Nasheyan Viruddh Punjab: मान सरकार का नशे पर आखिरी प्रहार, बाइक रैली रवाना

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
CJP Protest Delhi

CJP Protest Delhi: धरने की आग में झुलसी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Indian Railways Rules 2026

Indian Railways Rules 2026: ट्रेन छूटने का डर अब खत्म, जानें नियम

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Elon Musk Attack BJP

Elon Musk Attack BJP: आखिर ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ क्यों कहा?

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
AIMPLB की बैठक में पास प्रस्ताव में क्या है?

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि देश की सर्वोच्च अदालत का ये फैसला इस्लामिक कानून यानी शरिया के खिलाफ है. इस्लाम में तलाक को अच्छा नहीं माना गया है, लेकिन अगर तमाम कोशिशों के बावजूद साथ रहना मुश्किल हो जाए तो अलग होना ही सही विकल्प होगा. बोर्ड ने प्रस्ताव में लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को महिलाओं के हित में बताया है लेकिन इससे मुस्लिम महिलाओं का जीवन बदतर हो जाएगा. बोर्ड का तर्क है कि जब रिश्ता ही नहीं रहा तो तलाकशुदा महिला के भरण पोषण की जिम्मेदारी पुरुषों पर कैसे डाली जा सकती है.

AIMPLB ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया है कि भारत में जिस तरह हिंदुओं के लिए हिंदू कोड कानून है उसी तरह मुसलमानों के लिए शरिया एप्लीकेशन एक्ट, 1937 है. साथ ही संविधान का अनुच्छेद 25 भारत के सभी नागरिकों को अपने मजहब का पालन करने की आजादी देता है.

Resolutions adopted at the meeting of Working Committee of All India Muslim Personal Law Board

🗓️ July 14, 2024, Sunday
📍 Masjid Jhal Piao, Bahadur Shah Zafar Marg, New Delhi pic.twitter.com/ciUz8gun9Q

— All India Muslim Personal Law Board (@AIMPLB_Official) July 14, 2024

AIMPLB को शाह बानो केस की याद क्यों आई?

गुजारा भत्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को AIMPLB ने शाह बानो केस जैसा बताया है. दरअसल करीब 40 साल पहले इंदौर की 62 साल की महिला शाह बानो को उनके पति ने दूसरी शादी के बाद तलाक दे दिया था जिसके बाद उन्हें गुजारा भत्ता हासिल करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा. शाह बानो की याचिका पर सुनवाई करते हुए इंदौर हाईकोर्ट उनके पति को 179 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का फैसला दिया.

शाह बानो का पति मोहम्मद अहमद खान पेशे से वकील था, उसने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई. वर्ष 1985 में कोर्ट ने इस मामले में शाह बानो के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अहमद खान को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. इस फैसले के बाद भी देशभर के मुस्लिम संगठन खासे नाराज़ थे और उन्होंने इस पलटने के लिए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार पर दबाव बनाया.

राजीव गांधी ने पलटा था कोर्ट का फैसला

तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी बनाने के लिए मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) कानून, 1986 लाकर कोर्ट के फैसले को पलट दिया. इस कानून के मुताबिक मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को अपने पूर्व पतियों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अधिकार केवल इद्दत (90 दिनों) की अवधि तक ही कर दिया गया. इसके बाद से ही मुसलमानों से जुड़े निजी मामले जैसे- शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति आदि में मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत ही अदालत में सुने जाते हैं और उसी के तहत फैसले सुनाए जाते हैं.

CrPC की धारा 125 और 1986 अधिनियम में क्या है प्रावधान?

CrPC की धारा 125 (वर्तमान में BNSS की धारा 144) में तलाकशुदा महिलाओं को आजीवन पूर्व पति से गुजारा भत्ता लेने का हकदार माना गया है. इसके तहत अगर महिला ने तलाक के बाद दूसरी शादी नहीं की है तो पति को ताउम्र उसे गुजारा भत्ता देना होगा. दूसरी ओर शाह बानो केस के बाद अस्तित्व में आए 1986 अधिनियम में गुजारा भत्ता तलाक के बाद सिर्फ 90 दिनों तक देने का ही प्रावधान है.

10 जुलाई को SC ने अपने फैसले में क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने तेलंगाना के एक मुस्लिम शख्स की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि CrPC की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता लेने का अधिकार हर धर्म की महिलाओं को है. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी गुजारा भत्ता पाने का उतना ही अधिकार है, जितना अन्य धर्म की महिलाओं को. इस मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि समय आ गया है कि भारतीय पुरुष पत्नी के त्याग को पहचानें. उन्होंने पति-पत्नी का ज्वाइंट अकाउंट खोलने और नियमित वित्तीय सहायता देने पर भी जोर दिया.

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने केपी शर्मा ओली, कांग्रेस ने याद दिलाए मित्रतापूर्ण संबंध

Next Post

‘मिसेज’ एक महिला की जटिल यात्रा को दिखाती है : सान्या मल्होत्रा

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Yuddh Nasheyan Viruddh Punjab

Yuddh Nasheyan Viruddh Punjab: मान सरकार का नशे पर आखिरी प्रहार, बाइक रैली रवाना

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
CJP Protest Delhi

CJP Protest Delhi: धरने की आग में झुलसी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Indian Railways Rules 2026

Indian Railways Rules 2026: ट्रेन छूटने का डर अब खत्म, जानें नियम

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Elon Musk Attack BJP

Elon Musk Attack BJP: आखिर ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ क्यों कहा?

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Delhi Metro Shutdown

Delhi Metro Shutdown: 57 स्टेशन बंद, 45 पर ताला, याचिका दाखिल

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
AAP protest Chandigarh

AAP Protest Chandigarh: सिसोदिया-चीमा हिरासत में, CEC इस्तीफे की मांग तेज

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Next Post
मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता

'मिसेज' एक महिला की जटिल यात्रा को दिखाती है : सान्या मल्होत्रा

मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता

इश्क का पाठ पढ़ाने फिर आ रहीं तापसी पन्नू, इस दिन ओटीटी पर रिलीज होगी फिर...

मुस्लिम महिला गुजारा भत्ता

प्रचंड समर्थन के साथ चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने केपी ओली, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।