नई दिल्ली, 25 जून (The News Air) : 24 जून को जब 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू हुआ तो ये तय माना जा रहा था कि सत्तापक्ष और विपक्ष में इस बार घमासान देखने को जरूर मिलेगा। हालांकि, लोकसभा स्पीकर पद पर ही ये देखने को मिल जाएगा, ये शायद ही किसी ने सोचा होगा। जी हां, इतिहास में पहली बार लोकसभा अध्यक्ष के लिए चुनाव होने जा रहा। सत्तापक्ष यानी बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार सामने आ चुके हैं। उन्होंने नामांकन भी कर दिया है। नॉमिनेशन के दौरान जो तस्वीर आई वो भी बहुत कुछ बयां कर रही है। जिस तरह दोनों ही ओर से उम्मीदवारों उतारे गए उससे मुकाबला दिलचस्प होगा। खास बात ये है कि लोकसभा के रण में दोनों ओर की सेनाएं तैयार हैं। अब देखना होगा कि बाजी कौन मारता है।
लोकसभा स्पीकर पद के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की ओर से ओम बिरला ने नामांकन किया है। वो पिछले सत्र में भी लोकसभा अध्यक्ष थे। इस बार जब उनका नामांकन हुआ तो उनके सपोर्ट में पूरा एनडीए खेमा एकजुट दिखा। ओम बिरला के पक्ष में प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर के दौरान अमित शाह, जेपी नड्डा समेत बीजेपी के दिग्गज नेता मौजूद रहे। चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, अनुप्रिया पटेल समेत एनडीए के तमाम दिग्गज मौजूद रहे। उधर विपक्ष की ओर से स्पीकर पद के उम्मीदवार के सुरेश के नामांकन में मोर्चा कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संभाला। डी राजा भी इस मौके पर मौजूद रहे।
लोकसभा स्पीकर को लेकर विपक्ष ने दावेदारी का फैसला यूं ही नहीं किया है। ऐसा इसलिए हो रहा क्योंकि इस लोकसभा में 2014 और 2019 के मुकाबले तस्वीर बदली-बदली है। इस बार विपक्षी गठबंधन इंडिया मजूबत बनकर उभरा है। सत्ताधारी खेमे में जहां 293 सांसद जीतकर आए हैं, विपक्ष का आंकड़ा 234 है। लोकसभा में बदले हालात का असर लोकसभा स्पीकर पद पर दावेदारी के दौरान दिखा। हुआ ये कि अब तक स्पीकर का पद सत्ता पक्ष को ही मिलता था। हालांकि, इसमें विपक्ष की आम सहमति होती थी। वहीं डिप्टी स्पीकर विपक्ष की ओर से होता था। हालांकि, इस बार सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। बस यहीं पेंच फंस गया।
2024 के चुनावी रण में एनडीए और इंडिया गठबंधन की टक्कर सभी ने देखी। देश की आवाम ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत दिया। पीएम मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। अब लोकसभा स्पीकर पद को लेकर सदन में घमासान नजर आएगा। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार 24 जून से शुरू हुआ। पहले दिन प्रोटेम स्पीकर का शपथ ग्रहण हुआ। फिर प्रोटेम स्पीकर ने लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना शुरू किया। इसी बीच सवाल उठा कि अगला लोकसभा अध्यक्ष कौन होगा। अब तक का इतिहास रहा कि स्पीकर का चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति से होता था। हालांकि, ये पहली बार जब लोकसभा अध्यक्ष पद पर चुनाव होगा।








