GMADA ED Raid – Mohali के जिस GMADA (Greater Mohali Area Development Authority) दफ्तर में उच्च अधिकारियों की तूती बोलती थी और एक हुक्म से अरबों रुपये की जमीन के फैसले होते थे, पिछले दो दिनों से उसी दफ्तर में खौफ का माहौल बना हुआ है। Enforcement Directorate (ED) ने अपने कैमरे तोपों की तरह तैनात कर रखे हैं और हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है।
देखा जाए तो यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। ED की टीमों द्वारा जांच लगातार जारी है और बीती रात से दफ्तर में अजीबोगरीब खामोशी छाई हुई है। जिन दफ्तरों में अफसरों के हुक्मों के बिना पत्ता भी नहीं हिलता था, वहां आज अफसरों और कर्मचारियों के सांस लेने की आवाज भी डर के साथ निकल रही थी।
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दफ्तर में ही बिछे गद्दे, 2 बजे मिली नींद की इजाजत
आज पूरा माहौल बेबसी में बदला हुआ नजर आया। विवरण के अनुसार बीती देर रात तक चली तीखी पूछताछ के बाद जब अफसरों को नींद आने लगी, तो बाहर से गद्दे मंगवा कर दफ्तरों में ही बिछाए गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि रात 2 बजे जाकर ED ने उच्च अधिकारियों को आंखें मीटने की इजाजत दी। अफसरों के लिए खाना भी बाहर से ही मंगवाया गया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि जिन्होंने कभी पांच सितारा सुविधाओं में काम किया, वे अपने ही दफ्तर में गद्दों पर सोने को मजबूर हो गए।
बुधवार की सुबह भी नहीं लाई उम्मीद
बुधवार की सुबह भी अधिकारियों के लिए कोई नई उम्मीद नहीं लेकर आई, बल्कि पूछताछ का नया दौर शुरू हो गया। परिवारों की ओर से दफ्तर के बाहर से कपड़ों के बैग भेजे गए।
दिलचस्प बात यह है कि जिन कलमों ने कभी अनेकों बड़े फैसले लिखे थे, आज वही कलम वाले अफसर ED के सवालों के आगे कांपते नजर आए। समझने वाली बात यह है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई में किसी की हैसियत या रुतबा काम नहीं आता।
पूरे दफ्तर पर ED का सख्त पहरा
अगर गौर करें तो GMADA दफ्तर अब किसी जेल से कम नहीं लग रहा था। ED की टीमें हर कोने में तैनात थीं और कैमरों की निगरानी लगातार जारी थी। अंदर जाने-आने पर पूरी तरह रोक थी।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है और कई अहम सवाल पूछे जा रहे हैं। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच चल रही है।
अफसरों का रुतबा धराशायी
जिस दफ्तर में कभी बड़े-बड़े बिल्डरों और ठेकेदारों की लाइन लगती थी, वहां अब सिर्फ ED अधिकारियों का राज है। कहने का मतलब साफ है कि सत्ता और पद की ताकत भी कानून के सामने फीकी पड़ जाती है।
चिंता का विषय यह है कि इस छापेमारी से Mohali के रियल एस्टेट कारोबार में हड़कंप मच गया है। कई बिल्डर और डेवलपर्स भी परेशान नजर आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
हालांकि ED ने अभी तक जांच का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई जमीन आवंटन में अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ी हो सकती है।
GMADA जैसी संस्था जो Mohali और आसपास के इलाकों में जमीन और संपत्ति से जुड़े फैसले लेती है, वहां अगर भ्रष्टाचार की जांच हो रही है तो इसका दायरा काफी बड़ा हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- GMADA दफ्तर में ED की दो दिन से जारी छापेमारी
- अफसरों को दफ्तर में ही गद्दों पर सोना पड़ा
- रात 2 बजे मिली आंखें मीटने की इजाजत
- मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच
- पूरे दफ्तर पर कैमरों की निगरानी जारी












