वैज्ञानिक मानते आए हैं कि करोड़ों साल पहले हमारी धरती से डायनासोरों का खात्मा भी एक एस्टरॉयड की टक्कर के बाद मचे विनाश से हुआ था। हाल के वर्षों में 2013 की एक घटना को याद किया जा सकता है। रूस के चेल्याबिंस्क शहर पर 59 फुट चौड़ा एक एस्टरॉयड क्रैश हो गया था। उस जरा से एस्टरॉयड की वजह से 8000 इमारतों को नुकसान पहुंचा था और एक हजार लोग घायल हो गए थे।
बात करें एस्टरॉयड ‘2023 JD2′ की, तो यह 46 हजार 891 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज स्पीड से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। यह एस्टरॉयड्स के अपोलो ग्रुप से संबंधित है। एस्टरॉयड्स को लघु ग्रह भी कहा जाता है। नासा के अनुसार, जिस प्रकार से हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य का चक्कर लगाते हैं, उसी तरह एस्टरॉयड भी सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
एस्टरॉयड जब पृथ्वी के करीब आते हैं, तो वैज्ञानिक इनके और पृथ्वी के बीच की दूरी को देखते हैं। इसके लिए सैटेलाइट और रडार की मदद ली जाती है। ज्यादातर एस्टरॉयड मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच मेन एस्टरॉयड बेल्ड में परिक्रमा करते हैं, लेकिन कई एस्टरॉयड की कक्षाएं ऐसी होती हैं, जो पृथ्वी के पास से गुजरती हैं।








