नई दिल्ली, 27 सितंबर –आम आदमी पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा एनएसए के तहत गिरफ्तार किए गए शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में हर भारतीय को एकजुट होने की अपील की है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने यह अपील कर कहा कि सोनम वांगचुक के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई पूरी तरह गलत है। सभी देशभक्तों को इसका विरोध करना चाहिए। मोदी सरकार ने देश में नया चलन शुरू कर दिया है कि जो भी उसके खिलाफ बोलेगा, उसे फर्जी केस में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने खुद वादा किया था कि केंद्र में उसकी सरकार बन जाएगी तो लद्दाख को पूर्ण राज्य बना दिया जाएगा। आज लद्दाख के लोग यही मांग कर रहे हैं तो क्या गलत कर रहे हैं? ‘‘आप’’ की मांग है कि सरकार सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा कर उन पर लगे एनएसए को हटाए और लद्दाख के लोगों की मांग पूरी करे।
शनिवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर दुर्गेश पाठक ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे देश के अंदर हुए घटनाक्रम बहुत डरावने है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हैं। यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही चरित्र को दिखाता है। कई वर्षों से लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। राज्य में छठी अनूसूची को लागू किया जाए, ताकि लद्दाख के लोग भी लोकतांत्रित तरीके से अपने वोट के जरिए अपनी सरकार चुन सकंे और निर्वाचित सरकार से अपने काम करवा सकें।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कर रहे थे। सोनम वांगचुक पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने कई बार लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर अनशन किया। सोनम वांगचुक ने लद्दाख से दिल्ली तक पैदल यात्रा की और 15 दिन के अनशन पर बैठे थे। सोनम वांगचुक को एशिया का नोबल पुरस्कार कहे जाने वाले रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 8 से अधिक यूनिवर्सिटी ने उनको डॉक्टरेट की उपाधि दी है। खुद मोदी सरकार ने उनको कई सारे अवार्ड देकर सम्मानित किया है। शुक्रवार को ऐसे व्यक्ति सोनम वांगचुक के उपर एनएसए लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक देशद्रोही और भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि पिछले कई सालों से पूरे देश के अंदर देखा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, तो मोदी सरकार बहुत आसानी से उस व्यक्ति को किसी एक्ट में फंसाकर उसे जेल भेज देती है। इसके जरिए भाजपा दिखाना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है और ना तो मोदी सरकार के खिलाफ बोल सकता है। पीएम मोदी की पार्टी भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था कि जब केंद्र में उनकी सरकार बनेगी तब लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा। लद्दाख के लोग मोदी सरकार से अपना वादा पूरा करने की ही मांग कर रहे हैं।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत से प्यार करने वाले, भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों से प्यार करने वाले हर भारतीय को सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने की अपील करती है। क्योंकि देश के अंदर ऐसी चीज शुरू की जा रही है कि जो भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ बोलेगा, उसको ये लोग तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डालेंगे। पहले तो ये लोग आम आदमी का वोट काट देंगे। अगर वोट नहीं कटा और सोशल मीडिया के जरिए सरकार के खिलाफ बोलना शुरू किए तो ये लोग आपको जेल में डाल देंगे। मोदी सरकार की यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ है। मोदी सरकार की इस करतूत को देखकर आज हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ’ अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल शर्मिंदा होंगे।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि देश से प्यार करने वाले हर भारतीय को अब सोचना होगा कि सोनम वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। सोनम वांगचुक को हर देशभक्ति अपना आदर्श मानता है, उन पर एनएसए लगाकर जेल में डाल दिया गया है। मोदी सरकार ने भारतीय लोकतंत्र का मजाक उड़ाया है। केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन पर लगा एनएसए हटाने की मांग करती है। सरकार लद्दाख के लोगों की मांगों को सुने और उसे पूरा करे।
दुर्गेश पाठक ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 1984 में सोनम वांगचुक के पिता लददाख के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर अनशन किया था। लद्दाख एक पिछड़ा इलाका है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके अनशन के बारे में पता चला तो वह खुद उनसे मिलने गईं और अनशन तुड़वाया। आज हमारे सामने दो प्रधानमंत्रियों के उदाहरण सामने है। एक इंदिरा गांधी जो खुद मौके पर जाकर सोनम वांगचुक के पिता के अनशन को तुड़वाई और दूसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो सत्ता के मद में पागल हो चुके हैं और सोनम वांगचुक पर एनएसए लगाकर जेल में डाल देते हैं। यह बिल्कुल गलत है और इस कार्रवाई का हर भारतीय को विरोध करना चाहिए।
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