Yudh Nashian Virudh Campaign: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त बनाने की मुहिम में एक और बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब पुलिस ने गुरुवार, 19 मार्च 2026 को राज्यभर में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाकर 426 ड्रग हॉटस्पॉट पर एक साथ छापेमारी की। इस ऑपरेशन में 248 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 200 FIR दर्ज की गईं। यह ‘युद्ध नशिआं विरुद्ध’ अभियान का 383वां दिन था, जो 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था।
DGP गौरव यादव के निर्देश पर 28 जिलों में एक साथ ऑपरेशन
डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर यह CASO पंजाब के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ चलाया गया। ऑपरेशन की निगरानी के लिए पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर (PPHQ) से वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया था, ताकि हर जिले में छापेमारी की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ ऑपरेशन चलाना दिखाता है कि पंजाब पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए कितनी गंभीर है।
एक दिन में 710 ग्राम हेरोइन, 20 किलो भुक्की और ड्रग मनी बरामद
Yudh Nashian Virudh Campaign के तहत चले इस दिनभर के ऑपरेशन में पुलिस टीमों ने गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 710 ग्राम हेरोइन, 20 किलोग्राम भुक्की (Poppy Husk), 2655 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 14,150 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। ये ड्रग हॉटस्पॉट वे जगहें हैं जहां से नशीले पदार्थों की बिक्री होती है और पुलिस ने इन्हें पहले से चिह्नित करके योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की।
आम नागरिकों के लिए यह राहत की बात है कि उनके मोहल्लों और गांवों में नशे के अड्डों पर सीधी कार्रवाई हो रही है। यह ऑपरेशन उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जिनके बच्चे नशे की लत में फंसे हुए हैं।
383 दिनों का लेखा-जोखा: 54,190 तस्कर गिरफ्तार, 2384 किलो हेरोइन जब्त
स्पेशल DGP लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला, जो इस ऑपरेशन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे थे, ने पूरे अभियान के अब तक के आंकड़े साझा किए। 1 मार्च 2025 से शुरू हुए Yudh Nashian Virudh Campaign में अब तक 38,119 FIR दर्ज करके 54,190 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बरामदगी के आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने अब तक 2384 किलोग्राम हेरोइन, 715 किलोग्राम अफीम (Opium), 303 क्विंटल भुक्की, 834 किलोग्राम गांजा, 51.35 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल, 36 किलोग्राम ICE (मेथमफेटामाइन) और 17 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। ये आंकड़े इस अभियान की विशालता और गंभीरता दोनों को दर्शाते हैं।
नशामुक्ति के लिए भी बड़ा कदम: 1.21 लाख लोगों को जोड़ा गया इलाज से
Yudh Nashian Virudh Campaign सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। स्पेशल DGP अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब पुलिस ने डी-एडिक्शन (नशामुक्ति) अभियान के तहत 1.21 लाख लोगों को नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों (De-addiction या OOAT Centres) में इलाज करवाने के लिए प्रेरित किया है। यह आंकड़ा बताता है कि पुलिस ने सिर्फ सप्लाई चेन को तोड़ने पर ध्यान नहीं दिया बल्कि नशे की लत में फंसे लोगों को वापस सामान्य जीवन में लाने का भी प्रयास किया है।
यह दोतरफा रणनीति बेहद अहम है क्योंकि जब तक मांग (Demand) कम नहीं होगी, तब तक सप्लाई को पूरी तरह रोकना मुश्किल है। नशे में फंसे लोगों को सजा नहीं बल्कि इलाज की जरूरत है और यह पहल इसी सोच को दर्शाती है।
5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी कर रही नशे के खिलाफ जंग की निगरानी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर एसएसपी को पंजाब को नशा मुक्त बनाने का सीधा निर्देश दिया है। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है, जो नशे के खिलाफ इस जंग की लगातार निगरानी कर रही है। राजनीतिक स्तर पर इतनी गंभीरता से मॉनिटरिंग होना इस बात का संकेत है कि यह अभियान सिर्फ कागजी नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर चलाया जा रहा है।
‘गैंगस्ट्रां ते वार’ का 58वां दिन: 207 और गिरफ्तार
नशे के खिलाफ जंग के साथ-साथ पंजाब पुलिस का ‘गैंगस्ट्रां ते वार’ (Gangstran Te Vaar) अभियान भी पूरी रफ्तार से जारी है। इस अभियान के 58वें दिन पुलिस टीमों ने 207 लोगों को गिरफ्तार किया और चार हथियार बरामद किए। अभियान शुरू होने के बाद से अब तक कुल 15,458 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
इसके अलावा 80 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई, 101 लोगों की पड़ताल करने के बाद पूछगिछ के बाद छोड़ा गया और छह फरार घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को भी धर दबोचा गया। गैंगस्टर और नशा तस्करी के बीच गहरा कनेक्शन होता है, इसलिए दोनों अभियानों का एक साथ चलना पंजाब की कानून-व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
पंजाब में नशे के खिलाफ जंग कितनी कारगर: आंकड़े खुद बोलते हैं
383 दिनों में 54 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां, 2384 किलो हेरोइन की बरामदगी और 1.21 लाख लोगों को नशामुक्ति से जोड़ना, ये आंकड़े अपने आप में बहुत कुछ कहते हैं। हालांकि, नशे की समस्या इतनी गहरी है कि सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई से इसका पूरी तरह खात्मा मुश्किल है। इसके लिए समाज, परिवार, शिक्षा संस्थान और सरकार सभी को मिलकर काम करना होगा। लेकिन इतना जरूर है कि पंजाब पुलिस की यह मुहिम नशा तस्करों के बीच खौफ पैदा कर रही है और आम लोगों में उम्मीद जगा रही है कि एक दिन पंजाब सच में नशा मुक्त हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब पुलिस ने Yudh Nashian Virudh Campaign के 383वें दिन 426 ड्रग हॉटस्पॉट पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें 248 लोग गिरफ्तार हुए, 200 FIR दर्ज हुईं और 710 ग्राम हेरोइन, 20 किलो भुक्की व 2655 नशीली गोलियां बरामद हुईं।
- 1 मार्च 2025 से अब तक 38,119 FIR दर्ज कर 54,190 तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, साथ ही 2384 किलो हेरोइन, 715 किलो अफीम, 51.35 लाख नशीली गोलियां और 17 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद हुई है।
- नशामुक्ति अभियान के तहत 1.21 लाख लोगों को डी-एडिक्शन और OOAT केंद्रों में इलाज से जोड़ा गया है, जो सप्लाई के साथ-साथ डिमांड कम करने की दिशा में बड़ा कदम है।
- ‘गैंगस्ट्रां ते वार’ अभियान के 58वें दिन 207 लोग गिरफ्तार हुए, अभियान शुरू होने से अब तक कुल 15,458 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और छह फरार अपराधी भी पकड़े गए।








