Atishi Fake Video Case Verdict : आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा ‘आप’ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के छेड़छाड़ वाले वीडियो से संबंधित मामले में अदालत द्वारा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए आदेशों पर शक जताकर जनता को गुमराह करने की कोशिशों की सख्त निंदा की है।
‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने पंजाब पुलिस की फोरेंसिक रिपोर्ट पर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा उठाए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह मुद्दा अब राजनीतिक असहमति से कहीं आगे बढ़ चुका है और यह सीधे तौर पर अदालती आदेशों को चुनौती देने के बराबर है।
Sunil Jakhar ji, this is no longer a political disagreement. This is a direct contradiction of a judicial order.
Honourable Court, after examining forensic reports from the State Forensic Science Laboratory, has categorically recorded that the viral video was doctored and that… https://t.co/HXTdwTtljN pic.twitter.com/jcQTYgAUjO
— Aman Arora (@AroraAmanSunam) January 17, 2026
अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि माननीय अदालत ने स्टेट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी द्वारा पेश की गई फोरेंसिक रिपोर्टों की जांच करने के बाद स्पष्ट रूप से कहा है कि वायरल हुई वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और असली ऑडियो में कोई भी आपत्तिजनक शब्द मौजूद नहीं था। इसी निष्कर्ष के आधार पर अदालत ने वीडियो को हटाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक करने के आदेश दिए थे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि अदालत के सामने रखे गए फोरेंसिक नतीजों पर सवाल उठाना किसी राजनीतिक पार्टी या सरकार पर सवाल उठाना नहीं है। यह अदालत के फैसले पर सवाल उठाना है। एक बार जब अदालत ने अपना फैसला सुना दिया, तो उसके नतीजों से इनकार करना राजनीति नहीं, बल्कि कानून के शासन (रूल ऑफ लॉ) की मानहानि है।
सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गुमराहकुन बातों का जवाब देते हुए ‘आप’ मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि झूठी कहानी को दोहराने से अदालती तथ्य नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि अदालत ने फोरेंसिक सबूतों की जांच की और अपना नतीजा दर्ज किया। वह न्यायिक निष्कर्ष रिकॉर्ड पर है। कोई भी राजनीतिक व्याख्या अदालत द्वारा स्वीकृत फोरेंसिक रिपोर्ट को रद्द नहीं कर सकती।
Pargat Singh ji, repeating a false claim does not make it true.
A court of law examined forensic evidence and recorded that the viral clip was doctored and that the alleged derogatory word was not spoken in the original audio. Acting on this finding, the court ordered the video… https://t.co/fw8gyAjvXs
— Laljit Bhullar AAP (@Laljitbhullar) January 17, 2026
कांग्रेसी नेता परगट सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भुल्लर ने कहा कि छेड़छाड़ किए गए कंटेंट के आधार पर धार्मिक भावनाओं को विवाद में घसीटना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि सिख कौम सच्चाई और ईमानदारी की हकदार है, राजनीतिक फायदे के लिए जाली क्लिप्स की नहीं। जाली सामग्री के बचाव के लिए गुरु साहिबान के सम्मानित नाम का इस्तेमाल करना ही असल में सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।
‘आप’ नेताओं ने परगट सिंह और सुनील जाखड़ को सलाह दी कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की मांग है कि राजनीतिक सुविधाओं की परवाह किए बिना न्यायिक संस्थाओं का सम्मान किया जाए और अदालती फैसलों को स्वीकार किया जाए।








