Yogi Cabinet Meeting : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में आवास, स्टांप, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, परिवहन और शिक्षा समेत विभिन्न विभागों के 27 से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है। इस Yogi Cabinet Meeting में सबसे बड़ा फैसला उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का लिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रदेश के 8 शहरों को करीब 800 करोड़ रुपये देने और कानपुर में 700 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन पुल बनाने जैसे बड़े फैसलों पर भी मुहर लगी है।
शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा: बड़ी राहत
Yogi Cabinet Meeting का सबसे अहम फैसला उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के शिक्षकों को यह सुविधा दे चुकी है और अब इसका दायरा बढ़ाकर उच्च शिक्षा विभाग तक कर दिया गया है।
इस फैसले के तहत अब अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक और राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित व स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकार ने बजट में पहले से ही इसका प्रावधान कर रखा था।
इस फैसले से प्रदेश भर के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी और वे अस्पताल में बिना किसी नकद भुगतान के अपना इलाज करा सकेंगे। यह कदम शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
8 शहरों को 800 करोड़ का तोहफा: शहरी विस्तारीकरण योजना
Yogi Cabinet Meeting में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रदेश के 8 शहरों को करीब 800 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। इन शहरों में बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ शामिल हैं।
इस राशि से इन शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास, सड़कों का निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। यह फैसला इन शहरों के लाखों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में अहम भूमिका निभाएगा। खासतौर पर चित्रकूट, बांदा और उरई जैसे छोटे शहरों के लिए यह रकम विकास की नई राह खोल सकती है।
मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे बनेगा IMLC
Yogi Cabinet Meeting में मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 200 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर (IMLC) की स्थापना को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष राज्य में एक्सप्रेसवे के किनारे 27 IMLC की स्थापना की घोषणा की थी।
इसके बाद विभिन्न जिलों में IMLC के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। मेरठ में 200 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस IMLC के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित राशि जारी करने के प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा गया है। यह IMLC अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्थापित किया जाएगा।
IMLC की स्थापना से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने के कारण यहां से माल की ढुलाई आसान होगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
कानपुर में 700 करोड़ के चार लेन पुल का निर्माण
Yogi Cabinet Meeting में कानपुर से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। पहला प्रस्ताव कानपुर में स्थापित हो रही ट्रांस गंगा सिटी को कानपुर नगर से जोड़ने के लिए चार लेन के पुल (सेतु) के निर्माण का है। इस पुल के निर्माण पर करीब 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
यह पुल ट्रांस गंगा सिटी और कानपुर शहर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, जिससे इस नई सिटी के विकास को गति मिलेगी। कानपुर के लोगों के लिए यातायात आसान होगा और इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम पर भी लिया गया फैसला
Yogi Cabinet Meeting में खेलकूद विभाग की ओर से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को दिए जाने से जुड़े अनुज्ञा अनुबंध (लाइसेंस एग्रीमेंट) में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया। इस संशोधन के तहत स्टेडियम के उपयोग से जुड़े शुल्क का निर्धारण और कुछ अन्य शर्तों में बदलाव किए जाने की योजना है।
ग्रीन पार्क स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम मैदान रहा है और इस फैसले से स्टेडियम के बेहतर रखरखाव और उपयोग को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
UP की विकास गति और योगी सरकार की रणनीति
उत्तर प्रदेश सरकार की यह कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम है। एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बीच पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था दबाव में है, वहीं योगी सरकार ने इस बैठक में विकास और जनकल्याण दोनों पर बराबर ध्यान दिया है। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना, 8 शहरों में 800 करोड़ का निवेश, IMLC की स्थापना और कानपुर में 700 करोड़ के पुल का निर्माण, ये सभी फैसले प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। 27 से अधिक प्रस्तावों पर एक साथ फैसला लेना दिखाता है कि सरकार विकास कार्यों में तेजी लाने पर पूरा फोकस बनाए हुए है।
मुख्य बातें (Key Points)
- योगी कैबिनेट बैठक में 27 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी, उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का बड़ा फैसला।
- मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बरेली, वाराणसी, चित्रकूट समेत 8 शहरों को करीब 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे 200 एकड़ में IMLC की स्थापना और कानपुर में ट्रांस गंगा सिटी को जोड़ने के लिए 700 करोड़ के चार लेन पुल का निर्माण होगा।
- कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम को UP क्रिकेट एसोसिएशन को दिए जाने से जुड़े अनुबंध में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया।








