Yogi Adityanath New Chair उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के लिए एक खास और प्रतीकात्मक तोहफे के रूप में सामने आई है। मकर संक्रांति के अवसर पर उन्हें शेरों की आकृति से सजी एक विशेष कुर्सी भेंट की गई, जिसे उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में स्थापित करवा दिया। यह कुर्सी न केवल अपनी भव्यता बल्कि अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के कारण भी चर्चा में है।
शनिवार को गोरखपुर स्थित Gorakhnath Temple में यह भेंट दी गई। कुर्सी उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री और रिटायर्ड कर्नल Ajay Kothiyal द्वारा सीएम योगी को सौंपी गई। कुर्सी को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि गोरखनाथ पीठाधीश्वर के रूप में भेंट किया।

शेरों की आकृति वाली भगवा कुर्सी
यह कुर्सी भगवा रंग की गद्दी के साथ तैयार की गई है। इसके दोनों हाथों पर सिंह की आकृतियां उकेरी गई हैं, जिन्हें शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। कुर्सी का डिजाइन उत्तराखंड के मंदिरों में देखने को मिलने वाली पारंपरिक काष्ठ कला से प्रेरित है।
केदारनाथ प्रोजेक्ट की देवदार लकड़ी से निर्माण
इस कुर्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका निर्माण है। इसे Kedarnath पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट के दौरान बची हुई देवदार की लकड़ी से बनाया गया है। देवदार की लकड़ी अपनी मजबूती के साथ-साथ प्राकृतिक सुगंध के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि कुर्सी जहां भी रखी जाएगी, वहां हल्की सुगंध फैलती रहेगी।
15 दिन की मेहनत, पारंपरिक कारीगरी
अजय कोठियाल ने बताया कि इस कुर्सी को चकराता के पास कोठा गांव के पारंपरिक काष्ठ कारीगर ने लगभग 15 दिनों की मेहनत से तैयार किया है। इसमें महासू मंदिर की काष्ठ कला की झलक भी साफ दिखाई देती है, जिससे यह कुर्सी एक कलात्मक धरोहर जैसी प्रतीत होती है।
सीएम योगी को पसंद आई कुर्सी
अजय कोठियाल के अनुसार, सीएम योगी आदित्यनाथ को यह कुर्सी पहली नजर में ही पसंद आ गई। इसके बाद उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित करवाने का निर्णय लिया। कुर्सी को उनके आधिकारिक सम्मेलन कक्ष में भी रखा गया है।
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आम लोगों पर असर
यह कुर्सी सिर्फ एक फर्नीचर नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर सामने आई है। इससे उत्तराखंड की पारंपरिक कारीगरी और धार्मिक परियोजनाओं से जुड़े संसाधनों के सम्मान का संदेश भी जाता है।
जानें पूरा मामला
मकर संक्रांति के मौके पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे अजय कोठियाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें यह विशेष सिंहासननुमा कुर्सी भेंट की। उनका कहना था कि केदारनाथ प्रोजेक्ट से जुड़ी पवित्र लकड़ी का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति के लिए होना चाहिए, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा हो। इसी सोच के तहत यह कुर्सी तैयार करवाई गई।
मुख्य बातें (Key Points)
- सीएम योगी को शेरों की आकृति वाली विशेष कुर्सी भेंट की गई
- कुर्सी केदारनाथ प्रोजेक्ट की बची देवदार लकड़ी से बनी
- अजय कोठियाल ने मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में कुर्सी सौंपी
- कुर्सी में उत्तराखंड की पारंपरिक काष्ठ कला की झलक








