Ludhiana West By-Election 2024 : लुधियाना (Ludhiana) वेस्ट विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव (By-Election) को लेकर सियासी माहौल गरमा चुका है। 19 जून को इस सीट के लिए वोटिंग होगी और 23 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस (Congress), आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार का ऐलान नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, आज (गुरुवार) को भाजपा अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है।
कांग्रेस की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु (Bharat Bhushan Ashu) को टिकट मिला है, जिन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (Amrinder Singh Raja Warring) की मौजूदगी में नामांकन दाखिल कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) को मैदान में उतारा है। शिरोमणि अकाली दल की ओर से एडवोकेट परोपकार सिंहल घुम्मन (Advocate Paropkar Singhal Ghumman) चुनाव लड़ रहे हैं।
भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की सूची में एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू (Advocate Bikram Singh Sidhu) का नाम सबसे आगे चल रहा है। पार्टी महासचिव जीवन गुप्ता (Jeevan Gupta) का नाम भी चर्चा में है। महिला प्रत्याशी के रूप में पूर्व मेयर हेमराज अग्रवाल (Hemraj Aggarwal) की बहू राशि अग्रवाल (Rashi Aggarwal) भी दौड़ में शामिल हैं। पार्टी द्वारा 2022 विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर टिकट का निर्णय लिया जा सकता है, जिसमें बिक्रम सिद्धू को 28,107 वोट मिले थे।
2022 के चुनाव में इस सीट से आम आदमी पार्टी के गुरप्रीत बस्सी गोगी (Gurpreet Bassi Gogi) 40,443 वोटों से विजयी रहे थे, जबकि कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 32,931 वोट मिले थे। भाजपा के बिक्रम सिद्धू ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। यदि भाजपा फिर से बिक्रम सिद्धू को मैदान में उतारती है, तो यहां त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है।
यह उपचुनाव गुरप्रीत गोगी की मौत के बाद हो रहा है। लगभग चार महीने पहले गोगी की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। घटना के वक्त वे अपने घर में भोजन कर रहे थे। गोली की आवाज सुनकर पत्नी सुखचैन कौर (Sukhchain Kaur) और बेटा विश्वास (Vishwas) मौके पर पहुंचे तो गोगी खून से लथपथ मिले। डीएमसी अस्पताल (DMC Hospital) में पोस्टमॉर्टम के बाद खुलासा हुआ कि गोली सिर के दाईं ओर से लगी और बाईं ओर से बाहर निकल गई थी। उनका अंतिम संस्कार लुधियाना के केवीएम स्कूल (KVM School) के पास स्थित श्मशान घाट में किया गया।
राशि अग्रवाल ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उनका कहना था कि उनकी आत्मा भाजपा से जुड़ी थी, जबकि वे सिर्फ पारिवारिक दबाव में कांग्रेस में थीं। राशि के ससुर हेमराज अग्रवाल 2022 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। राशि मित्तल कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) के भजनों से प्रेरित होकर भाजपा से जुड़ीं।
अब देखना यह है कि भाजपा आज किस नाम पर मुहर लगाती है और यह फैसला लुधियाना वेस्ट की सियासत को किस दिशा में मोड़ता है।








