आख़िर कौन था खूँख़ार गैंगस्टर जैपाल भूल्लर

चंडीगढ़, 10 जून

पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला था जयपाल भुल्लर, जयपाल भुल्लर के पिता पुलिस में इंस्पेक्टर थे, अगर जयपाल भुल्लर की बात की जाए तो जयपाल भुल्लर भी उन्हीं लोगों में से हैं जो पहले खिलाड़ी रहे और उसके बाद गैंगस्टर बन गए

बता दें कि 2003 से पहले जयपाल हैमर थ्रो की प्रैक्टिस जालंधर में करता था, जालंधर में ही उसकी शेरा खूबन के साथ दोस्ती हो गई, जानकारी के अनुसार शेरा और जयपाल दोनों इकट्ठे जिम जाते थे जहां इनकी दोस्ती कुछ गलत लोगो के साथ हो गई। जब इस बात का पता उनके पिता को चला तो उनके पिता जयपाल को जालंधर से लुधियाना ले आए और अपनी देखरेख में जयपाल को रखा। परन्तु जब जयपाल के पिता की पुलिस की ट्रेनिंग लगी और वे फ्लोर चले गए तो जयपाल को आजादी मिल गई और इसी समय शुरु होती है जयपाल की जुल्म की दास्तां।

जयपाल के खिलाफ एक जमीनी विवाद में उसके ऊपर एफ आई आर दर्ज की गई, जयपाल किसी का कत्ल कर दिया था और जयपाल अब गैंगस्टर बनने लगा था। इसके बाद जयपाल पर लुधियाना चंडीगढ़ और बठिंडा की जिलों में जाता रहा जयपाल और शेरा दोनों एक साथ जुर्म करते थे।

2012 में शेरा का बठिंडा में पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया और शेरा की मौत का बदला लेने के लिए जयपाल ने ठान ली। जयपाल को लगता था शेरा की जानकारी पुलिस को जसविंदर रॉकी फाजिल्का ने दी है। 30 अप्रैल 2016 को हरियाणा हिमाचल बॉर्डर के पास परमाणु में जयपाल रॉकी फाजिल्का को गोलियों से उड़ा दिया उस समय रॉकी पुलिस की सिक्योरिटी में था। शेरा खुबान के बाद जयपाल और विक्की गोंडर मिलकर काम करने लगे इसके बाद परिवार ने उनको बेदखल कर दिया।

अब तक जयपाल के ऊपर 50 से ज्यादा केस है, वही उनके पिता ने पुलिस से अपने दूसरे बेटे को बचाने के लिए उनको विदेश भेज दिया।

अगर जयपाल की बात की जाए तो जयपाल भुल्लर 2014 के बाद पुलिस को चाहिए था। जयपाल के ऊपर 25 से ज्यादा सनसनीखेज अपराधिक मामले दर्ज हैं। जैपाल पर पाकिस्तान से नशा और हथियारों की तस्करी के मामले भी शामिल है। 2017 में जैपाल चितकारा यूनिवर्सिटी के पास पटियाला हाईवे पर एक कैश वैन से 1.3 करोड़ रुपए लूटे। रोपड़ में एटीएम लोडिंग वैन से ₹50 लाख लूटे। 2020 में जयपाल ने लुधियाना से 33 किलो सोना लूटा और 15 मई 2021 को जगराओं की अनाज मंडी में सीआईए स्टाफ के एएसआई को गोलियां मारकर शहीद कर दिया।

पंजाब पुलिस ने जयपाल भुल्लर पर 10लाख का इनाम रखा था। वहीं इस घटना के बाद जैपाल भुल्लर 22-23 मई से कोलकाता में रह रहा था। 15 की घटना के बाद पुलिस ने ऑपरेशन जैक शुरू किया और इसके तहत कार्रवाई शुरू की, 28 मई को पुलिस ने दर्शन सिंह और बलविंदर सिंह को ग्वालियर से गिरफ्तार किया और इनकी पूछताछ में पता चला कि इनका संबंध जयपाल भुल्लर के साथ है, इसके बाद पंजाब पुलिस ने लुधियाना के थाने वालों से भरत कुमार नाम के व्यक्ति को राजपुरा के शंभू बॉर्डर से गिरफ्तार किया और इससे WB02R4500 नंबर गाड़ी और 130 बोर का पिस्टल बरामद किया, भरत की पत्नी कोलकाता की रहने वाली थी इसीलिए इन दोनों गैंगस्टर को रहने के लिए जगह bharat ने ही  दिलवाई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस और कोलकाता की एसटीएफ टीम ने मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया और 9 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे इस पूरे ऑपरेशन को चलाया गया, पुलिस ने पहले इनको चारों तरफ से गिरा और सरेंडर करने के लिए कहा जिसके जवाब में इनके द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई और पुलिस की जवाबी फायरिंग में, गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और उनके साथी जसप्रीत जस्सी को मौत के घाट उतार दिया।

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