गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - SCO की बैठक में पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच क्या हुआ?

SCO की बैठक में पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच क्या हुआ?

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 5 जुलाई 2023
in Breaking News, NEWS-TICKER, अंतरराष्ट्रीय
A A
0
SCO की बैठक में पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच क्या हुआ?
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी एससीओ की वर्चुअल समिट आयोजित हुई. इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता भारत ने की. संयुक्त मौजूदगी में सदस्य देश के नेताओं का उद्देश्य अलग-अलग मुद्दों पर केन्द्रित लग रहा था. 

भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने क्या मुद्दा उठाया

शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देश अपनी नीतियों के औजार के तौर पर सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने एससीओ से ऐसे देशों की आलोचना करने का भी आह्वान किया. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं हो सकती.

बैठक के मेजबान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंच को अपने देश के बढ़ते कद का संकेत देने के लिए भी इस्तेमाल किया. भारत ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर  निशाना साधने के अवाला अन्य देशों से ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई’ में एकजुट होने का आह्वान किया.

यह भी पढे़ं 👇

Breaking News Live Updates 2 April 2026

Breaking News Live Updates 2 April 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
Today in History 2 April

Today in History 2 April: आज के दिन बदली थी दुनिया की तस्वीर, जानें पूरा इतिहास

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में ओलावृष्टि और भारी बारिश का बड़ा अलर्ट जारी

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्या कहा 

बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन पर मास्को के हमले के बाद रूस पश्चिमी प्रतिबंधों का विरोध करना जारी रखेगा. पुतिन ने स्थानीय मुद्राओं में एससीओ देशों के बीच व्यापार समझौतों का समर्थन किया. पुतिन ने कहा कि ये कदम प्रतिबंधों को कम करने के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर के विद्रोह को रोके जाने का जिक्र किया. पुतिन ने कहा कि एससीओ चीन और रूस के नेतृत्व में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर बना एक क्षेत्रीय ढांचा है.

बता दें कि जून के अंत में वैगनर समूह के विद्रोह के बाद यह पहली बार था जब पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ देखा गया.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर वी पुतिन ने जिस तरह से शंघाई की बैठक में वैगनर समूह का जिक्र किया उससे ये लगा कि उनके लिए ये बैठक वैगनर विद्रोह के बाद अपनी ताकत दिखाने का एक मंच था और यूक्रेन-रूस युद्ध के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का दावा करना था.

शी जिनपिंग ने क्या कहा

चीन के शीर्ष नेता शी जिनपिंग के लिए शिखर सम्मेलन “शक्ति की राजनीति” को समाप्त करने का आह्वान करके संयुक्त राज्य अमेरिका को घेरने का एक और अवसर था. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ सम्मेलन के दौरान डॉलर को त्यागने का प्रस्ताव दिया.

भारत के लिए कैसे अहम रहा ये समिट 

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने मंगलवार को नई दिल्ली डिक्लेरेशन को स्वीकार कर लिया. इसकी घोषणा विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने भारत द्वारा आयोजित डिजिटल शिखर सम्मेलन के बाद की थी. क्वात्रा के मुताबिक, राष्ट्रों ने दो संयुक्त बयान जारी किए – एक अलगाववाद, चरमपंथ और आतंकवाद की ओर ले जाने वाले कट्टरपंथ का मुकाबला करने में सहयोग पर था और दूसरा डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग पर था.

पीएम मोदी

भारत ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का किया विरोध

भारत ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को लेकर अपना पक्ष रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि संपर्क परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं लेकिन अन्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना भी जरूरी है.

शिखर सम्मेलन में मोदी ने कहा, “किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए मजबूत संपर्क जरूरी है. कनेक्टिविटी न केवल आपसी व्यापार को बढ़ाती है, बल्कि आपसी विश्वास को भी बढ़ावा देती है. लेकिन इन प्रयासों में, एससीओ चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखना आवश्यक है, विशेष रूप से सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना जरूरी है.

चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान और अब ईरान सहित समूह के वर्चुअल शिखर सम्मेलन के अंत में भारत ने बीआरआई का समर्थन करने से इनकार कर दिया. ऐसा करने वाला एकमात्र देश बन गया.

पीएम मोदी

भारत बीआरआई के खिलाफ क्यों है?

जब से यह परियोजना शुरू हुई है और देशों ने इसके लिए हस्ताक्षर करना शुरू किया है, भारत ने नियमित रूप से इसका विरोध किया है और यहां तक कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस बुनियादी परियोजना पर चिंता व्यक्त की है.

बीआरआई के साथ भारत का सबसे बड़ा मुद्दा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) है. ये चीन के शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह तक जाता है. उसके बाद ये गिलगित बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करता है.

इसके अलावा, निवेश परियोजना में पाकिस्तान के राष्ट्रीय राजमार्ग 35 – काराकोरम राजमार्ग या चीन-पाकिस्तान मैत्री राजमार्ग का नवीनीकरण और उन्नयन शामिल है. साथ ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उत्तर में गिलगित को स्कर्दू से जोड़ने वाले राजमार्ग का नवीनीकरण भी शामिल है.

भारत का मत है कि यह परियोजना संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती है.

भारत इस बात को लेकर भी चिंतित है कि यह परियोजना क्षेत्र में चीन की रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ाती है. उसे यह भी डर है कि इस तरह की पहल से भारत चीन पर निर्भर हो जाएगा. 2017 में ही भारत ने इस परियोजना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर यह चिंता व्यक्त की थी.

भारत के लिए इस बैठक में और किस बात का जिक्र अहम था 

चीन और भारत के बीच बढ़ते टकराव का कोई जिक्र नहीं किया गया. न्यू यॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक इसी मुद्दे ने ऐतिहासिक रूप से गुटनिरपेक्ष भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका के करीब ला दिया है.

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर इयान चोंग ने न्यूयॉर्क टाइम्स  को बताया कि, ” सभी देश मुद्दों को सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने दिखाया कि चीजें नियंत्रण में हैं. भारत ने ये दिखाने की कोशिश की कि रूस में चल रही समस्याओं से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. साथ ही भारत ने अमेरिका के साथ भी संबंधों को बेहतर बनाने की इच्छा जताई. भारत ने खुले तौर पर रूस- यूक्रेन युद्ध का कोई जिक्र नहीं किया. भारत ने इस मंच के जरिए रूस से संबंध और ज्यादा बेहतर बनाने की तरफ इशारा किया.

बता दें कि पिछले महीने रूस में पुतिन अपने दो दशक से ज्यादा के शासन में अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे थे. वैगनर भाड़े के बलों ने रूस के सैन्य नेतृत्व को गिराने की कोशिश की थी. हालांकि पुतिन ने मामले को सुलझा जरूर लिया है लेकिन उनकी ताकत पर सवाल जरूर खड़े हो चुके हैं. वैगनर समूह के विद्रोह के बाद पुतिन के अधिकार और भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं जो भारत के लिए चुनौती बनेगा.

चीन ने अमेरिका और भारत  के बारे में क्या कहा 

इस वर्चुअल बैठक को शी ने चीन का प्रभाव अमेरिका से ज्यादा बड़ा करने के एक मौके के तौर पर देखा. उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन को “वैश्विक शासन में सुधार” और “चीनी शैली के आधुनिकीकरण” को बढ़ावा देने का एक तरीका बताया. शी ने मीटिंग के दौरान चीन और उसके सहयोगियों को बिजनेस और आर्थिक क्षेत्र में विस्तार देने की चुनौतियों के बारे में बात की.

भारत उस दृष्टि में कहां फिट बैठता है, यह देखा जाना बाकी है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सदस्यों से व्यापार, कनेक्टिविटी और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया.

पीएम मोदी

यही वजह है कि यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद भारत ने रूस के साथ स्थिर आर्थिक संबंध बनाए रखे हैं. लेकिन सीमा विवाद की वजह से भारत के संबंध चीन के साथ खराब हो गए हैं.

दूसरी तरफ पीएम मोदी की पिछले महीने वाशिंगटन की एक हाई-प्रोफाइल यात्रा ने चीन के संदेह का तेज कर दिया है. चीन ऐसा सोच रहा है कि भारत चीन के उदय को रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के करीब आ रहा है.

उन तनावों के बावजूद भारत ने शिखर सम्मेलन में अपने हित की बात रखी. बता दें कि भारत ऊर्जा आपूर्ति के लिए मध्य एशियाई देशों पर निर्भर करता है और भारत अफगानिस्तान में भी अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है. अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का गहरा प्रभाव है.

मोदी ने शांति और समृद्धि के लिए समिट को ‘एक महत्वपूर्ण मंच’ बताते हुए इसकी सराहना की. पीएम मोदी ने समूह से उन देशों की निंदा करने का आग्रह किया जो ‘ औजार के रूप में आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं’. पीएम मोदी की यह टिप्पणी पाकिस्तान के संदर्भ में थी, जिस पर भारत विवादित कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादियों को प्रायोजित करने का आरोप लगाता है.

पुतिन और शी ने व्यापार विस्तार पर की बात

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि चीनी और रूस के बीच 80% से ज्यादा व्यापार रूबल और युआन में हुआ है. उन्होंने दूसरे एससीओ सदस्यों से भी इसी प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह किया. उन्होंने अगले साल एससीओ का स्थायी सदस्य बनने के लिए रूसी सहयोगी बेलारूस के आवेदन का भी स्वागत किया.

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Mumbai Rains Update: मुंबई में आज भारी बारिश की संभावना, जारी हुआ ‘ऑरेंज’ अलर्ट

Next Post

पूर्व CM चरणजीत चन्नी से करीब 3 घंटे हुई पूछताछ, विजिलेंस को सौंपे दस्तावेज

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Breaking News Live Updates 2 April 2026

Breaking News Live Updates 2 April 2026: Today Big Updates, हर पल खबर

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
Today in History 2 April

Today in History 2 April: आज के दिन बदली थी दुनिया की तस्वीर, जानें पूरा इतिहास

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में ओलावृष्टि और भारी बारिश का बड़ा अलर्ट जारी

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
Aaj Ka Rashifal 2 April 2026

Aaj Ka Rashifal 2 April 2026: इन राशियों को मिलेगा 100% भाग्य का साथ

गुरूवार, 2 अप्रैल 2026
News of the Day

News of the Day: ट्रंप ईरान जंग से पीछे हटे, LPG महंगा, संसद में हंगामा

बुधवार, 1 अप्रैल 2026
Next Post
पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने विजिलेंस को सौंपे प्रॉपर्टी संबंधी दस्तावेज, करीब 3 घंटे तक हुई पूछताछ

पूर्व CM चरणजीत चन्नी से करीब 3 घंटे हुई पूछताछ, विजिलेंस को सौंपे दस्तावेज

Ola Electric की बादशाहत बरकरार, जून 2023 में बेचे 18 हजार इलेक्ट्रिक टूव्हीलर!

Ola Electric की बादशाहत बरकरार, जून 2023 में बेचे 18 हजार इलेक्ट्रिक टूव्हीलर!

Bhagwant Mann

मुख्यमंत्री ने पंजाब में 10वां टोल प्लाज़ा टोल मुक्त करवाया

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।