New Income Tax Bill: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने लोकसभा (Lok Sabha) में नए इनकम टैक्स बिल (Income Tax Bill 2025) को पेश किया है। यह नया बिल मौजूदा आयकर अधिनियम से छोटा है लेकिन इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं, खासकर सेक्शन 80सी (Section 80C) के तहत मिलने वाली छूटों में। टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि अब उन्हें किस तरह से टैक्स सेविंग के विकल्प मिलेंगे।
सेक्शन-80सी: क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?
आयकर अधिनियम में सेक्शन-80सी (Section 80C) के तहत टैक्सपेयर को उनकी आय से कुछ निवेशों और खर्चों पर छूट मिलती है। यह सेक्शन किसी व्यक्ति की कुल टैक्स योग्य इनकम से 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है। ओल्ड टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत केवल इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) ही 80सी का लाभ ले सकते हैं। इसमें कुछ प्रमुख निवेश विकल्प शामिल हैं:
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम (LIC Premiums)
इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
नया इनकम टैक्स बिल: 80सी में क्या बदला?
नए इनकम टैक्स बिल 2025 में सेक्शन 80सी को कई क्लॉज में विभाजित किया गया है, जिससे अब अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से टैक्स छूट मिलेगी। पहले जहां एक ही सेक्शन के तहत सभी निवेश आते थे, अब हर टैक्स सेविंग स्कीम को अलग श्रेणी में रखा गया है।
टैक्स कंसल्टेंसी फर्म TaxAaram.com के एक्सपर्ट मयंक मोहनका (Mayank Mohanka) ने बताया कि यह बदलाव नए विधेयक के सेक्शन 123 में किया गया है, जो पहले के 80सी के अनुरूप ही रहेगा। इसके तहत विभिन्न टैक्स-सेविंग विकल्पों की विस्तृत व्याख्या अनुसूची XV (Schedule XV) में दी गई है।
टैक्सपेयर्स पर क्या होगा असर?
हालांकि यह बदलाव टेक्निकल रूप से किया गया है, लेकिन इसका सीधा असर टैक्सपेयर्स पर नहीं पड़ेगा। पुराने टैक्स सिस्टम में छूट पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा, नए टैक्स बिल में एक और बड़ा बदलाव किया गया है – अब करदाताओं को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को तलाशी और जब्ती कार्रवाई के दौरान अपने कंप्यूटर “एक्सेस कोड” भी साझा करने होंगे।
आयकर विधेयक के प्रमुख बिंदु:
23 चैप्टर में सिम्पलीफाई किया गया है (पहले 47 थे)
धाराओं की संख्या 536 रह गई है (पहले 819 थी)
57 तालिकाएं जोड़ी गई हैं (पहले 18 थीं)
1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए
टीडीएस/टीसीएस (TDS/TCS) से जुड़े नियमों को सरल किया गया है
कब लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून?
इस विधेयक को लोकसभा की चयन समिति (Select Committee) के पास भेजा गया है, जो 10 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी दी जाएगी। अगर यह लागू होता है तो इनकम टैक्स कानून में यह सबसे बड़ा बदलाव होगा।
नया इनकम टैक्स बिल सरल और स्पष्ट टैक्स नियमों की ओर एक कदम है, जो टैक्सपेयर्स के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। लेकिन इसे लागू करने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इससे आम नागरिकों को कितना लाभ मिलेगा।