Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 5 अप्रैल 2026 को जारी अपने ताजा बुलेटिन में उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों के लिए बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग ने साफ कहा है कि इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक सक्रिय हो सकते हैं, जिनका सबसे ज्यादा असर 7 और 8 अप्रैल को दिखेगा।
सबसे अहम बात यह है कि 7 अप्रैल को कश्मीर घाटी में छिटपुट भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 9 अप्रैल तक मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज, बिजली और बारिश का दौर बना रह सकता है। कुछ राज्यों में ओलावृष्टि और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी का भी अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग का ताजा अलर्ट क्या कहता है
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। पहले से मौजूद मौसम प्रणालियों के साथ मिलकर इसका असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान पर दिखाई देगा।
बुलेटिन में कहा गया है कि 7 और 8 अप्रैल इस पूरे सिस्टम के सबसे सक्रिय दिन रहेंगे। इसी दौरान पहाड़ी और मैदानी दोनों हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत में 7 और 8 अप्रैल सबसे अहम
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए मौसम विभाग ने सबसे ज्यादा फोकस 7 और 8 अप्रैल पर रखा है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में इन दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के साथ गरज-बिजली और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे, झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में 7 से 9 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 7 और 8 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 और 9 अप्रैल को भी यह असर रह सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 7 अप्रैल को भी यह स्थिति बन सकती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि 6 और 7 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान और 7 अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में गरज के साथ आंधी चल सकती है, जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
किन राज्यों में ओलावृष्टि का खतरा है
IMD ने कई राज्यों के लिए अलग से ओलावृष्टि की आशंका जताई है। 5 अप्रैल को छत्तीसगढ़, 8 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 5, 7 और 8 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, 6 और 8 अप्रैल को बिहार, 6 से 8 अप्रैल के बीच झारखंड, 7 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान, जबकि 7 और 8 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में छिटपुट ओलावृष्टि हो सकती है।
यह चेतावनी सिर्फ मौसम की सूचना नहीं है, बल्कि किसानों, बागवानी करने वालों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए सीधा जोखिम संकेत है। ओलों से खड़ी फसल, फलदार पेड़, सब्जियां, बिजली लाइनें और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्वी और मध्य भारत में भी बारिश और तेज हवा का दौर
पूर्वी भारत में अगले 5 दिनों तक गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट से मध्यम बारिश का अनुमान है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में 7 और 8 अप्रैल को, बिहार में 5, 6 और 8 अप्रैल को और ओडिशा में 5, 7 और 8 अप्रैल को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी, झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक, चल सकती है।
मध्य भारत में भी अगले 5 दिनों तक छिटपुट से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 5 अप्रैल और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को ओलावृष्टि का अलग खतरा बना हुआ है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश वाले क्षेत्र
पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक छिटपुट से काफी व्यापक स्तर तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 5, 6, 8 और 9 अप्रैल को भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 7, 9 और 11 अप्रैल को भारी बारिश का अनुमान है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-बिजली और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। 5 और 6 अप्रैल को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा केरल और माहे के घाट क्षेत्रों में छिटपुट भारी बारिश की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में 8 अप्रैल तक कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली और एनसीआर के लिए भी मौसम विभाग ने अलग पूर्वानुमान जारी किया है। 5 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और शाम को गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
6 अप्रैल को भी दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
7 अप्रैल को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश के एक या दो दौर आ सकते हैं। शाम से रात के बीच फिर एक और दौर बन सकता है। इस दौरान गरज, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे, झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 अप्रैल को भी दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
तापमान पर क्या असर पड़ेगा
IMD ने कहा है कि अगले 7 दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में 5 और 6 अप्रैल को अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 7 और 8 अप्रैल को फिर 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
पूर्वी भारत में 8 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट होने की संभावना है। उत्तर-पूर्व भारत में 7 से 9 अप्रैल के बीच 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। पश्चिम भारत में 8 से 11 अप्रैल के दौरान 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
5 अप्रैल को देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस अमृतसर में दर्ज किया गया। वहीं पिछले दिन तमिलनाडु के वेल्लोर में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
बीते 24 घंटों में कहां कैसा रहा मौसम
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में ओलावृष्टि की सूचना मिली।
छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा और तमिलनाडु में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हुई। अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, असम-मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, तटीय महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलीं।
मछुआरों के लिए खास चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को भी साफ चेतावनी दी है। 7 से 9 अप्रैल के दौरान बंगाल की खाड़ी में गंगा पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तट से सटे इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अरब सागर में 6 से 8 अप्रैल के दौरान उत्तरी गुजरात और पाकिस्तान तट, उत्तरी अरब सागर के समुद्री क्षेत्र और ओमान की खाड़ी के ऊपर के इलाकों में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
यह मौसम बदलाव सिर्फ नक्शे पर रंग बदलने भर की खबर नहीं है। जिन इलाकों में तेज हवा, ओले और बिजली गिरने की आशंका है, वहां सड़क यातायात, बिजली आपूर्ति, खेत, बाग-बगीचे, कच्चे मकान और खुले में रखी चीजें प्रभावित हो सकती हैं। बड़े पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, कमजोर संरचनाओं को नुकसान हो सकता है और अचानक मौसम बिगड़ने से यात्रा भी प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे इलाकों में लोगों को मौसम पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने कृषि-मौसम परामर्श भी जारी किया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में फलों और सब्जियों को बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में परिपक्व फसलें, सब्जियां और फल तुरंत काटकर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु और केरल में केले के पौधों को सहारा देने, आंध्र प्रदेश में कटाई की गई फसलों को तिरपाल से ढकने और भारी बारिश वाले इलाकों में अतिरिक्त पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।
पशुपालकों को भारी बारिश या ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने, चारा सुरक्षित रखने और तालाबों के आसपास उचित निकासी रखने की सलाह दी गई है।
यह मौसम संकेत क्या बता रहा है
इस पूरे मौसम पैटर्न को देखें तो साफ है कि एक साथ कई हिस्सों पर अलग-अलग प्रणालियों का असर पड़ रहा है। उत्तर-पश्चिम में पश्चिमी विक्षोभ, पूर्व और मध्य भारत में नमी और स्थानीय अस्थिरता, और दक्षिण व पूर्वोत्तर में सक्रिय वर्षा क्षेत्र मिलकर ऐसा परिदृश्य बना रहे हैं जिसमें तेज धूप से राहत तो मिल सकती है, लेकिन जोखिम भी बढ़ेगा।
यही वजह है कि यह सप्ताह सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि सतर्कता का सप्ताह है। खासकर 7 और 8 अप्रैल को कई राज्यों में मौसम बहुत तेजी से बदल सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, किसान, यात्री और शहरी इलाकों में रहने वाले लोग अगर समय रहते तैयारी करें, तो नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जानें पूरा मामला
यह मौसम बुलेटिन 5 अप्रैल 2026 को 1315 बजे भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया है। इसमें 5 से 11 अप्रैल के बीच देश के विभिन्न हिस्सों के लिए वर्षा, आंधी, बिजली, ओलावृष्टि, तापमान बदलाव और मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनियां शामिल हैं। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के लिए 5 से 8 अप्रैल तक का अलग पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 7 और 8 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा रहेगा।
- कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को छिटपुट भारी बारिश की संभावना है।
- बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा है।
- दिल्ली-एनसीआर में 7 और 8 अप्रैल को हल्की बारिश, गरज-बिजली और तेज हवा चल सकती है।












