War on Gangster : चंडीगढ़ में आज पंजाब पुलिस ने राज्यभर में गैंगस्टरों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और संगठित अभियान शुरू किया। 2026 की शुरुआत में लॉन्च हुए इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने साफ कर दिया कि अब गैंगस्टरों के लिए पंजाब में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा। इस मुहिम का ऐलान खुद पुलिस नेतृत्व ने करते हुए सख्त कार्रवाई का रोडमैप सामने रखा।
पंजाब पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि आज से राज्यभर में ‘वार ऑन गैंगस्टर’ अभियान पूरी प्रोफेशनल रणनीति के साथ लागू कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त बनाना सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘2025 में अब तक 992 गिरफ्तारी’
मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में अब तक 992 गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों में अमृतसर में सरपंच की हत्या के दो बड़े मामले और 15 दिसंबर को हुए कबड्डी प्रमोटर हत्याकांड जैसे गंभीर केस शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई केवल संख्या नहीं, बल्कि संगठित अपराध की रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।
‘60 मुख्य गैंगस्टर, 1200 सहयोगी रडार पर’
सरकार ने बताया कि पंजाब में सक्रिय 60 मुख्य गैंगस्टरों, उनके 1200 सहयोगियों और करीब 600 परिवार के सदस्यों की पहचान कर उन्हें मैप किया गया है। इन सभी पर निगरानी और कार्रवाई के लिए 12 हजार पुलिसकर्मियों और 2000 विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया है। यह टीमें एक साथ कई जिलों में काम करेंगी ताकि गैंगस्टर नेटवर्क को सांस लेने का मौका न मिले।
‘ऑपरेशन परिहार’ से इको-सिस्टम पर वार
इस पूरे अभियान को ‘ऑपरेशन परिहार’ नाम दिया गया है। इसके तहत गैंगस्टरों के पूरे इको-सिस्टम को तोड़ने की तैयारी है।
फाइनेंस नेटवर्क,
लॉजिस्टिक सपोर्ट,
हाउसिंग व्यवस्था,
और हथियारों की सप्लाई
इन सभी कड़ियों को एक-एक कर खत्म किया जाएगा। संदिग्धों से पूछताछ होगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘देश में पहली बार इतना बड़ा संगठित अभियान’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूरे देश में अब तक इस स्तर का संगठित और समन्वित अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया। उन्होंने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को भी साफ चेतावनी दी कि वे खुद को सुरक्षित समझने की भूल न करें।
विश्लेषण: क्यों अहम है यह कार्रवाई
यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गैंगस्टर नेटवर्क की जड़ों पर सीधा हमला है। फंडिंग, शरण और हथियार—तीनों पर एक साथ प्रहार करके पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि संगठित अपराध के लिए अब राज्य में कोई जगह नहीं बची है। यह रणनीति लंबे समय में अपराध नियंत्रण की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।
आम आदमी पर असर
इस मुहिम का सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ेगा। यदि गैंगस्टर नेटवर्क कमजोर होता है तो हत्या, फिरौती और धमकी जैसे अपराधों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे लोगों में भरोसा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
जानें पूरा मामला
पंजाब सरकार और पुलिस ने मिलकर राज्य में बढ़ते गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। ‘वार ऑन गैंगस्टर’ और ‘ऑपरेशन परिहार’ के जरिए न सिर्फ अपराधियों को, बल्कि उन्हें सहारा देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में आज से ‘वार ऑन गैंगस्टर’ अभियान शुरू
- 2025 में अब तक 992 गैंगस्टर और सहयोगी गिरफ्तार
- 60 मुख्य गैंगस्टर, 1200 सहयोगी और 600 परिवार रडार पर
- 12 हजार पुलिसकर्मी और 2000 विशेष टीमें तैनात








