US Syria ISIS Attack : आज बात करेंगे सीरिया से आई बड़ी खबर की, जहां अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट यानी ISIS के खिलाफ अपनी सैनिक कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सेना ने साफ संदेश दिया है – हमारे सैनिकों पर हमला हुआ तो जवाब भी सख्त होगा। सबसे पहले समझते हैं पूरा मामला।
दिसंबर 2025 में सीरिया के ऐतिहासिक शहर पलमाइरा में एक बड़ा हमला हुआ था। इस हमले में अमेरिकी सेना के दो जवान – सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस्ट टोवर और सार्जेंट विलियम नथानियल हावर्ड – और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर सका की मौत हो गई थी। बताया गया कि हमलावर हाल ही में सीरियाई सुरक्षा बलों में भर्ती हुआ था और उसके चरमपंथी संगठनों से संबंध सामने आए थे। हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया। लेकिन अमेरिका ने इसे सीधा हमला माना।
Operation Hawkeye Strike: बदले का ऑपरेशन
उसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 19 दिसंबर से Operation Hawkeye Strike शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन का मकसद साफ है – हमले के जिम्मेदार लोगों को सजा देना और ISIS को दोबारा मजबूत होने से रोकना।
19 दिसंबर 2025 को अमेरिका ने बड़े पैमाने पर हवाई हमला अभियान शुरू किया। इस पहले हमले में पूरे सीरिया में ISIS के 70 बुनियादी ढांचे और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस प्रतिशोधात्मक मिशन में F-15, F-16, A-10, अपाचे हेलीकॉप्टर और HIMARS गाइडेड आर्टिलरी का इस्तेमाल किया गया। जॉर्डन के F-16 विमानों ने भी अमेरिका का साथ दिया।
फरवरी में तेज हुई कार्रवाई
अब बात करते हैं ताजा एक्शन की। CENTCOM के मुताबिक, 3 फरवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच 10 सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में ISIS के 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें हथियारों के गोदाम, कम्युनिकेशन नेटवर्क और लॉजिस्टिक सेंटर शामिल थे। यानी वो जगह जहां से ISIS अपने ऑपरेशन चलाता है।
इससे पहले, 27 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पांच हमले किए गए थे, जिनमें ISIS की संचार सुविधा, एक लॉजिस्टिक नोड और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया था।
अमेरिका ने सिर्फ इमारतों को ही नहीं, बल्कि संगठन की रीढ़ पर भी वार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, दिसंबर के बाद से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए या गिरफ्तार किए गए। कुल मिलाकर 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले हो चुके हैं और सैकड़ों सटीक गोला-बारूद दागे गए हैं।
ताकतवर लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल
इस पूरे अभियान में अमेरिका ने अपने कई ताकतवर लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया। F-15E स्ट्राइक ईगल, A-10 वार्थोग, AC-130J घोस्ट राइडर और MQ-9 रीपर ड्रोन जैसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट इस ऑपरेशन में शामिल रहे। इसके अलावा F-15 फाइटर जेट्स और अपाचे हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए।
जॉर्डन के F-16 विमानों ने भी अमेरिका का साथ दिया, जो इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय सहयोगी भी ISIS के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ खड़े हैं।
CENTCOM का साफ संदेश
CENTCOM ने बयान जारी कर साफ कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया, तो जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर मार गिराया जाएगा। यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेक्सेथ ने इसे कोई बड़ा युद्ध नहीं बताया, बल्कि एक सीमित और टारगेटेड कार्रवाई कहा। उनके शब्दों में, “यह एक बदले की घोषणा है, न कि व्यापक युद्ध की शुरुआत।”
5700 ISIS संदिग्धों को इराक भेजा
इसी बीच एक और बड़ा कदम उठाया गया है। CENTCOM के अनुसार, 21 जनवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से ज्यादा ISIS संदिग्धों को इराक भेज दिया गया है। इसका मकसद है जेल तोड़कर भागने की आशंका को कम करना और संगठन को फिर से ताकत जुटाने से रोकना।
यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि अतीत में ISIS ने जेलों से बड़े पैमाने पर कैदियों को भगाकर अपनी ताकत बढ़ाई थी। इन संदिग्धों को इराक भेजने से उन्हें बेहतर सुरक्षा में रखा जा सकेगा और उनके भागने की संभावना कम हो जाएगी।
अल-तनफ गैरीसन से वापसी
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 2014 में जब ISIS ने सीरिया और इराक के बड़े हिस्सों में तथाकथित खिलाफत की घोषणा की थी, तब अल-तनफ अड्डे की अहम भूमिका रही थी। अब खबर है कि 14 फरवरी 2026 तक अमेरिका ने सीरिया में अल-तनफ गैरीसन से अपनी सेनाएं वापस बुला ली हैं।
इसके अलावा, सीरियाई सरकारी बलों ने देश के पूर्वी हिस्से में एक ऐसे अड्डे पर कब्जा कर लिया है जिसका इस्तेमाल ISIS के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी सैनिक कर रहे थे। यानी हालात सिर्फ आतंक के खिलाफ जंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीरिया के अंदर बदलते समीकरण भी तस्वीर को जटिल बना रहे हैं।
असद शासन के पतन के बाद नया समीकरण
दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद सीरिया में स्थिति बदल गई है। अंतरिम सीरियाई सरकार ISIS के अवशेषों के खिलाफ गठबंधन के साथ मिलकर काम कर रही है। अमेरिकी ऑपरेशन का विस्तार इसी बदलाव के बाद हुआ है।
हालांकि, सीरिया में अमेरिकी उपस्थिति और भूमिका को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका का कहना है कि सीरिया में बदलती परिस्थितियों के बीच ISIS को फिर से जिंदा होने से रोकना उसकी प्राथमिकता है। Operation Hawkeye Strike उसी रणनीति का हिस्सा है।
Operation Inherent Resolve का भविष्य
Operation Inherent Resolve का इराक में मिशन सितंबर 2025 तक समाप्त होने वाला है, लेकिन सीरिया में ISIS के खिलाफ ऑपरेशन कम से कम सितंबर 2026 तक जारी रहेंगे। ये ऑपरेशन इराक से संचालित किए जाएंगे।
यह दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दर्शाती है कि अमेरिका ISIS के पुनरुत्थान को रोकने के लिए गंभीर है। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि अमेरिका सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति को सीमित और लक्षित रखना चाहता है।
क्या ISIS की वापसी रुक पाएगी?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सीमित कार्रवाई सच में ISIS की वापसी रोक पाएगी या फिर पश्चिम एशिया एक बार फिर बड़े टकराव की ओर बढ़ रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि ISIS को पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल है क्योंकि यह एक विचारधारा है, सिर्फ एक संगठन नहीं। हालांकि, लगातार सैन्य दबाव और बुनियादी ढांचे को नष्ट करने से संगठन की क्षमता जरूर कमजोर हो सकती है।
सीरिया में राजनीतिक स्थिरता की कमी, आर्थिक संकट और विभिन्न गुटों के बीच संघर्ष ISIS जैसे चरमपंथी संगठनों के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। इसलिए, सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक और आर्थिक समाधान भी जरूरी हैं।
अमेरिका का संदेश
फिलहाल इतना तय है कि अमेरिका ने संदेश दे दिया है कि उसके सैनिकों पर हमला हुआ तो जवाब भी उतना ही सख्त होगा। Operation Hawkeye Strike ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और ISIS के खिलाफ लगातार दबाव बनाए रखेगा।
यह ऑपरेशन न केवल बदला लेने के बारे में है, बल्कि ISIS को यह संदेश देने के बारे में भी है कि वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अमेरिकी सेना की पहुंच और क्षमता ऐसी है कि वह दुनिया के किसी भी कोने में आतंकवादियों को निशाना बना सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 13 दिसंबर 2025 को पलमाइरा में हमले में 2 अमेरिकी सैनिक और 1 दुभाषिया मारे गए
- 19 दिसंबर से Operation Hawkeye Strike शुरू, 70 ISIS ठिकानों पर पहला हमला
- 3-12 फरवरी 2026 के बीच 10 सटीक हवाई हमले, 30+ ठिकाने नष्ट
- दिसंबर से अब तक 50+ ISIS लड़ाके मारे गए या गिरफ्तार, 100+ ठिकानों पर हमले
- F-15E, A-10, AC-130J, MQ-9 ड्रोन और जॉर्डन के F-16 का इस्तेमाल
- 5,700+ ISIS संदिग्धों को सीरिया से इराक भेजा गया
- 14 फरवरी तक अल-तनफ गैरीसन से अमेरिकी सेना वापस








