Messi Kolkata Visit के दौरान हुई भारी अव्यवस्था ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार दिया है। उन्होंने इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
‘गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर को गिरफ्तार किया जाना चाहिए’
हिमंत बिस्वा सरमा ने Messi के GOAT Tour 2025 के दौरान हुई गड़बड़ी का जिक्र करते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जवाबदेही ऊपर से शुरू होनी चाहिए।
शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के गृह मंत्री, जो कि खुद मुख्यमंत्री भी हैं, और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को इस लापरवाही के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में अब कुछ भी Predict करना संभव नहीं रह गया है।
असम और महाराष्ट्र का दिया उदाहरण
पश्चिम बंगाल की तुलना दूसरे राज्यों से करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के कुछ बड़े आयोजनों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले गुवाहाटी में मशहूर Artist जुबिन गर्ग का निधन हुआ था, तब 10 लाख लोग तीन दिनों तक सड़कों पर थे, लेकिन एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई।
इसके अलावा, उन्होंने गुवाहाटी में हुए पोस्ट मेलॉन (Post Malone) के Concert का भी जिक्र किया, जहां 50 हजार लोग इकट्ठा हुए थे और सब कुछ शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने महाराष्ट्र में हुए महिला Cricket फाइनल का भी उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बड़े मैच होते हैं, लेकिन कहीं कोई दिक्कत नहीं आती।
‘वीआईपी कल्चर चरम पर है’
असम के सीएम ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में VIP Culture अपने Extreme Level पर है। उन्होंने कहा कि यहां वीआईपी और उनके परिवारजनों के लिए सब कुछ किया जाता है, जिसके कारण आम जनता की सुरक्षा और Law and Order पूरी तरह Collapse हो चुका है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि Messi सिर्फ एक देश के नहीं, बल्कि पूरे Globe के Icon हैं। आज पूरी दुनिया के लोग उनकी सुरक्षा और Well Being को लेकर चिंतित हैं।
ममता सरकार पर ‘इनकार’ करने का आरोप
सरमा ने ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें Introspection (आत्ममंथन) करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमेशा बहादुरी (Bravado) दिखाने से काम नहीं चलेगा।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी सरकार ने पहले इनकार किया था। बंगाल में निर्दोष लोगों पर अत्याचार होते हैं और सरकार उसे Deny कर देती है। अब अगर मेसी के मामले में भी ऐसा ही रवैया अपनाया गया, तो यह देश के लिए चिंता का विषय है।
मैदान पर क्या हुआ था?
13 दिसंबर को जब यह खबर फैली कि Messi मैदान पर ज्यादा देर नहीं रुकेंगे, तो प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा। तनाव तब और बढ़ गया जब यह World Cup विजेता खिलाड़ी 10 मिनट से भी कम समय में मैदान छोड़कर चला गया।
इसके बाद दर्शकों के एक हिस्से ने विरोध शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
पुलिस और आयोजकों की सफाई
हंगामे के बाद पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और कानून व्यवस्था बहाल कर दी गई है। उन्होंने माना कि प्रशंसक इसलिए नाराज थे क्योंकि वे मेसी को खेलते हुए या मैदान पर ज्यादा समय बिताते हुए देखना चाहते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोजकों ने लिखित आश्वासन दिया है कि निराश टिकट धारकों को Refund दिया जाएगा। वहीं, IG जावेद शमीम ने पुष्टि की कि मामले की औपचारिक जांच शुरू हो गई है और मुख्य आयोजक को हिरासत में ले लिया गया है।
जानें पूरा मामला
अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी एक प्रमोशनल इवेंट के लिए कोलकाता आए थे। स्टेडियम में हजारों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब थी। लेकिन अव्यवस्था और मेसी के जल्दी चले जाने के कारण भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया।
सरमा ने कहा कि इस लापरवाही के लिए सीएम और पुलिस कमिश्नर की गिरफ्तारी होनी चाहिए।
मेसी के 10 मिनट से कम समय में मैदान छोड़ने पर फैंस ने जमकर हंगामा किया।
पुलिस ने मुख्य आयोजक को हिरासत में लिया है और टिकट रिफंड का आश्वासन दिया है।








