UP Weather Update IMD Alert : UP Weather Update के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बुधवार की सुबह मौसम ने अचानक अजीब करवट ली। मार्च के महीने में जब लोग गर्मी की तैयारी में थे, तब लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, आगरा, प्रतापगढ़ और मिर्जापुर समेत दर्जनों जिलों में कोहरे और धुंध की मोटी चादर छा गई। दिन में भी सूरज नदारद रहा और कई जगह विजिबिलिटी खतरनाक स्तर तक गिर गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 मार्च के आसपास हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।
‘प्रयागराज में मात्र 30 मीटर रही विजिबिलिटी’
मौसम विभाग के आंकड़े चौंकाने वाले रहे। प्रयागराज में विजिबिलिटी सिर्फ 30 मीटर तक सिमट गई, जो सड़क और हवाई यातायात दोनों के लिए खतरनाक स्तर है। मेरठ में यह 100 मीटर और वाराणसी एयरपोर्ट पर लगभग 500 मीटर दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च के महीने में इस तरह की धुंध की स्थिति इससे पहले 2008 में देखी गई थी। यानी करीब 18 साल बाद प्रदेश ने मार्च में ऐसा कोहरा देखा।
‘नम पूर्वी हवाओं ने बिगाड़ा मौसम’
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि नम पूर्वी हवाओं के कारण हवा में जो नमी आई, उसी की वजह से दिन के समय भी प्रदेश के कई हिस्सों में धुंध बनी रही। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 4 से 5 दिन तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा और गर्मी का असर बना रहेगा।
हालांकि 15 मार्च के आसपास हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
‘रेडिएशन फॉग क्यों बन रहा है मार्च में?’
वैज्ञानिकों ने इस असामान्य मौसम के पीछे “रेडिएशन फॉग” की प्रक्रिया को जिम्मेदार बताया। दिन में तेज गर्मी और रात में ठंड — इस उलटफेर के कारण हवा में मौजूद नमी रात के समय जमीन के पास छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है। इसके साथ शांत हवाएं इस धुंध को लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण नमी को जमने में मदद करते हैं, जिससे सुबह के समय कोहरे जैसा माहौल बन जाता है।
‘पूर्वी यूपी और तराई क्षेत्र भी प्रभावित’
पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर और गाजीपुर के बाहरी इलाकों में भी धुंध छाई रही। पश्चिमी हवाओं और भारी नमी के चलते तराई क्षेत्र के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों में भी धुंध देखी गई।
आम लोगों के लिए यह मौसम परेशानी भरा रहा — सुबह घर से निकलना मुश्किल हो गया, वाहन चालकों को सतर्क रहना पड़ा और कई जगह यातायात धीमा रहा।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
मार्च में आमतौर पर उत्तर प्रदेश में गर्मी बढ़नी शुरू हो जाती है और कोहरे का मौसम जनवरी-फरवरी तक ही सीमित माना जाता है। लेकिन इस बार नम पूर्वी हवाओं और रात की ठंडक के संयोग ने रेडिएशन फॉग की असामान्य स्थिति पैदा कर दी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति 2008 के बाद पहली बार मार्च में देखी गई है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ समेत दर्जनों जिलों में मार्च में कोहरा।
- प्रयागराज में विजिबिलिटी सिर्फ 30 मीटर — 2008 के बाद पहली बार ऐसा मार्च में।
- IMD ने 15 मार्च के आसपास हल्की बारिश की संभावना जताई।
- अगले 4-5 दिन तापमान में कोई खास बदलाव नहीं, गर्मी का असर बना रहेगा।








