Trump Tariff on India को लेकर एक बार फिर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। ईरान–इजराइल युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन समेत 16 देशों के खिलाफ नई ट्रेड जांच शुरू करने का ऐलान कर दिया है। यह जांच 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत शुरू की जा रही है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने इस बारे में बयान देते हुए कहा कि जांच के बाद इन देशों पर नए सिरे से टैरिफ और जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया था टैरिफ, अब ट्रंप ने खोजा नया रास्ता
Trump Tariff on India का यह नया अध्याय इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि पिछले महीने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पहले लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद माना जा रहा था कि ट्रंप अब टैरिफ नहीं लगा पाएंगे।
लेकिन ट्रंप प्रशासन ने एक नया कानूनी रास्ता खोज लिया है। अमेरिका के ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत कानून अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव को यह अधिकार देता है कि वह अनुचित व्यापार प्रथाओं पर टैरिफ या जवाबी कदम उठा सके। इसी कानून का इस्तेमाल कर ट्रंप अब नए सिरे से व्यापार की जांच करवा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर फिर से टैरिफ लगा सकते हैं।
दो अलग-अलग जांचों का ऐलान: क्या होगी जांच
Trump Tariff on India के तहत बुधवार को अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने दो अलग-अलग जांचों का ऐलान किया है। पहली जांच में भारत, चीन समेत अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के बीच अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता (Excess Industrial Capacity) की जांच की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि क्या ये देश जरूरत से ज्यादा उत्पादन करके अमेरिकी बाजार में सस्ता माल डंप कर रहे हैं।
दूसरी जांच जबरन श्रम (Forced Labor) का उपयोग करके कथित तौर पर उत्पादित वस्तुओं पर केंद्रित होगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि क्या कुछ देशों में मजदूरों का शोषण करके सस्ता उत्पादन किया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन इन दोनों जांचों के नतीजों के आधार पर नए टैरिफ लगाने का फैसला लेगा।
निशाने पर हैं ये 16 देश: पूरी लिस्ट
Trump Tariff on India के तहत जिन 16 देशों पर ट्रंप की नजर है, उनकी पूरी सूची इस प्रकार है:
- भारत
- चीन
- यूरोपीय संघ (EU)
- जापान
- दक्षिण कोरिया
- मेक्सिको
- ताइवान
- वियतनाम
- थाईलैंड
- मलेशिया
- कंबोडिया
- सिंगापुर
- इंडोनेशिया
- बांग्लादेश
- स्विट्जरलैंड
- नॉर्वे
गौरतलब है कि इस सूची में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से लेकर एशियाई मैन्युफैक्चरिंग हब और यूरोपीय देश तक शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ये सभी देश अमेरिका के साथ अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करते हैं।
जेमिसन ग्रीर का बयान: अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करेंगे
Trump Tariff on India और अन्य देशों पर जांच के बारे में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने अपने बयान में कहा कि नीति वही रहेगी, हालांकि अदालतों के फैसलों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर उपायों में बदलाव हो सकता है।
ग्रीर ने जोर देकर कहा कि ट्रंप सरकार का मुख्य लक्ष्य अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा, “यह जांच उन देशों पर केंद्रित होगी जिनके बारे में हमारे पास सबूत है कि वहां ढांचागत रूप से ज्यादा उत्पादन क्षमता है और कई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन हो रहा है।” ग्रीर का यह बयान साफ संकेत है कि ट्रंप प्रशासन इस बार कानूनी तरीके से टैरिफ लगाने की पूरी तैयारी कर चुका है।
गर्मियों तक लग सकता है नया टैरिफ: जानें पूरी टाइमलाइन
Trump Tariff on India और बाकी देशों पर कब तक फैसला आएगा, इसकी एक स्पष्ट टाइमलाइन भी सामने आई है। इस जांच से जुड़ी जनता की टिप्पणियां 15 अप्रैल 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद मई महीने में सुनवाई शुरू होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा बीते फरवरी महीने में लगाए गए अस्थायी ग्लोबल टैरिफ की डेडलाइन जुलाई में खत्म होने वाली है। इससे पहले इस नई जांच को पूरा करने की तैयारी की जा रही है ताकि जुलाई तक नए और कानूनी रूप से मजबूत टैरिफ लगाए जा सकें। इसका मतलब यह है कि गर्मियों तक भारत समेत 16 देशों पर नए टैरिफ लगने का रास्ता साफ हो सकता है।
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच ट्रंप का यह कदम क्यों अहम
Trump Tariff on India का यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच भीषण युद्ध जारी है। एक तरफ ट्रंप ईरान से जंग लड़ रहे हैं, Strait of Hormuz से तेल सप्लाई बाधित है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है। दूसरी तरफ ट्रंप अपने व्यापारिक साझेदार देशों पर भी टैरिफ का हथियार चलाने को तैयार हैं।
यह दोहरी रणनीति दर्शाती है कि ट्रंप प्रशासन एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है। युद्ध के बीच टैरिफ लगाने की तैयारी से वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर और भी गहरा दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर ट्रंप 16 देशों पर नए टैरिफ लगाते हैं तो इससे वैश्विक व्यापार युद्ध और तेज हो सकता है।
भारत पर क्या पड़ेगा असर
Trump Tariff on India का सबसे बड़ा असर भारत के निर्यात क्षेत्र पर पड़ सकता है। भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में IT सेवाएं, फार्मा उत्पाद, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चर्ड गुड्स निर्यात करता है। अगर ट्रंप भारत पर नए टैरिफ लगाते हैं तो इन सेक्टरों को भारी नुकसान हो सकता है, जिससे रोजगार और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे।
इसके अलावा, जब एक तरफ ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण भारत में तेल और एलपीजी का संकट चल रहा है, दूसरी तरफ ट्रंप के टैरिफ से भारत के व्यापार पर और दबाव बढ़ेगा। आम भारतीय के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि अमेरिका से आयात होने वाली वस्तुएं महंगी होंगी और भारतीय कंपनियों का अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद ट्रंप कैसे लगाएंगे टैरिफ
Trump Tariff on India को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पहले के टैरिफ को गैरकानूनी बता दिया, तो ट्रंप फिर कैसे टैरिफ लगा सकते हैं? इसका जवाब है Section 301 of Trade Act 1974। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति और USTR को यह अधिकार देता है कि अगर कोई देश अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करता पाया जाता है तो उस पर टैरिफ या जवाबी कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इसी कानूनी रास्ते का सहारा लेकर पहले जांच बैठाई है ताकि इस बार सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ टिक सके। यह रणनीति दर्शाती है कि ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सबक लिया है और अब कानूनी रूप से मजबूत जमीन तैयार करके ही टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में शुरू से ही “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत दुनिया भर के देशों पर टैरिफ लगाने की रणनीति अपनाई। फरवरी 2026 में ट्रंप प्रशासन ने अस्थायी ग्लोबल टैरिफ लगाए थे, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें गैरकानूनी करार देकर रद्द कर दिया। अब ट्रंप प्रशासन ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 का सहारा लेकर भारत, चीन समेत 16 देशों के खिलाफ नई ट्रेड जांच शुरू की है। USTR जेमिसन ग्रीर के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक जनता की टिप्पणियां ली जाएंगी, मई में सुनवाई होगी और जुलाई तक नए टैरिफ लगाने का रास्ता साफ हो सकता है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट और व्यापार अस्थिरता पहले से चरम पर है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Trump Tariff on India: ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन समेत 16 देशों के खिलाफ Section 301 के तहत नई ट्रेड जांच शुरू की।
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पहले टैरिफ गैरकानूनी बताकर रद्द किया था, अब ट्रंप ने 1974 ट्रेड एक्ट का कानूनी रास्ता अपनाया।
- USTR जेमिसन ग्रीर ने कहा कि लक्ष्य अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करना है, दो अलग-अलग जांचों का ऐलान किया गया।
- जनता की टिप्पणियां 15 अप्रैल 2026 तक, सुनवाई मई में और गर्मियों तक नए टैरिफ लगने का रास्ता साफ हो सकता है।








