Today in History 16 March: इतिहास के पन्नों में 16 मार्च की तारीख बेहद खास है। इस दिन ऐसी अनगिनत घटनाएं घटीं जिन्होंने दुनिया की दिशा और दशा दोनों बदल दीं। 1527 में इसी तारीख को बाबर ने खानवा के मैदान में राणा सांगा को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव मजबूत की। 1521 में फर्डिनेंड मैगलन ने प्रशांत महासागर पार करके फिलीपींस की खोज की। 1926 में दुनिया का पहला लिक्विड फ्यूल रॉकेट लॉन्च हुआ और 1968 में वियतनाम में माई लाई नरसंहार ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। आइए विस्तार से जानते हैं 16 मार्च को इतिहास में क्या-क्या हुआ।
597 ईसा पूर्व: बेबीलोन ने जेरूसलम पर किया कब्जा
Today in History 16 March की सबसे प्राचीन घटनाओं में से एक 597 ईसा पूर्व की है, जब बेबीलोन ने जेरूसलम पर कब्जा कर लिया। बेबीलोन के शासक ने राजा जेहोइआचिन को हटाकर ज़ेडेकिया को नया राजा नियुक्त किया। यह घटना यहूदी इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है, जिसने आगे चलकर बेबीलोन की बंदिवास (Babylonian Captivity) की नींव रखी।
1521: मैगलन ने फिलीपींस पहुंचकर रचा इतिहास
Today in History 16 March में 1521 का साल बेहद अहम है। पुर्तगाली नाविक फर्डिनेंड मैगलन ने प्रशांत महासागर को पार करते हुए फिलीपींस के होमोनहोन द्वीप पर कदम रखा। यह मानव इतिहास की सबसे साहसिक समुद्री यात्राओं में से एक थी। मैगलन का यह अभियान पृथ्वी की पहली परिक्रमा (circumnavigation) का हिस्सा था, जिसने साबित किया कि पृथ्वी गोल है। हालांकि मैगलन खुद इस यात्रा को पूरा नहीं कर पाए क्योंकि फिलीपींस में ही एक स्थानीय युद्ध में उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनके चालक दल ने इस ऐतिहासिक यात्रा को पूरा किया।
1527: खानवा का युद्ध, जब बाबर ने राणा सांगा को हराया
Today in History 16 March में भारतीय इतिहास की एक निर्णायक घटना 1527 में दर्ज है। खानवा का युद्ध इसी दिन लड़ा गया, जिसमें मुगल शासक बाबर ने राजपूत संघ के नेता राणा सांगा को करारी शिकस्त दी। बाबर की तोपखाने (आर्टिलरी) की ताकत ने इस युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई। इस जीत के बाद बाबर ने दुश्मन सैनिकों के सिरों का एक बड़ा ढेर बनवाया, जो उस युग की क्रूरता को दर्शाता है।
यह युद्ध इसलिए अहम था क्योंकि पानीपत की पहली लड़ाई (1526) के बाद भी बाबर का भारत में शासन पूरी तरह स्थापित नहीं हुआ था। खानवा की जीत ने मुगल साम्राज्य की नींव को पक्का कर दिया और अगले तीन सौ से अधिक वर्षों तक भारत के इतिहास को प्रभावित किया।
1792: डेनमार्क ने दास व्यापार पर लगाया दुनिया का पहला प्रतिबंध
Today in History 16 March में 1792 की एक ऐतिहासिक घटना मानवता के इतिहास में मील का पत्थर है। डेनमार्क दुनिया का पहला देश बना जिसने ट्रांसअटलांटिक दास व्यापार पर प्रतिबंध लगाया। हालांकि यह प्रतिबंध मुख्य रूप से आर्थिक कारणों से लगाया गया था और 1803 तक प्रभावी नहीं हुआ। इस बीच दास व्यापारियों ने और तेजी से व्यापार किया और उन्हें सरकारी आर्थिक सहायता भी मिली। अनुमान है कि डेनमार्क के झंडे तले करीब 1,20,000 अफ्रीकी लोगों को गुलाम बनाकर अफ्रीका से वेस्ट इंडीज ले जाया गया।
1802: अमेरिकी सैन्य अकादमी वेस्ट पॉइंट की स्थापना
Today in History 16 March में 1802 में अमेरिकी कांग्रेस के एक अधिनियम के तहत वेस्ट पॉइंट में अमेरिका की पहली सैन्य अकादमी की स्थापना हुई, जो 4 जुलाई 1802 को औपचारिक रूप से खुली। इसी दिन अमेरिकी आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स की भी दूसरी बार स्थापना की गई। वेस्ट पॉइंट आज भी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य शिक्षण संस्थाओं में गिनी जाती है।
1867: जोसेफ लिस्टर ने दुनिया को दिया एंटीसेप्टिक सर्जरी का ज्ञान
Today in History 16 March में चिकित्सा विज्ञान की एक क्रांतिकारी घटना 1867 में दर्ज है। ब्रिटिश सर्जन जोसेफ लिस्टर ने “द लांसेट” पत्रिका में एक लेख प्रकाशित कर पहली बार एंटीसेप्टिक सर्जरी की खोज को दुनिया के सामने रखा। इससे पहले सर्जरी के बाद संक्रमण से मरने वालों की संख्या बहुत अधिक थी। लिस्टर की इस खोज ने सर्जरी को सुरक्षित बनाया और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की नींव रखी। आज जो भी ऑपरेशन थिएटर में स्टेरिलाइजेशन होता है, उसकी शुरुआत लिस्टर की इसी खोज से हुई।
1882: अमेरिकी सीनेट ने जिनेवा कन्वेंशन को मंजूरी दी
Today in History 16 March में 1882 में अमेरिकी सीनेट ने 1864 के जिनेवा कन्वेंशन को मंजूरी दी, जिसने अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस और अमेरिकन रेड क्रॉस को कानूनी मान्यता प्रदान की। यह निर्णय युद्ध के समय घायल सैनिकों की देखभाल और मानवीय सहायता के लिए अंतर्राष्ट्रीय नियमों की स्थापना में मील का पत्थर साबित हुआ।
1926: दुनिया का पहला लिक्विड फ्यूल रॉकेट लॉन्च
Today in History 16 March में अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक 1926 में घटी। अमेरिकी वैज्ञानिक रॉबर्ट एच. गोडार्ड ने दुनिया का पहला तरल ईंधन (लिक्विड फ्यूल) संचालित रॉकेट लॉन्च किया। यह रॉकेट 184 फीट (56 मीटर) की ऊंचाई तक गया। भले ही यह ऊंचाई बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन इसी छोटी उड़ान ने आगे चलकर अंतरिक्ष युग की शुरुआत की नींव रखी। आज जो भी रॉकेट चांद, मंगल या अंतरिक्ष के किसी भी कोने में जाते हैं, उन सबकी शुरुआत गोडार्ड के इसी प्रयोग से हुई थी।
1935: हिटलर ने वर्साय संधि का उल्लंघन कर जर्मनी का पुनर्शस्त्रीकरण शुरू किया
Today in History 16 March में 1935 में एडॉल्फ हिटलर ने वर्साय की संधि का खुला उल्लंघन करते हुए जर्मनी के पुनर्शस्त्रीकरण (German Rearmament) का आदेश दिया। प्रथम विश्व युद्ध के बाद वर्साय संधि के तहत जर्मनी की सैन्य शक्ति पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। हिटलर के इस कदम ने द्वितीय विश्व युद्ध की ओर जाने वाली राह को और तेज कर दिया और यूरोप में तनाव चरम पर पहुंच गया।
1966: जेमिनी 8 की लॉन्चिंग, नील आर्मस्ट्रांग की ऐतिहासिक उड़ान
Today in History 16 March में 1966 की एक और अंतरिक्ष संबंधी महत्वपूर्ण घटना दर्ज है। नासा ने जेमिनी 8 मिशन लॉन्च किया, जिसमें नील आर्मस्ट्रांग और डेविड आर. स्कॉट सवार थे। इस मिशन ने अंतरिक्ष में दो अंतरिक्ष यानों की पहली डॉकिंग (जोड़ना) सफलतापूर्वक पूरी की, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
हालांकि मिशन के दौरान एक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उड़ान को बीच में ही रोकना पड़ा। लेकिन आर्मस्ट्रांग की सूझबूझ से चालक दल सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आया। यही नील आर्मस्ट्रांग तीन साल बाद 1969 में चांद पर कदम रखने वाले पहले इंसान बने।
1968: माई लाई नरसंहार, वियतनाम युद्ध का सबसे काला अध्याय
Today in History 16 March में 1968 की सबसे दर्दनाक घटना माई लाई नरसंहार है। अमेरिकी सैनिकों ने वियतनाम के माई लाई गांव में करीब 400 निहत्थे नागरिकों की हत्या कर दी। इस नरसंहार में बूढ़े, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल थे। यह वियतनाम युद्ध की सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक है, जिसने पूरी दुनिया में अमेरिका के खिलाफ आक्रोश पैदा किया और युद्ध विरोधी आंदोलन को और मजबूत कर दिया।
1988: हलबजा पर रासायनिक हमला, इतिहास का सबसे बड़ा केमिकल अटैक
Today in History 16 March में 1988 में इराकी सेना ने कुर्दिश शहर हलबजा पर रासायनिक हथियारों से हमला किया, जिसमें 5,000 निर्दोष नागरिक मारे गए। यह इतिहास का सबसे बड़ा रासायनिक हथियार हमला था। सद्दाम हुसैन के शासन में हुए इस नरसंहार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध माना।
2014: क्रीमिया में जनमत संग्रह, रूस में विलय का फैसला
Today in History 16 March में 2014 में क्रीमिया के मतदाताओं ने भारी बहुमत से यूक्रेन छोड़कर रूस में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया। इस जनमत संग्रह की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने व्यापक निंदा की और इसे अवैध करार दिया। यह घटना 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि का एक अहम हिस्सा बनी।
2020: कोविड-19 ने बदली दुनिया, फ्रांस में लॉकडाउन, डाउ जोन्स में ऐतिहासिक गिरावट
Today in History 16 March में 2020 की तारीख कोविड-19 महामारी के इतिहास में बेहद अहम है। इसी दिन लंदन इंपीरियल कॉलेज की स्टडी ने चेताया कि माइग्रेशन अप्रोच से ब्रिटेन में 2,50,000 और अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा मौतें हो सकती हैं, जिसके बाद दोनों देशों ने अपनी रणनीति बदली। फ्रांस ने राष्ट्रीय लॉकडाउन का आदेश दिया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,997 अंक यानी 12.9% गिरा, जो उसकी इतिहास की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट थी। दुनिया भर में कोविड-19 के संक्रमण और मौतों ने पहली बार चीन के आंकड़ों को पार कर लिया।
2022: ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस को किया संबोधित
Today in History 16 March में 2022 की एक बेहद भावनात्मक घटना दर्ज है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी आक्रमण के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया और अधिक सैन्य सहायता की गुहार लगाई। उनका यह संबोधन अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के इतिहास में एक यादगार पल बन गया।
2025: उत्तर मेसिडोनिया में नाइटक्लब में आग, 59 की मौत
Today in History 16 March में 2025 में उत्तर मेसिडोनिया के कोचानी शहर में एक नाइटक्लब में आतिशबाजी उपकरणों (pyrotechnic devices) से लगी आग में कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई और 155 से अधिक लोग घायल हुए। यह त्रासदी उस समय हुई जब नाइटक्लब में एक कॉन्सर्ट चल रहा था। इसी दिन एशियन फिल्म अवार्ड्स में भारतीय फिल्मकार पायल कपाड़िया की फिल्म “ऑल वी इमेजिन एज लाइट” ने बेस्ट फिल्म का पुरस्कार जीता।
16 मार्च को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व
Today in History 16 March को कई महान हस्तियों ने जन्म लिया। अमेरिका के चौथे राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन (1751), जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज ओम (1789) जिनके नाम पर विद्युत प्रतिरोध की इकाई “ओम” रखी गई, ब्रिटिश खगोलशास्त्री कैरोलीन हर्शेल (1750) जो अपने समय की अग्रणी महिला वैज्ञानिक थीं, अमेरिकी कॉमेडियन जेरी लुईस (1926), इतालवी फिल्म निर्देशक बर्नार्डो बर्तोलुची (1941), फ्रेंच अभिनेत्री इसाबेल उपेर (1953), अमेरिकी अभिनेत्री एलेक्जेंड्रा डैडारियो (1986) और NBA स्टार जोएल एम्बीड (1994) का जन्म इसी दिन हुआ।
भारतीय इतिहास से जुड़े नामों में पोट्टी श्रीरामुलु (1901) का जन्म भी 16 मार्च को हुआ, जिन्हें “आंध्र का पिता” कहा जाता है। उन्होंने अलग तेलुगु भाषी राज्य के लिए 56 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल की थी। फ्रांस के सबसे युवा और पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री गैब्रियल अत्ताल (1989) का जन्म भी इसी दिन हुआ।
16 मार्च को हुए प्रमुख निधन
Today in History 16 March को कई प्रमुख हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा। 455 में रोमन सम्राट वैलेंटीनियन तृतीय की हत्या कर दी गई। 1736 में इतालवी बैरोक संगीतकार जियोवानी बत्तिस्ता पेर्गोलेसी का मात्र 26 वर्ष की आयु में तपेदिक से निधन हो गया। 1970 में अमेरिकी सोल गायिका टैमी टेरेल का मात्र 24 वर्ष की आयु में ब्रेन ट्यूमर से निधन हुआ, जो मार्विन गेय के साथ “Ain’t No Mountain High Enough” गाने के लिए मशहूर थीं।
2003 में अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता रेचल कोरी की मात्र 23 वर्ष की आयु में फिलिस्तीन में इजराइली बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध करते समय मृत्यु हो गई। 2025 में बेल्जियम की अभिनेत्री एमिली डेक्वेने (43) का कैंसर से निधन हुआ, जो “रोज़ेटा” फिल्म के लिए जानी जाती थीं। अमेरिकी फोक-रॉक गायक-गीतकार जेसी कॉलिन यंग (83) का भी 2025 में निधन हुआ, जो “गेट टुगेदर” गाने के लिए प्रसिद्ध थे।
मुख्य बातें (Key Points)
- 1527 में खानवा का युद्ध हुआ जिसमें बाबर ने राणा सांगा को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य मजबूत किया। 1521 में मैगलन ने फिलीपींस की खोज की और 1792 में डेनमार्क ने दुनिया में पहली बार दास व्यापार पर प्रतिबंध लगाया।
- 1926 में रॉबर्ट गोडार्ड ने दुनिया का पहला लिक्विड फ्यूल रॉकेट लॉन्च किया। 1966 में नील आर्मस्ट्रांग सवार जेमिनी 8 ने अंतरिक्ष में पहली डॉकिंग की। 1867 में जोसेफ लिस्टर ने एंटीसेप्टिक सर्जरी की खोज प्रकाशित की।
- 1968 में वियतनाम के माई लाई में अमेरिकी सैनिकों ने करीब 400 निहत्थे नागरिकों की हत्या की। 1988 में इराक ने हलबजा पर इतिहास का सबसे बड़ा रासायनिक हमला किया जिसमें 5,000 लोग मारे गए।
- 2020 में कोविड-19 के कारण डाउ जोन्स में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई, फ्रांस ने लॉकडाउन लगाया। 2022 में ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया। 2025 में उत्तर मेसिडोनिया में नाइटक्लब आग में 59 की मौत हुई।








