The Hundred Auction को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। सदर्न ब्रेव्स के हेड कोच हेमांग बडानी ने स्वीकार किया है कि उनकी फ्रेंचाइजी की शॉर्टलिस्ट में पाकिस्तानी खिलाड़ी भी शामिल थे, लेकिन अंत में उन्होंने किसी भी पाकिस्तानी क्रिकेटर को नहीं खरीदा। बडानी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब Kavya Maran की टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने का फैसला भारत में बहस का मुद्दा बन गया है। वहीं हारिस रऊफ जैसे पाकिस्तानी खिलाड़ियों की The Hundred में भागीदारी को लेकर भी चर्चा जारी है।
बडानी बोले: लिस्ट में थे पाकिस्तानी खिलाड़ी, लेकिन टीम बैलेंस पहले
The Hundred Auction में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर हेमांग बडानी ने साफ शब्दों में कहा कि “हमारी लिस्ट में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी थे।” लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदर्न ब्रेव्स की रणनीति पूरी तरह से टीम बैलेंस पर आधारित थी, न कि किसी बाहरी दबाव या नैरेटिव पर।
बडानी ने कहा कि “मुख्य बात यह है कि हम सबसे बेहतरीन स्क्वॉड बनाने पर ध्यान दे रहे थे। और जो सबसे अच्छा स्क्वॉड हमें लगा, उसी दिशा में हम आगे बढ़े।” उनका यह बयान दर्शाता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न खरीदने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से क्रिकेट और टीम संरचना से जुड़ा फैसला था।
Kavya Maran की टीम में Abrar Ahmed की एंट्री पर मचा बवाल
The Hundred Auction में सबसे बड़ा विवाद Kavya Maran की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी लेग स्पिनर Abrar Ahmed को अपने स्क्वॉड में शामिल करने को लेकर खड़ा हुआ है। भारत में इस फैसले पर जमकर बहस छिड़ गई है। ईरान–इजराइल युद्ध के बीच जब अंतरराष्ट्रीय तनाव पहले से ही चरम पर है, तब एक भारतीय मालिक की टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदना कई लोगों को रास नहीं आया।
वहीं Haris Rauf जैसे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज भी The Hundred में पहले से खेलते रहे हैं। लेकिन Kavya Maran का नाम जुड़ने से यह मामला भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच और ज्यादा संवेदनशील हो गया, क्योंकि वह IPL की सनराइजर्स हैदराबाद टीम की भी मालकिन हैं।
सदर्न ब्रेव्स ने कैसे बनाई अपनी टीम: बडानी ने बताई पूरी रणनीति
The Hundred Auction में सदर्न ब्रेव्स की रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए हेमांग बडानी ने कहा कि उनकी टीम में पहले से ही दक्षिण अफ्रीका के ट्रिस्टन स्टब्स और ऑस्ट्रेलिया के मार्कस स्टोइनिस जैसे विदेशी खिलाड़ी मौजूद थे। ऐसे में टीम को या तो एक विदेशी स्पिनर की जरूरत थी या फिर एक स्थानीय स्पिनर की।
अंततः टीम ने इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद को अपने स्क्वॉड में शामिल किया। बडानी ने कहा कि “हमने आदिल रशीद को लिया और फिर ऑलराउंडर के तौर पर निखिल चौधरी को चुना। कुल मिलाकर हम यह सुनिश्चित कर रहे थे कि हम हर पोजीशन पर सबसे बेहतरीन खिलाड़ी चुनें।”
ऑक्शन में अनुशासन और धैर्य सबसे जरूरी: बडानी
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर हेमांग बडानी ने The Hundred Auction की प्रक्रिया के बारे में एक बहुत अहम बात कही। उन्होंने कहा कि “ऑक्शन में सबसे जरूरी चीज है अनुशासन और अपनी योजना पर टिके रहना। भले ही आपको लगे कि ऑक्शन उस दिशा में नहीं जा रहा जिस दिशा में आप चाहते थे, फिर भी आपको धैर्य रखना होगा और तेजी से अनुकूलन करना होगा।”
बडानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि “जिस पल आप घबराना शुरू करते हैं, चीजें गलत हो सकती हैं।” यह सलाह न सिर्फ The Hundred बल्कि IPL और दुनिया की हर क्रिकेट लीग के ऑक्शन पर लागू होती है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी फ्रेंचाइजी ऑक्शन में अपने सभी टारगेट खिलाड़ियों को नहीं पा सकती। बडानी ने कहा कि “अगर आप अपने 70-75% खिलाड़ी या जरूरी स्किल सेट हासिल कर लेते हैं, तो आप खुश होंगे।”
क्रिस जॉर्डन की वापसी: घरेलू मैदान का जानकार
The Hundred Auction में सदर्न ब्रेव्स ने एक जाना-पहचाना नाम भी वापस लाया। तेज गेंदबाज क्रिस जॉर्डन को टीम में फिर से शामिल किया गया, जो टीम के होम वेन्यू यूटिलिटा बाउल के पुराने खिलाड़ी हैं। बडानी ने कहा कि “हम वाकई मानते हैं कि क्रिस जॉर्डन हमारे लिए बहुत कीमती हैं। वह पहले भी ब्रेव्स के लिए खेल चुके हैं, यहां अच्छा प्रदर्शन किया है और परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं।”
घरेलू मैदान की परिस्थितियों को समझने वाला एक अनुभवी गेंदबाज किसी भी टी-20 या शॉर्ट फॉर्मेट टीम के लिए बेहद कीमती होता है और सदर्न ब्रेव्स ने इसी सोच के साथ जॉर्डन को वापस लिया।
डेविड मिलर की खरीद को बडानी ने बताया ‘सौदा’
The Hundred Auction में सदर्न ब्रेव्स का एक और बड़ा दांव दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज डेविड मिलर की खरीद है। बडानी पहले दिल्ली कैपिटल्स में मिलर के साथ काम कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला पुरानी जान-पहचान से ज्यादा सामरिक था।
बडानी ने कहा कि “हम एक ऐसे बाएं हाथ के बल्लेबाज की तलाश में थे जो मैच फिनिश कर सके और मिडल और डेथ ओवरों में स्पिन को अच्छे से खेल सके। मिलर जैसे खिलाड़ी को जिस कीमत पर हमने हासिल किया, वह एक सौदा (steal) था।” मिलर अपनी मैच फिनिशिंग क्षमता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं और उनका अनुभव सदर्न ब्रेव्स के मिडल ऑर्डर को मजबूती देगा।
भविष्य पर नजर: इंग्लैंड U-19 के थॉमस रीव पर लगाया दांव
सदर्न ब्रेव्स ने सिर्फ वर्तमान के बारे में नहीं बल्कि भविष्य के बारे में भी सोचा। टीम ने इंग्लैंड अंडर-19 के युवा क्रिकेटर थॉमस रीव को भी अपने स्क्वॉड में शामिल किया। बडानी ने बताया कि उन्होंने रीव को अंडर-19 विश्व कप में लाइव खेलते देखा था और उनकी बैटिंग से बेहद प्रभावित हुए।
बडानी ने कहा कि “मैंने उन्हें अंडर-19 विश्व कप के दौरान लाइव देखा और मुझे लगा कि उन्होंने बहुत खूबसूरती से बैटिंग की। वह गेंद को अच्छे से स्ट्राइक करते हैं और हमें लगता है कि वह भविष्य के खिलाड़ी हैं।” यह पिक दर्शाती है कि सदर्न ब्रेव्स सिर्फ मौजूदा सीजन ही नहीं बल्कि आने वाले सालों की भी तैयारी कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सदर्न ब्रेव्स के कोच हेमांग बडानी ने स्वीकार किया कि The Hundred Auction में पाकिस्तानी खिलाड़ी शॉर्टलिस्ट में थे, लेकिन टीम बैलेंस को देखते हुए किसी को नहीं खरीदा।
- Kavya Maran की टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा Abrar Ahmed की खरीद पर भारत में बहस जारी, Haris Rauf जैसे पाकिस्तानी खिलाड़ी भी चर्चा में।
- सदर्न ब्रेव्स ने आदिल रशीद, डेविड मिलर, क्रिस जॉर्डन और युवा थॉमस रीव को खरीदा, बडानी ने मिलर को “सौदा” बताया।
- बडानी ने कहा कि ऑक्शन में अनुशासन और धैर्य सबसे जरूरी है, 70-75% टारगेट मिल जाएं तो खुश होना चाहिए।








