Swami Avimukteshwaranand FIR: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने झूंसी थाना पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज कोर्ट में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 173/34 के तहत एक अर्जी दाखिल की थी। इसमें नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। इस अर्जी में कहा गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य ने नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण किया है। कोर्ट ने 13 फरवरी को इस मामले में सुनवाई शुरू की थी और आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिग बच्चों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए थे।
आज यानी 21 फरवरी को इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए। कोर्ट ने साफ कहा कि झूंसी थाना पुलिस तुरंत एफआईआर दर्ज कर इस पूरे मामले की विवेचना शुरू करे। अब इस मामले में क्रिमिनल प्रोसीडिंग शुरू हो गई है।
क्या है मामले की संवेदनशीलता?
चूंकि यह मामला पॉक्सो (POCSO) कोर्ट से जुड़ा है और इसमें नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोप हैं, इसलिए यह बेहद संवेदनशील हो जाता है। पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप साबित होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसे में अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक सकती है।
हालांकि, पहले एफआईआर दर्ज होगी, फिर पुलिस सबूत जुटाएगी और विवेचना करेगी। विवेचना के दौरान अगर पुलिस को पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या पहले भी विवादों में रहे हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले काफी समय से विवादों में हैं। पहले उनके शंकराचार्य पद को लेकर विवाद चला, फिर संतों के अपमान का मसला उठा। अब यौन शोषण के इस मामले ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। माघ मेले के दौरान भी वह कई बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे थे।
अब आगे क्या होगा?
कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी होगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आशुतोष ब्रह्मचारी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज करेगी। साथ ही, जिन दो नाबालिग बच्चों के बयान कोर्ट में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज हुए हैं, उनके आधार पर आगे की जांच की जाएगी। पुलिस जांच के बाद अगर आरोप सही पाए गए, तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रयागराज की POCSO कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए।
यह आदेश नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोपों पर आया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में अर्जी देकर यह आरोप लगाए थे।
कोर्ट में दोनों नाबालिग बच्चों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए जा चुके हैं।
अब झूंसी थाना पुलिस FIR दर्ज कर मामले की विवेचना करेगी।








