Supreme Court on Ranveer Allahbadia Case: इंडियाज गॉट लैटेंट (India’s Got Latent) विवाद को लेकर रणवीर इलाहाबादिया (Ranveer Allahbadia) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई। भले ही कोर्ट से उन्हें राहत मिली हो, लेकिन न्यायालय ने उनके बयान पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। जस्टिस सूर्यकांत (Justice Suryakant) और एम कोटिश्वर सिंह (Justice M. Kotiwar Singh) ने कहा कि रणवीर के शब्द समाज के लिए शर्मनाक हैं।
SC ने क्या कहा? 10 कड़े बयान जो सुनकर रणवीर रह गए सन्न!
- “बहनें होंगी शर्मिंदा” – जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “आपने जो शब्द चुने हैं, उनसे आपके माता-पिता और बहनें शर्मिंदा होंगी। पूरा समाज आपके बयान से आहत हुआ है।”
- “विकृत मानसिकता” – कोर्ट ने कहा, “आपके शब्दों में विकृति झलकती है। यह एक जिम्मेदार व्यक्ति की सोच नहीं हो सकती।”
- “चीप पब्लिसिटी के लिए ऐसी भाषा?” – जस्टिस ने टिप्पणी की, “अगर आप सस्ती लोकप्रियता (Cheap Publicity) के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो समाज में गलत संदेश जाएगा।”
- “शर्म आनी चाहिए” – कोर्ट ने कहा, “आपको इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि आपने अपने माता-पिता और समाज के साथ क्या किया है।”
- “हम आइवरी टावर में नहीं रहते” – न्यायधीशों ने कहा, “हमें पता है कि आपने यह कंटेंट कहां से चुराया है। हम धरातल की सच्चाई से वाकिफ हैं।”
- “पुलिस सुरक्षा देगी” – कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि यदि पुलिस रणवीर से पूछताछ करेगी, तो उन्हें पूरी सुरक्षा भी दी जाएगी।
- “विकृत भाषा का प्रयोग” – कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा, “आपने पूरी तरह से गलत और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया है। कानून को अपना काम करने दें।”
- “अश्लीलता का मापदंड क्या?” – रणवीर के वकील से कोर्ट ने पूछा, “आपके हिसाब से अश्लीलता और फूहड़ता का कोई मापदंड है या नहीं?”
- “दिमाग में गंदगी भरी है” – SC ने कहा, “आपके शब्दों से साफ पता चलता है कि आपके विचार दूषित हैं। यह बयान अस्वीकार्य है।”
- “अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर सबकुछ जायज नहीं” – कोर्ट ने कहा, “फ्रीडम ऑफ स्पीच (Freedom of Speech) का मतलब यह नहीं कि समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए।”
कोर्ट ने क्यों दिया इतना सख्त बयान?
रणवीर इलाहाबादिया ने अपने शो में कुछ ऐसे विवादित बयान दिए थे, जिन्हें लेकर समाज में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि सार्वजनिक मंच पर किसी को भी असभ्य भाषा का उपयोग करने की छूट नहीं है।
क्या होगा रणवीर इलाहाबादिया का अगला कदम?
सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार के बाद रणवीर और उनकी लीगल टीम अब अपने अगले कदम पर विचार कर रही है। इस मामले में पुलिस जांच भी जारी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट आगे क्या निर्णय लेती है।