नई दिल्ली, 01अगस्त (The News Air): सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बेहद अहम फैसले में SC/ST आरक्षण में जाति आधारित आरक्षण को संभव बताया है। शीर्ष अदालत ने ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश मामले वाले फैसले को बदलते हुए ये आदेश दिया। जस्टिस बीआर गवई ने फैसला लिखते हुए कहा कि ईवी चिन्नैया फैसले मामले में कुछ खामियां थीं। यहां आर्टिकल 341 को समझने की जरूरत है जो सीटों पर आरक्षण की बात करता है। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि आर्टिकल 341 और 342 आरक्षण के मामले को डील नहीं करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोटे में कोटा समानता के खिलाफ नहीं है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने 6-1 के बहुमत से फैसला सुनाया है।
जस्टिस बेला त्रिवेदी ने बहुमत के फैसले से अलग राय दी। उन्होंने अपने फैसले में लिखा कि मैं बहुमत के फैसले से अलग राय रखती हूं। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं जिस तरीके से तीन जजों की बेंच ने इस मामले को बड़ी बेंच को भेजा था। तीन जजों की पीठ ने बिना कोई कारण बताए ऐसा किया था।








