Sukhpal Khaira Buldozer Action : कपूरथला जिले के रामगढ़ गांव में अपने पुश्तैनी घर के हिस्से को गिराए जाने के एक दिन बाद, सीनियर कांग्रेस नेता और भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी की “बुलडोजर (पीला-पंजा) राजनीति” की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को आजादी और लोकतंत्र पर हमला करार दिया।
खैरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने, आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के इशारों पर, पंजाब में आलोचना और लोकतांत्रिक असहमति की आवाजों को दबाने के लिए इस खतरनाक परंपरा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि उनके गांव में स्थित उनके पूर्वजों का घर, जहां उनका परिवार पिछले 200 साल से अधिक समय से रह रहा है, जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल का इस्तेमाल करके गैरकानूनी ढंग से गिरा दिया।
क्या बोले सुखपाल खैरा?
खैरा ने आरोप लगाया कि तोड़फोड़ से पहले न तो उन्हें कोई नोटिस दिया गया और न ही सुनवाई का कोई मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बजाय, मुख्यमंत्री भगवंत मान के गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित हुक्मों पर कार्रवाई करते हुए, कपूरथला के एसएसपी ने खुद भारी पुलिस बल तैनात करके इस तोड़फोड़ अभियान की निगरानी की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास संपत्ति के सभी दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं और उनके गांव वाली संपत्ति का एक इंच भी न तो गैरकानूनी है और न ही बिना मंजूरी के बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मेरे पूर्वजों का 200 साल पुराना घर है। यह कोई अवैध निर्माण नहीं है। बिना नोटिस, बिना सुनवाई के यह कार्रवाई की गई है।”
पुलिस राज और बदले की राजनीति
आप सरकार पर हमला बोलते हुए खैरा ने कहा कि भगवंत मान ने पंजाब को पुलिस स्टेट में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा, “कथित झूठे पुलिस मुकाबले, गरीब लोगों के घरों को गैंगस्टर या नशा तस्कर बता कर ढाहना और राजनीतिक बदले की भावना से पुलिस मशीनरी की बढ़ती दुर्व्यवहार इसकी साफ मिसालें हैं।”
उन्होंने बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव से जुड़ी हालिया घटना का भी जिक्र किया, जिसमें बीकेयू (उग्राहां) से जुड़े किसान चरनजीत सिंह के साथ कथित तौर पर की गई बेरहमी से कुटाई को उन्होंने सूबे में चल रहे पुलिस राज की ताजा मिसाल करार दिया।
खैरा ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी सरकार की लोक-विरोधी नीतियों और नाकामियों के खुले आलोचक हैं, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार झूठे केसों, गिरफ्तारियों और कैद के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे खैरा
कानूनी कार्रवाई का एलान करते हुए खैरा ने कहा कि वह जल्द ही अपनी कानूनी जायदाद की गैरकानूनी तोड़फोड़ के खिलाफ माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले को आखिरी नतीजे तक लेकर जाऊंगा और इस गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार सभी दोषी पुलिस और अधिकारियों को कानून के मुताबिक सजा दिलवाऊंगा।”
खैरा ने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग राज्य मशीनरी, धमकियों और बुलडोजर राजनीति के जरिए लोकतांत्रिक विरोध और असहमति को कुचलने की किसी भी कोशिश को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मेरे घर पर हमला नहीं है, यह लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है।”
मुख्य बातें (Key Points)
सुखपाल खैरा ने अपने पुश्तैनी घर के हिस्से को गिराए जाने की कड़ी निंदा की।
आरोप लगाया कि बिना नोटिस और सुनवाई के की गई यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
कहा कि 200 साल पुरानी उनकी पैतृक संपत्ति पूरी तरह कानूनी है, सबूत मौजूद हैं।
जल्द ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे और दोषी अधिकारियों को सजा दिलाएंगे।








