Sukhjinder Randhawa Punjab Law and Order : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब का मुख्यमंत्री डरपोक है और पंजाब को ऐसे समझदार और दिलेर नेता की जरूरत है जो बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधार सके और नशे की वजह से बर्बाद हो रहे परिवारों को बचा सके।
पंजाब की धरती पर लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे की महामारी के बीच कांग्रेस का यह हमला तीखा और सीधा था। रंधावा के भाषण में न कोई राजनीतिक लफ्फाजी थी, न कोई घुमावदार बात, बस एक सीधा सवाल था कि पंजाब के मुख्यमंत्री आखिर राज्य की इस दर्दनाक तस्वीर को देख क्यों नहीं रहे?
‘CM मान डरपोक हैं, पंजाब को चाहिए दिलेर नेता’
रंधावा ने बेबाकी से कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंजाब की कोई फिक्र नहीं है। उनका कहना था कि एक डरपोक मुख्यमंत्री के बस का नहीं है कि वह पंजाब में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाए। पंजाब को एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो न केवल समझदार हो, बल्कि दिलेर भी हो, जो अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ बिना डरे कड़ी कार्रवाई कर सके।
उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ज्यादातर समय अस्पतालों में ही बिताते हैं। मोगा की रैली में भी वे अस्पताल से आए और वापस अस्पताल चले गए, जैसे कोई कैदी पैरोल पर बाहर निकलकर वापस लौट जाता है।
‘पिता अपने जवान बेटों की अर्थी उठा रहे हैं’
रंधावा का सबसे भावनात्मक और दिल को छू लेने वाला बयान नशे की समस्या पर था। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज हालात इतने बुरे हैं कि नशे की वजह से नौजवान मौत का ग्रास बन रहे हैं और बूढ़े बाप अपने जवान बेटों की अर्थियों को कंधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इन पिताओं का दर्द कभी नहीं समझ पाएंगे। सरकार को इस दर्द को महसूस करके नशे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
‘गुरदासपुर में ₹7 करोड़ की डकैती, पुलिस घंटों बाद पहुंची’
रंधावा ने आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज से सालों पहले आतंकवाद के दौर में पंजाब में ₹7 करोड़ की डकैती हुई थी और आज फिर गुरदासपुर में AAP सरकार के कार्यकाल में ₹7 करोड़ की बड़ी डकैती हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस उस दौरान सो रही थी। घटना के घंटों बाद पुलिस मौके पर पहुंची और SSP शहर में मौजूद होने के बावजूद घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। यह पंजाब पुलिस की संवेदनहीनता और सरकार की विफलता का सबसे बड़ा सबूत है।
‘मोगा में सरपंच की गोली मारकर हत्या’
रंधावा ने यह भी बताया कि उसी दिन मोगा में एक सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं और आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में हैं। जबकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
‘पुलिसिंग मजबूत करो, नशा पीड़ितों का पुनर्वास करो’
पूर्व उपमुख्यमंत्री रंधावा ने सरकार के सामने कुछ स्पष्ट मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए, नशा तस्करों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं और नशे से पीड़ित युवाओं तथा उनके परिवारों के लिए पुनर्वास और सहायता प्रणाली को ठोस तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है और रहेगी।
‘पंजाब की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?’
रंधावा का यह बयान केवल एक भाषण नहीं है, यह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की आहट भी है। कानून-व्यवस्था और नशे जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस जमीनी स्तर पर जनता के बीच जाने की कोशिश कर रही है। CM मान को “डरपोक” कहना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे AAP सरकार की छवि को कमजोर किया जा सके। मोगा सरपंच की हत्या और गुरदासपुर डकैती जैसी ताजा घटनाएं कांग्रेस के हाथ में ऐसे मुद्दे थमा रही हैं जिन्हें वह चुनाव तक जिंदा रख सकती है।
‘क्या है पृष्ठभूमि?’
पंजाब में AAP सरकार के चार साल पूरे होने को हैं। बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव की कोशिश की, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसी प्रदर्शन के दौरान रंधावा ने यह भाषण दिया। पंजाब में नशे की समस्या, बढ़ती आपराधिक घटनाएं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने CM भगवंत मान को “डरपोक मुख्यमंत्री” कहा, पंजाब के लिए दिलेर नेता की मांग की।
- गुरदासपुर में ₹7 करोड़ की डकैती और मोगा में सरपंच की हत्या को लेकर पुलिस और सरकार पर जमकर निशाना।
- नशे की वजह से युवाओं की मौत पर भावनात्मक बयान: “बूढ़े पिता जवान बेटों की अर्थी उठा रहे हैं।”
- रंधावा की मांग: पुलिसिंग मजबूत हो, नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई हो और नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास प्रणाली लागू हो।








